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यूपी के सरकारी विभागों में तीन साल से जमें बाबू हटेंगे, आदेश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में तीन वर्षों से एक स्थान पर जमे बाबूओं का ट्रांसफर किया जायेगा। तीस जून तक कारवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। समूह 'ग' के कार्मिकों का प्रत्येक 03 वर्ष के उपरांत पटल/ क्षेत्र परिवर्तन किया जाना है। शुक्रवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।  



आदेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों में कार्य की शुचिता बनाये रखने के दृष्टिगत पूर्व में शासन स्तर से समय समय पर इस आशय के आदेश निर्गत किये गये हैं कि समूह ग के कार्मिकों का प्रत्येक 03 वर्ष के उपरांत पटल/ क्षेत्र परिवर्तन कर दिया जाय। शासन के संज्ञान में यह आया है कि अभी भी उक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है।

शासन ने अपने निर्देश में कहा है कि समूह 'ग' के कार्मिकों का पटल परिवर्तन एवं क्षेत्र (फील्ड) में तैनात कार्यरत कार्मिकों का क्षेत्र परिवर्तन प्रत्येक 03 वर्ष के उपरान्त प्रतिवर्ष 30 जून तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाय। 

कार्मिकों के पटल/ क्षेत्र परिवर्तन के लिए सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयाध्यक्ष यह देखेंगे कि पटल/ क्षेत्र परिवर्तन की व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन हो। संवेदनशील लोक व्यवहार के पदों के संबंध में भी व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर संबंधित कार्मिक का पटल क्षेत्र परिवर्तन शीर्ष प्राथमिकता पर किया जाय।

यह भी सुनिश्चित किया जाय कि विभागाध्यक्ष कार्यालयाध्यक्ष द्वारा पटल/क्षेत्र परिवर्तन करने के पश्चात अनौपचारिक रूप से संबंधित पटल / क्षेत्र पर पूर्व में तैनात कार्मिक का प्रभाव न बना रहे या वह अनौपचारिक रूप से या औपचारिक रूप से संबंध होकर वहीं कार्य संपादन पूर्व की भांति न करता रहे।

कार्मिकों के पटल/ क्षेत्र परिवर्तन के संबंध में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष की ओर से यह प्रमाण पत्र अपने विभागाध्यक्ष को 30 जून तक प्रेषित कर दिया जायेगा कि उनके अधीन 03 वर्ष से अधिक अवधि का कोई कार्मिक एक ही पटना क्षेत्र में तैनात नहीं है।

इसी प्रकार विभागाध्यक्ष भी शासन को यह प्रमाण पत्र प्रत्येक वर्ष 30 जून तक देंगे कि उनके अधीन मुख्यालय में 03 वर्ष से अधिक कार्मिकों का पटला क्षेत्र परिवर्तन कर दिया गया है।

यदि किसी कार्मिक का शासकीय कार्यहित में पटल/ क्षेत्र परिवर्तन न किये जाने की अपरिहार्य परिस्थिति हो, तो इस संबंध में उन अपरिहार्य परिस्थितियों का उल्लेख करना होगा।

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