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Bankers Unions UP: ट्रेड यूनियनों के बिखराव के बीच एकजुट हुए पूर्व सैनिक बैंकर्स, लखनऊ में हुआ यूपी कार्यकारिणी का गठन

Ex-Servicemen Bankers: भूतपूर्व सैनिक बैंकर्स कल्याण समिति का प्रांतीय सम्मेलन; संजय राय चुने गए यूपी इकाई के अध्यक्ष, नए श्रम कानूनों पर मंथन

लखनऊ। अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक बैंकर्स कल्याण समिति की उत्तर प्रदेश इकाई के गठन हेतु शनिवार को जियामऊ स्थित विश्व संवाद केन्द्र में एक भव्य प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण, निजी बैंकों के साथ-साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में कार्यरत जल, थल, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि धीरेंद्र सिंह एवं अन्य वरिष्ठ पूर्व सैनिक बैंकर्स द्वारा माँ भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। सम्मेलन के दौरान व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से पंजाब नेशनल बैंक (PNB) प्रयागराज में कार्यरत संजय राय को उत्तर प्रदेश इकाई का नया प्रांतीय अध्यक्ष चुना गया।

"ट्रेड यूनियनों का हो रहा बिखराव, सशक्त मंच जरूरी" : आनंद राठौर

समिति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद राठौर ने वर्तमान श्रम कानूनों के परिप्रेक्ष्य में भूतपूर्व सैनिक बैंकर्स की ट्रेड यूनियनों के लगातार हो रहे बिखराव और उनकी घटती प्रासंगिकता पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आज देश में एक ऐसे सशक्त, पारदर्शी और लोकतांत्रिक संगठन की आवश्यकता है, जो पूर्व सैनिकों के सेवा संबंधी, कार्मिक, सामाजिक और कल्याणकारी हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सके।"

उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए मूलमंत्र देते हुए कहा कि समिति का संविधान पूरी तरह पारदर्शी व व्यावहारिक होगा, और इसका आर्थिक योगदान न्यूनतम रखा जाएगा ताकि हर छोटे-बड़े सदस्य की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

सम्मेलन के मुख्य विषय और पक्ष रखने वाले वक्ता (Key Panel Discussions)

सम्मेलन के दौरान दो अत्यंत संवेदनशील और सामयिक विषयों पर प्रबुद्ध पूर्व सैनिक बैंकर्स ने जोरदार तरीके से अपनी बात रखी:

चर्चा का मुख्य विषय (Topic) अपने विचार प्रस्तुत करने वाले प्रमुख वक्ता
नये श्रम कानूनों के परिप्रेक्ष्य में छोटी पूर्व सैनिक बैंकर्स ट्रेड यूनियन्स के अस्तित्व पर मंडराता खतरा धीरेंद्र सिंह, आनंद राठौर, मृगांक श्रीवास्तव, संजय राय, विकास रावत, संतोष कुमार, राजेश तिवारी, आशुतोष पाठक एवं विशाल निगम।
भू.पू. सैनिक बैंकर्स के कल्याण के लिये पैरेन्टल यूनियनों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता राजेश जायसवाल, आलोक कुमार, चन्द्रजीत सिंह, योगेश दीक्षित, रीतेश श्रीवास्तव, अनुराग पाण्डेय, विनीत पाण्डेय तथा राजमणि उपाध्याय।

पारदर्शी संविधान पर बनी आम सहमति

संगठन के प्रांतीय चुनाव से पहले सभी उपस्थित सदस्यों के सामने अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक बैंकर्स कल्याण समिति का प्रस्तावित संविधान प्रस्तुत किया गया। खुले मंच से हुई विस्तृत चर्चा और लोकतांत्रिक विचार-विमर्श के बाद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस संविधान को अपनी स्वीकृति दी। कार्यक्रम का बेहद सफल संचालन मृगांक श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

समिति के संरक्षक धीरेन्द्र सिंह ने नवनियुक्त कार्यकारिणी को बधाई देते हुए सभी सदस्यों से पूरे समर्पण, निष्ठा और अटूट एकता के साथ संस्था को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सभा का समापन सभी सदस्यों द्वारा सामूहिक वंदेमातरम् गायन के साथ हुआ और अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद राठौर ने सभी अतिथियों व ऑनलाइन जुड़े कर्मियों का आभार जताया।

संगठन का संकल्प: इस सम्मेलन के माध्यम से देश के वित्तीय संस्थानों में सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक पदों पर तैनात पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए पैरेंटल यूनियनों और प्रबंधन के साथ सीधे संवाद की रूपरेखा तैयार की गई है।

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