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10% बिजली सरचार्ज पर बवाल: "मंत्री को नहीं थी खबर", ट्रांसफर से लेकर अफसरों की भूमिका तक जांच के आदेश

🚨 EXCLUSIVE NEWS

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का बड़ा एक्शन, बिजली विभाग में मचा हड़कंप!

10% FPPAS सरचार्ज, ट्रांसफर, तूफान प्रबंधन और अधिकारियों की कार्यशैली पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों के स्थानांतरण, हालिया तूफान के दौरान हुए राहत कार्यों और उपभोक्ताओं पर लगाए गए 10% Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPAS) को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा को भेजे गए पत्र में मंत्री ने कई गंभीर मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

⚡ 10% FPPAS बढ़ोतरी पर मंत्री नाराज

मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि 29 मई 2026 को UPPCL द्वारा जून 2026 के लिए 10 प्रतिशत FPPAS वसूली का आदेश जारी किया गया, जिसकी जानकारी उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से मिली।

"करोड़ों उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाले इस निर्णय की पूर्व जानकारी शासन और मंत्री स्तर पर क्यों नहीं दी गई?"

ऊर्जा मंत्री ने इस निर्णय की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मांगते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।

🔥 ट्रांसफर और तैनाती पर उठाए सवाल

मंत्री ने सहारनपुर समेत विभिन्न जिलों में अनुभवी कर्मचारियों को हटाकर नई तैनातियों को लेकर मिली शिकायतों का उल्लेख किया है।

उन्होंने कहा कि अनुभवी लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारियों को हटाने से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

⚠️ चुनावी अवधि में कर्मचारियों के आचरण की भी होगी समीक्षा

मंत्री ने कहा कि अधिकांश विद्युत कर्मियों ने चुनावी अवधि में जिम्मेदारी से कार्य किया, लेकिन कुछ कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई और आवश्यक होने पर स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

🌪️ तूफान के दौरान अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

मई माह में आए भीषण तूफान, विशेष रूप से 28 और 29 मई 2026 को हुए नुकसान के दौरान बिजली अवसंरचना बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

मरम्मत एवं रेस्टोरेशन कार्य युद्धस्तर पर किए गए, लेकिन कुछ अधिकारियों की भूमिका, उपलब्धता और जिम्मेदारी निर्वहन को लेकर भी मंत्री ने जानकारी मांगी है।

🚨 मंत्री के बड़े सवाल

  • 10% FPPAS बढ़ोतरी का निर्णय किस स्तर पर लिया गया?
  • मंत्री और शासन को पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई?
  • अनुभवी कर्मचारियों को हटाने के पीछे क्या कारण थे?
  • तूफान के दौरान जिम्मेदार अधिकारी कहां थे?
  • विभागीय प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं?
  • लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होगी?

📢 विभाग में बढ़ी हलचल

ऊर्जा मंत्री के इस पत्र को विभागीय कार्यशैली पर सीधी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट मिलने के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो सकती है, साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं।

मुख्य बात: बिजली बिल बढ़ोतरी, कर्मचारियों के ट्रांसफर, तूफान प्रबंधन और विभागीय कार्यशैली पर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

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