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चैती महोत्सव : "राम जी से पूछे जनकपुर की नारी..."

लखनऊ। श्रीरामलीला मैदान ऐशबाग में चल रहे भारतीय नववर्ष मेला व चैती महोत्सव 2022 की आठवीं सांस्कृतिक संध्या में वन्दना मिश्रा के लोकगीतों व गरबा नृत्य ने मंत्रमुग्ध किया। संगीत से सजे कार्यक्रम का आरम्भ वन्दना मिश्रा ने "घर घर बाजत बधैया...", "जन्मे अवध रघुराई कौशल्या...", "राम जी से पूछे जनकपुर की नारी...", "आओ आओ सखी टम मंगल..." जैसे लोकगीतों को सुनाकर माहौल राममय कर दिया। पंकज चौहान और सरिता चौहान के नृत्य निर्देशन में करण, अनुष्का, युवराज, शगुंया, मुकुल, तनु, जतिन, स्वधा, अतुल, राखी, आर्यन, अल्पना, संजय, वार्तिक और अनुज ने नारी शक्ति नृत्य नाटिका के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढाओ का संदेश दिया।

कार्यक्रम में संदीप शर्मा एण्ड ग्रुप के कलाकारों ने हरियाणवी नृत्य व भास्कर नाट्य कला मंदिर कोलकाता के कलाकारों ने देवी तुलसी नाटक की प्रस्तुति देकर तुलसी जी के महत्व से अवगत कराया। वर्व डांस स्टुडियो के कलाकारों ने विक्की राज के नृत्य निर्देशन में गुजराती नृत्य गरबा की मनोरम छटा बिखेरी। अन्नपूर्णा श्रीवास्तव ने अपनी सुमधुर आवाज में "जगदंबा घर में दियना बार आइले..." और अन्नपूर्णा ने "बाजे शहनाई अवध नगरी...", "राम नाम सुखदाई..." और "होरिया खेलें राम लला..." को सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
भक्ति भावना से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के बाद आरती चौधरी ने "एक राधा एक मीरा...", "श्याम तेरी बंसी...", "शिवनाथ तेरी महिमा..." और "ए मेरे वतन के लोगों..." को सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। चन्द्रेश पान्डेय ने "हमे निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण...", "राम नाम के हीरे मोती...", "सीता राम सीता राम सीता राम कहिए..." और ले चल अपनी नगरिया अवध बिहारी सांवरिया..." जैसे भजनों की बयार बहाई।

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