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जीवन की सफलता का मूल मंत्र है परिश्रम - पवन सिंह चौहान

लखनऊ। परिश्रम ही जीवन की सफलता का मूल मंत्र है। विशेष कर लड़कियों को अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाकर उसे प्राप्त करने के लिये प्राणप्रण से जुटना चाहिये। आज सरकार मिशन शक्ति आदि के माध्यम से छात्राओं को स्वावलंबी और सुरक्षित बनाने के लिये कटिबद्ध है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला महाविद्यालय के पच्चीसवें परिषदीय पुरस्कारों के वितरण समारोह में उक्त विचार बतौर मुख्य अतिथि मौजूद विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने व्यक्त किये। उन्होंने कहाकि असली सुंदरता तन की नहीं बल्कि मन और विचारों की होती है जो कभी भी नष्ट नहीं होती। उन्होंने ये भी कहा कि जिन छात्राओं को रोज़गार की आवश्यकता है उन्हें वो अपने संस्थानों में रोजगार उपलब्ध करायेंगे।

समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पल्लवी सिंह और नव नालंदा विवि में संस्कृत के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय कर्ण मौजूद रहे। डा. पल्लवी सिंह ने कहाकि छात्राओं को सपने देखकर उनको पूरा करने के लिए प्रयास करना चाहिये। डा. कर्ण ने कहाकि ईश्वर सभी व्यक्तियों में कोई न कोई गुण अवश्य देता है और हम सभी से कुछ न कुछ सीख सकते हैं।

प्राचार्या प्रो. अनुराधा तिवारी ने अतिथियों का परिचय कराते हुये उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय न केवल शिक्षा का बल्कि संस्कारों का भी केंद्र है। सभी प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित करने से अन्य छात्राओं को प्रेरणा भी मिलती है। कार्यक्रम में सभी विभागों से सम्बंधित छात्राओं और परिषद के पदाधिकारियों को प्रमाणपत्र एवं मेडल से अलंकृत कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. रश्मि बिश्नोई ने किया। समारोह में परिषद प्रभारी डा. विवेक तिवारी सभी टीचर्स भी मौजूद रहे।

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