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लोकगीतों संग बिखरी नृत्य की अदभुत छटा, सन्त तुलसी सम्मान से सम्मानित हुए विनोद कुमार सिंह

लखनऊ। श्रीराम लीला मैदान में चल रहे भारतीय नववर्ष मेला व चैती महोत्सव 2022 की चौथी सांस्कृतिक संध्या में संजोली पान्डेय के लोकगीतों व श्रद्धा सतविडकर के लावणी नृत्य की मनोरम छटा बिखरी। मंगलवार को चौथी सांस्कृतिक सन्ध्या का उद्रघाटन बतौर मुख्य अतिथि मौजूद राकेश पाल (उपाध्यक्ष भाजपा उत्तर प्रदेश), विशिष्ट अतिथि आशा मौर्य (विधायक महमूदाबाद सीतापुर) ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर श्रीराम लीला समिति के अध्यक्ष हरीश चन्द्र अग्रवाल, सचिव पंडित आदित्य द्विवेदी और मयंक रंजन ने प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, राम चरित मानस और स्मृति चिन्ह भेंटकर सन्त तुलसी सम्मान से सम्मानित किया।

संगीत से सजे कार्यकाम का शुभारम्भ संजोली पान्डेय ने देवी पचरा "खोला ना केवड़िया हे मयरिया हमरी ना..." से कर माहौल भक्तिमय कर दिया। संजोली ने अपनी खनकती हुई आवाज में "चैती-बीत गइले असो के फगुनवा हो रामा तोरे बिन बलमा...", "सासू कय बीनी डलरिया हो महुआ बीने जाबय...", "बलम भये गुलरी कय फुलवा...", "रामजी के भइले जनमवा मन झूमत बा..." और "अवध मा बाजे सखी आज बधईया..." को सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शुग्रा ने "घर में पधारो गजानन जी...", "सत्यम शिवम सुन्दरम...", "एक राधा एक मीरा...", "पायो जी मैने राम रतन धन पायो..." जैसे भक्ति गीतों को सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर किया।
मुम्बई महाराष्ट्र की श्रद्धा सतविडकर के नृत्य निर्देशन में शिवंया माण्डवकर के गाए मराठी गीतों पर चैतन्य पाटिल, पल्लवी पाटिल, निभा झेम्से, अक्षय  मालवलकर, पूजा चौधरी और तेजस्वी वाडेकर ने लावणी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। स्वर्धा म्यूज़िक एण्ड डांस अकेडमी के कलाकारों वर्निका श्रीवास्तव, एहसानी श्रीवास्तव, प्राची पान्डेय, वर्ड वर्मा, आमा चौधरी और रीनू पान्डेय ने "या देवी सर्वभुतेषू..." पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भगवती देवी दुर्गा के नौ रूपों के दर्शन कराए। भक्ति भावना से ओतप्रोत इस प्रस्तुति के उपरान्त हार्ट एण्ड सोल कलचरल सोसाइटी के कलाकारों आन्या पान्डेय, स्वरा त्रिपाठी, हरगम चोपड़ा, श्री वर्मा, वैष्णवी शुक्ला, भव्या श्रीवास्तव, आदया तिवारी ने राजस्थानी घूमर नृत्य की मनोरम छटा बिखेरी। 
पायनियर मोन्टेसरी इन्टर कालेज के अतुल, विराट, खुशी, उन्नति, कशिश, कोमल, विधा, देवांशी, रौशनी, वैष्णवी, दिशा, स्तुति सहित अन्य कलाकारों ने रीतिका श्रीवास्तव और अभिषेक श्रीवास्तव के निर्देशन में देश भक्ति गीत "तलवारों पर सिरवार किया..." पर नृत्य की प्रस्तुति से देशभक्ति की अलख जगाई। वहीं तारे जमीन पर गीत सुनाकर श्रोताओं का दिल जीता। इसके अलावा गुजरात के लोककलाकारों ने तलवार रास नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी।

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