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जानकीपुरम में उल्टी दस्त की चपेट में आये पति पत्नी भर्ती, मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

लखनऊ। मौसम में बदलाव के साथ ही राजधानी में संक्रामक रोग भी कहर बरपा रहा है। बीते दिनों अलीगंज, तेलीबाग, फैजुल्लागंज व विकास नगर में संक्रामक रोग कहर बरपा चुका है। वहीं अन्य इलाकों में भी संक्रामक रोगों की दहशत है। जानकीपुरम इलाके के 60 फिट रोड पर स्थित सुल्तानपुर गांव में भी डायरिया फैलने की सूचना से हड़कंप मच गया। 

जानकारी के मुताबिक पति पत्नी के उल्टी दस्त की चपेट में पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय निवासी आशा देवी (35वर्ष) को बीते एक अगस्त को उल्टी दस्त की चपेट में आने पर परिजनों ने बीकेटी में स्थित रामसागर मिश्रा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहीं अपनी पत्नी आशा का इलाज करा रहे गिरी शंकर भी 2 अगस्त को दस्त की चपेट में आ गए और उन्हें भी भर्ती होना पड़ा। गिरीशंकर के मुताबिक स्वास्थ्य पहले से बेहतर है और जांच के लिए खून का सैंपल लिया गया है। फिलहाल अभी पति पत्नी वहीं भर्ती हैं।

वहीं सूचना मिलने पर बुधवार को यूपीएचसी जानकीपुरम की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. नीरज सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाके में पहुंची। टीम ने घर-घर दस्तक देकर ओआरएस घोल व दवा वितरण के साथ ही लोगो को संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय बताए और सावधानी बरतने की सलाह दी। डा. नीरज सिंह ने बताया कि पति पत्नी के अलावा कोई नया मरीज नहीं मिला है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच कर जांच कराए। 
इस दौरान जानकीपुरम वार्ड प्रथम के भाजपा वार्ड अध्यक्ष राजीव मेहरोत्रा, एएनएम दीपिका, आशा विमला भी मौजूद रहीं। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी ने बताया कि इलाके में डायरिया फैलने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी लेकिन वहां डायरिया का प्रकोप नहीं है।

क्षेत्र में नहीं होती है सफाई

स्थानीय निवासी मुकेश गौतम के मुताबिक नियमित सफाई न होने से गंदगी व्याप्त है। नालियां भरी होने से मच्छर पनप रहे हैं। जिससे लोगों में डेंगू, मलेरिया सहित मच्छरजनित बीमारियों के फैलने की आशंका है। हालांकि बुधवार को मलेरिया निरीक्षक नवनीत राय के नेतृत्व में सुपरवाइजर राजकरण सिंह व अन्य कर्मचारियों ने इलाके में एंटीलार्वा का छिड़काव किया। जिससे मच्छरजनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।

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