Pages

"मैंने हारा है खुद को मां..."

लखनऊ। महिला काव्य मंच उत्तर प्रदेश(मध्य) की लखनऊ इकाई द्वारा मासिक काव्य गोष्ठी का आनलाइन माध्यम से आयोजन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर किया गया। डा. रीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं संयोजकत्व में हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डा. राजेश कुमारी उपस्थित रहीं।गोष्ठी का आगाज आरती जायसवाल द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। डॉ. राजेश कुमारी ने कवयित्रियों को प्रोत्साहित किया और सभी को आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। डा. उषा चौधरी (अध्यक्ष उत्तर प्रदेश मध्य) ने 'मैंने हारा है खुद को मां' का पाठ किया। 

काव्य संध्या को आगे बढाते हुए सरिता कटियार ने 'मोदी जैसा कोई नहीं', अनीता सिन्हा ने 'लिए हर्ष जिओ शत् वर्ष', आरती जायसवाल ने' निकल पड़े हैं मोदी जी' व साधना मिश्रा ने 'धन्य धन्य भारत की धरती' कविताओं का पाठ करके कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इसी क्रम में डा. कालिंदी पांडे ने 'राष्ट्र हित के लिए जिसने त्यागा', डा. अर्चना सिंह ने जिनके ओजस्वी व्यक्तित्व से चमक उठा', दिव्यांशी शुक्ला ने 'मृदुभाषी है इनकी बोली', जूली सिंह ने' नाम है जिनका नरेंद्र मोदी', बीना श्रीवास्तव ने 'सिमट गया था जो मां' एवं स्नेहलता ने 'विश्व गुरु होगा भारत' सुनाकर सभी को आनन्दित किया। 

डॉ. रेखा गुप्ता ने 'दरिया तो बहुत देखे' गजल गाकर मंच को गुलज़ार किया। तत्पश्चात डॉ. अनुराधा पांडेय ने 'जन्मदिवस खुशियों का दिन है', मनीषा श्रीवास्तव ने 'होती नहीं कभी आसान जिंदगी' गाकर वाहवाही लूटी। पूजा कश्यप ने 'औरत तुम कैसी थी', डॉ. राजेश कुमारी ने 'नाम नरेंद्र को कर सार्थक', डॉ. शोभा बाजपेई ने 'विश्व गुरु का, शालिनी त्रिपाठी ने 'शक्ति का अपार भंडार समेटे' , चन्द्रा जोशी गुरुरानी 'हमारे देश के कर्ता-धर्ता' सुनाकर सबका मनमोह लिया। अंत में डॉ. रीना श्रीवास्तव ने 'आपदा को अवसर में बदला' का पाठ  किया और सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः की कामना के साथ काव्य गोष्ठी का समापन हुआ।

Post a Comment

0 Comments