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Green Energy UP: यूपी के 1.60 लाख घरों में शुरू हुई बिना सिलेंडर वाली रसोई, देखें आपके शहर में क्या है पीएनजी का टारगेट

UP News: यूपी में योगी सरकार का स्वच्छ ऊर्जा मिशन तेज, 24 जून तक 1.60 लाख से अधिक घरों में पहुंचे पीएनजी कनेक्शन; जानें अपने जिले का हाल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ईंधन से लैस करने के लिए चलाया जा रहा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन विस्तार अभियान सुपरफास्ट रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर रसोई तक आधुनिक गैस सुविधा पहुंचाने की है, जिसके तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 24 जून 2026 तक प्रदेश के 43 गैस वितरण क्षेत्रों में रिकॉर्ड 1,60,121 घरेलू पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित कुल 16.23 लाख से अधिक कनेक्शनों के महा-लक्ष्य के मुकाबले सरकार ने शुरुआती महीनों में ही लगभग 10 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल कर ली है।

यूपी पीएनजी विस्तार अभियान: मुख्य आंकड़े (Key Metrics)

उत्तर प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार और वर्तमान वित्तीय वर्ष की प्रगति रिपोर्ट को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:

अभियान के प्रमुख बिंदु / पैरामीटर वर्तमान स्थिति व आंकड़े
कुल सक्रिय गैस वितरण क्षेत्र (Gas Distribution Areas) 43 क्षेत्र
24 जून 2026 तक जारी कुल कनेक्शन 1,60,121 कनेक्शन
वित्तीय वर्ष 2026-27 का कुल निर्धारित लक्ष्य 16,23,163 कनेक्शन
अब तक हासिल की गई कुल उपलब्धि (Percentage) 9.86 प्रतिशत

लखनऊ, प्रयागराज और मेरठ समेत इन जिलों में बेहतरीन प्रदर्शन

समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के कई प्रमुख जनपदों में गैस वितरण कंपनियों ने जमीन पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिन जिलों में यह अभियान सबसे तेज गति से चल रहा है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
📍 प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, मुरादाबाद, मथुरा, गोरखपुर, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, अलीगढ़, बुलंदशहर, औरैया, गौतम बुद्ध नगर और शाहजहांपुर।

इन क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार के काम को समय पर पूरा करने के लिए देश की दिग्गज गैस कंपनियां पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। इनमें आईओसी-अडानी गैस, टोरेंट गैस, ग्रीन गैस लिमिटेड, गेल गैस, गेल इंडिया, आईजीएल (IGL) और एचपीसीएल (HPCL) शामिल हैं, जो नए उपभोक्ताओं को इस ग्रिड से जोड़ रही हैं।

सिलेंडर के झंझट से मुक्ति और बेहतर सुरक्षा: क्यों खास है पीएनजी?

राज्य सरकार का मानना है कि पीएनजी केवल एक गैस कनेक्शन नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने का बड़ा माध्यम है। इसके कई सीधे फायदे उपभोक्ताओं को मिल रहे हैं:

  • निर्बाध आपूर्ति: उपभोक्ताओं को बार-बार एलपीजी सिलेंडर बुक करने या भरवाने की आवश्यकता नहीं होती; पाइप के जरिए 24 घंटे गैस की सप्लाई मिलती है।
  • आधुनिक सुरक्षा: पारंपरिक सिलेंडरों के मुकाबले पीएनजी अत्यधिक सुरक्षित है। किसी भी तरह के रिसाव (Leakage) की स्थिति में इसकी आधुनिक सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय हो जाती है।
  • किफायती ईंधन: यह पारंपरिक ईंधनों की तुलना में जेब पर कम बोझ डालती है।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर योगी सरकार का फोकस

योगी सरकार द्वारा प्राकृतिक गैस के उपयोग को अनिवार्य प्राथमिकता देने के पीछे पर्यावरण का बड़ा एजेंडा है। पीएनजी को पारंपरिक कोयले या लकड़ी और अन्य ईंधनों की तुलना में बेहद स्वच्छ माना जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आती है, जिससे उत्तर प्रदेश के बड़े और औद्योगिक शहरों की वायु गुणवत्ता (AQI) में तेजी से सुधार होने की उम्मीद है।

अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले महीनों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार नए शहरों, कस्बों और नवविकसित कॉलोनियों तक किया जाएगा। तय समय सीमा के भीतर 16.23 लाख कनेक्शनों का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी कंपनियों के साथ नियमित समीक्षा और कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है।

भविष्य की राह: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में यह महा-अभियान उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना (Modern Energy Infrastructure) वाले राज्यों की श्रेणी में सबसे आगे खड़ा करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

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