मुख्य बातें: राष्ट्रीय कोष और CSR में बड़ा योगदान
- कमाई का आधा हिस्सा सरकार को: रिलायंस द्वारा बनाई गई हर ₹100 की वैल्यू में से करीब ₹47 सरकारी खजाने में गए हैं।
- 10 साल का रिकॉर्ड: पिछले 10 वर्षों में रिलायंस का राष्ट्रीय कोष में कुल योगदान ₹15 लाख करोड़ के पार पहुंच चुका है।
- CSR खर्च में बढ़ोतरी: वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) खर्च 4.3% बढ़कर ₹2,248 करोड़ हो गया है।
हर ₹100 की वैल्यू में से ₹47 सरकार के पास
कंपनी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में रिलायंस ने कुल ₹4,63,448 करोड़ की आर्थिक वैल्यू जनरेट की, जिसमें से सबसे बड़ा हिस्सा सरकार को मिला। देश के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी ने सामाजिक स्तर पर भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कोविड-19 महामारी के बाद से अब तक रिलायंस का कुल CSR खर्च ₹9,500 करोड़ से ज्यादा हो चुका है।
रिलायंस फाउंडेशन: 9.7 करोड़ लोगों तक पहुंची मदद
रिलायंस फाउंडेशन की सामाजिक पहलों ने अब तक देशभर के ग्रामीण इलाकों, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, महिला सशक्तिकरण, पशु कल्याण और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में 9.7 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
- स्कॉलरशिप प्रोग्राम: रिलायंस फाउंडेशन स्कॉलरशिप के तहत हर साल 5,100 मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
- ग्रामीण परिवर्तन: फाउंडेशन के प्रयासों से दूर-दराज के किसानों की आय और कृषि उत्पादन में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है।
"रिलायंस के ये आंकड़े साफ करते हैं कि कंपनी की ग्रोथ सिर्फ बिजनेस मुनाफे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के राजस्व को मजबूत करने और समाज के वंचित वर्गों के विकास में भी इसकी बड़ी भागीदारी है।"


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