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चैती महोत्सव : अवधी लोकगीतों संग लावणी नृत्य ने बांधा समां

लखनऊ। श्रीराम लीला मैदान ऐशबाग में चल रहे भारतीय नववर्ष मेला व चैती महोत्सव 2022 की छठी सांस्कृतिक संध्या में अवधी लोकगीतों व लावणी नृत्य ने समां बांधा। संगीत से सजे कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. रचना श्रीवास्तव ने "सैइया मोरी छोड़ो न बहियां..." से की। रचना ने छुम छुम छूनना ना बाजे मइया, राम जी से पूछो और अम्बे माँ जग्दंबे माँ को सुनाकर श्रोताओं का मन मोहा।

अनीता सिंह ने अवध में राम, श्री राम जानकी बैठे हैं, राम तेरी पूजा करूंगी, होली खेलें मसाने मे और छाप तिलक सब छिनी को सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। वंशिका बाजपेयी ने गुरु वन्दना पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। गुरु की महत्ता से परिपूर्ण इस पेशकश के बाद निशी मिश्रा व साथी कलाकारों ने महिषासुर मर्दनी नृत्य नाटिका का अदभुत प्रदर्शन किया।
वासु कुमार और रोहित कुमार ने देवाश्री गणेश पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया तो नवेद व साथी कलाकारों ने कृष्णम मधुरम की रोचक प्रस्तुति दी। मुम्बई महाराष्ट्र की श्रद्धा सतविडकर के नृत्य निर्देशन में शिवंया माण्डवकर के गाए मराठी गीतों पर चैतन्य पाटिल, पल्लवी पाटिल, निभा झेम्से, अक्षय मालवलकर, पूजा चौधरी और तेजस्वी वाडेकर ने लावणी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी।

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