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आज़मगढ़: "किसानों को काकरोच समझना बंद करो", पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, गूंजे नारे

आज़मगढ़ | 3 जून 2026 | संवाददाता
आज़मगढ़ में पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ हाथों में काकरोच का पोस्टर और सोशलिस्ट किसान सभा का बैनर लेकर प्रदर्शन करते किसान
किसान नेता के पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ किसान संगठनों ने काकरोच का पोस्टर लेकर आज़मगढ़ जिला मुख्यालय पर सैकड़ों किसानों, महिलाओं और नौजवानों के साथ किया जोरदार प्रदर्शन।

आज़मगढ़। सोशलिस्ट किसान सभा, पूर्वांचल किसान यूनियन, किसान एकता समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जिला मुख्यालय पर अनोखा प्रदर्शन करते हुए किसानों ने हाथों में काकरोच के पोस्टर लेकर हुंकार भरी। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने गगनभेदी नारे लगाते हुए कहा कि "तरवां थानाध्यक्ष को तत्काल सस्पेंड करो", "किसान नेता का उत्पीड़न नहीं चलेगा", "किसानों को काकरोच समझकर थाने में पीटना बंद करो" और "बेरोजगार नौजवानों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लो।"

"देश में बेरोजगार युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से त्रस्त होकर आत्महत्या कर रहा है। जब उनके किसान-मजदूर माता-पिता ग्रामीण स्तर पर मनरेगा जैसी योजनाओं में भ्रष्टाचार और अपने संसाधनों को बचाने की मांग करते हैं, तो पुलिस प्रशासन मिलकर उनका उत्पीड़न करता है।"

— किसान नेता
क्या है पूरा मामला?

किसान नेताओं ने बताया कि सरायभादी (मेंहनगर) में रात के अंधेरे में जेसीबी से पोखरे की अवैध खुदाई की जा रही थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद सोशलिस्ट किसान सभा के मेंहनगर प्रभारी हीरालाल यादव ने 31 मई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था।

आरोप है कि इससे बौखलाकर ग्रामप्रधान पति ने पुलिस का सहयोग लिया और हीरालाल यादव को तरवां थाने बुलवाया। जहां उनके नाबालिग बच्चे के सामने पुलिस ने हीरालाल को बेरहमी से पीटा। जब मासूम बच्चे ने पिता को न पीटने की गुहार लगाई, तो पुलिसकर्मियों ने बच्चे को भी पीट दिया। थाने में नाबालिग बच्चे की पिटाई को किसान संगठनों ने मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन बताया है।

किसान संगठनों की प्रमुख मांगें:
  • तरवां थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।
  • भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले किसान नेताओं और युवाओं का उत्पीड़न तुरंत बंद हो।
  • घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दर्ज की गई फर्जी एफआईआर को निरस्त किया जाए।
  • मासूम बच्चे और किसान नेता पर हाथ उठाने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल रहे:
  • राजीव यादव (किसान नेता)
  • वीरेंद्र यादव
  • हीरालाल यादव
  • डॉक्टर राजेंद्र यादव
  • विनोद यादव (अधिवक्ता)
  • सत्यम प्रजापति
  • महेंद्र यादव
  • सुरेखा
  • पार्वती देवी
  • नंदलाल यादव
  • अनिल गुप्ता
  • दुर्गा यादव
  • राम बचन राजभर
  • शिवधार यादव (पूर्व सैनिक)
  • उदय प्रताप
  • संगीता
  • सविता देवी
  • राम अवतार गुप्ता

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