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सावधान! यूपी में बिना अग्निशमन यंत्र के चली बस तो कटेगा भारी चालान, स्कूल बसों की होगी विशेष जांच

UP News: यूपी में स्कूल और स्लीपर बसों के लिए सख्त नियम, बिना फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिलेगी फिटनेस; मंत्री दयाशंकर सिंह का आदेश

लखनऊ। लखनऊ के एक चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार अब यात्री वाहनों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त हो गई है। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने प्रदेश की सभी स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर) की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में आग पर शुरुआती काबू पाने के लिए वाहनों में चालू हालत में अग्निशमन यंत्रों का होना अनिवार्य है। केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियमों के तहत प्रत्येक पर्यटक वाहन में ड्राई पाउडर टाइप अग्निशमन यंत्र इंजन कक्ष के पास होना कानूनी रूप से आवश्यक है।

1 जुलाई से खुल रहे स्कूल, बसों की होगी विशेष जांच

परिवहन मंत्री ने आगामी 1 जुलाई से खुलने जा रहे सभी शैक्षणिक संस्थानों को देखते हुए स्कूल बसों की विशेष जांच पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। स्कूल बसों के लिए तय सुरक्षा मानकों के तहत अग्निशमन यंत्र की क्षमता, वैधता और सही स्थान पर स्थापना का कड़ाई से परीक्षण किया जाएगा।

जुलाई महीने में चलेगा राज्यव्यापी महा-अभियान, फिटनेस सर्टिफिकेट पर रोक

परिवहन विभाग द्वारा जुलाई माह में पूरे उत्तर प्रदेश में एक व्यापक और सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, जिसकी दैनिक स्तर पर मॉनिटरिंग होगी। सरकार के नए आदेश के तहत नियमों को इस प्रकार कड़ा किया गया है:

  • फिटनेस पर रोक: मोटर वाहन निरीक्षक या एटीएस सेंटर द्वारा जांच के समय यदि किसी बस में अग्निशमन यंत्र नहीं मिला, वह चालू हालत में नहीं हुआ या उसकी रिफिलिंग की वैधता अवधि (Validity) समाप्त हो चुकी होगी, तो कमियों के दूर होने तक वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
  • सघन नाकेबंदी और जांच: सभी प्रवर्तन अधिकारी बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा और जनपद की सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच करेंगे। मानक पूरे न होने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • स्लीपर बसों की विशेष चेकिंग: स्लीपर बसों में अग्निशमन यंत्र के साथ-साथ आपातकालीन निकास (Emergency Exit), हैमर (शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा) और विद्युत वायरिंग की भी बारीकी से जांच होगी।

परिवहन आयुक्त ने जारी किए आदेश, प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्ट

परिवहन मंत्री के निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी प्रवर्तन अधिकारी प्रतिदिन की गई कार्रवाई का पूरा विवरण अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को आधिकारिक ईमेल पर अनिवार्य रूप से भेजें। इसके अलावा, विभाग वाहन स्वामियों, स्कूल प्रबंधनों और बस ऑपरेटरों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएगा।

बस ऑपरेटरों के लिए चेतावनी: यदि आपकी बस सड़क पर बिना वैध और कार्यशील अग्निशमन यंत्र के पाई जाती है, तो परिवहन विभाग द्वारा वाहन का चालान करने के साथ-साथ परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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