Pages

ब्लॉकचेन आधारित इंडिया का पहला न्यूज प्लेटफार्म है वर्थियम - आशुतोष सिंह

वर्थियम के माध्यम से पत्रकारों को मिलेगा उनका असली हक - आलोक जोशी

लखनऊ। गोमती नगर स्थित निजी होटल में शुक्रवार को देश के पहले DPoS ब्लॉकचेन आधारित समाचार प्लेटफॉर्म 'वर्थियम' का औपचारिक उद्घाटन हुआ।कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय पत्रकार जसविंदर सहगल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीपदान से हुई, इसके बाद EST Global के चेयरमैन सिन्धु भास्कर ने अपने वर्चुअल वीडियो सन्देश के माध्यम से ब्लॉकचेन तकनीक की उपयोगिता और पत्रकारिता में इसके उपयोग के बारे में चर्चा की।
तत्पश्चात वर्थियम के फाउंडर और सीईओ आशुतोष सिंह ने स्वागत उद्बोधन में सभी का स्वागत करते हुए वर्थियम प्लेटफार्म के बारे में बताया कि वर्थियम ब्लॉकचेन आधारित इंडिया का पहला न्यूज प्लेटफार्म है और किस तरह यह प्लेटफार्म ग्रासरूट जर्नलिज्म की चुनौतियों को हल कर सकेगा। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफार्म पत्रकारों को और अधिक सशक्त करेगा। इस प्लेटफार्म के विस्तार की क्षमता को समझाते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि इस प्लेटफार्म के माध्यम से भारत के हर एक गांव तक पहुंचा जा सके।
इस अवसर पर 'वर्थियम' से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों ने इस विशेष न्यूज प्लेटफोर्म की विशेषताओं और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। पूर्व मैनेजिंग एडिटर सीएनबीसी आवाज आलोक जोशी ने एक पैनल डिस्कशन में कहा कि प्रिंट पत्रकारिता, पत्रकारों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने अपनी जरूरतों के लिए काफी संघर्ष किया है। डिजिटलाइजेशन के इस दौर में आम पत्रकारों को उनके मुताबिक अब तक लाभ नहीं मिल सका है। यह लाभ अब वर्थियम के माध्यम से डिजिटल रिवार्ड के रूप में पत्रकारों को मिलना संभव हो सकेगा।
ब्लॉकचेन लॉयर सुप्रीम कोर्ट वरुण सेठी ने बताया कि वेब 3 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन आधारित एक डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम है और ब्लॉकचेन तकनीक के आम जनता के मध्य आने के बाद अनेक चुनौतियों को दूर करने में सहायता मिलेगी। वरुण सेठी ने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले कोई गीतकार गीत लिखता था तो पहले उसको एक निश्चित रकम मिलती थी, फिर उसके बाद इस समय you tube तथा अनेक जैसे मध्यस्थ चैनलों के आने के बाद उनको मोनेटाइज कर इसका लाभांश मिलने लगा। वह भी अपनी कुल मिल रहे फायदे का अधिकतम दस प्रतिशत ही मिलता है, लेकिन इस ब्लॉकचेन तकनीक के आने के बाद मध्यस्थ की भूमिका नहीं रहेगी, और अपने पूरे कंटेंट का फायदा मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक पत्रकारिता में संपादक यह तय करते हैं कि कौन सी खबर जानी चाहिए या कौन सी नहीं, लेकिन वेब 3.0 में अब हर यूजर ही संपादक होगा। वरुण सेठी ने कार्यक्रम के दौरान डिजिटल ऐसेस्ट कानून पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल ऐसेस्ट के कानून और उससे जुड़ी तमाम भ्रांतियों को दूर किया और भारत में डिजिटल ऐसेस्ट कानून की क्या स्थिति है, इस पर प्रकाश डाला।


EIY SYS Pvt Limited के सीईओ एवं ब्लॉकचेन एक्सपर्ट ललित बंसल ने चर्चा करते हुए बताया कि पत्रकारिता को वेब 3.0 के आने के बाद और अधिक स्वंतत्रता मिलेगी। उन्होंने मीडिया में वेब 3.0 के प्रभाव और इसके फायदे बताए। उन्होंने यह भी बताया कि आखिर वेब 3.0 का मीडिया में भविष्य क्या है। उन्होंने आम यूजर्स को वेब 3.0 से जुड़ी भ्रांतियों पर चिंता न करते हुए उसके प्रभाव का जिक्र किया। 


वेब 1.0 वेब 2.0 और वेब 3.0 के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वेब 1.0 के समय में वेबसाइट पर केवल कंटेंट को पढ़ा जा सकता था फिर उसके बाद समय आया वेब 2.0 जब कंटेंट में पढ़ना लिखना और उस पर प्रतिक्रियाएं भी दी जा सकती थी। वेब  3.0 के आने के बाद कंटेंट को मोनेटाइज भी किया जा सकेगा।

सिंगापुर के क्रिप्टो करेंसी के कॉइंस्टोर एक्सचेंज के मार्केटिंग हेड रमेश श्रीकोंडा ने बताया कि यह ब्लॉकचेन तकनीक क्रांतिकारी है और आने वाले भविष्य में ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित वर्थियम न्यूज एंड मीडिया प्लेटफार्म स्वतंत्र पत्रकारिता को एक नया आयाम प्रदान करेगा। और आज कॉइंस्टोर एक्सचेंज (CoinStore Exchange) पर वर्थियम की लिस्टिंग होने के बाद इस इस डिजिटल एसेट का लेनदेन संभव हो सकेगा

वर्थियम के संस्थापक और सीईओ आशुतोष सिंह ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर खबरों को संपादित तो किया जा सकता है लेकिन इसे हटाया नहीं जा सकता। यह 'मेरी खबर मेरी जिम्मेदारी' (My News My responsibility) के सिद्धांत पर काम करता है और यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह से पारदर्शी है। इस प्लेटफॉर्म पर खबर लिखने वाले को 50 फीसदी इनाम भी मिलता है साथ ही इसे लाइक करने वाले को 50 फीसदी इनाम भी मिलता है।

उन्होंने वॉर्थियम के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा की और बताया कि आज प्लेटफॉर्म को सिंगापुर स्थित एक्सचेंज कॉइनस्टोर Coinstore पर सूचीबद्ध किया जा रहा है और उपयोगकर्ता अब वर्थियम की डिजिटल एसेट का लेन-देन कर सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments