सीएम योगी के वादे पर अमल न होने से भड़का आंगनबाड़ी यूनियन: न्यूनतम वेतन और सुविधाओं की मांग पर 20 सितंबर को लखनऊ में होगी महासभा
लखनऊ। आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (सीटू) की राज्य कार्यकारिणी की बैठक कैप्टन लक्ष्मी सहगल भवन, उदयगंज, लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से किए गए सम्मानजनक मानदेय के वादे को पूरा न किए जाने पर भारी आक्रोश जताया गया। यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने का फैसला किया हैVerdict।
💰 न्यूनतम वेतनमान की प्रमुख मांग:
यूनियन ने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल से प्रदेश सरकार ने 74 उद्योगों एवं कार्यों में न्यूनतम वेतन बढ़ाया, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की उपेक्षा की गई। यूनियन ने सरकार से निम्नलिखित वेतन देने की मांग रखी है:
- आंगनबाड़ी वर्कर (कुशल वर्कर): ₹15,224 प्रति माह।
- आंगनबाड़ी हेल्पर (अर्ध-कुशल वर्कर): ₹13,591 प्रति माह।
📜 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें:
बैठक में मानदेय वृद्धि के साथ-साथ कार्यकर्ताओं और बच्चों से जुड़ी कई मूलभूत मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया:
- पेंशन व ग्रेच्युटी: सेवानिवृत्ति पर पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- मोबाइल व रिचार्ज: नए फोन दिए जाएं तथा कम से कम ₹500 प्रति माह एवं साल में 13 रिचार्ज का भुगतान हो।
- मुआवजा व बीमा: ऑन-ड्यूटी मृत्यु पर परिवार को उचित मुआवजा एवं बीमा राशि का भुगतान हो।
- स्वास्थ्य लाभ: आंगनबाड़ी वर्कर के परिजनों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिले।
- भर्ती रद्द करना: एजूकेटर भर्ती प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए।
- बच्चों के लिए सुविधाएं: केंद्रों पर 3 से 6 साल के बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते और स्वेटर मुहैया कराए जाएं।
🗓️ 20 सितंबर को लखनऊ में होगी विशाल आमसभा
यूनियन पूरे प्रदेश में व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी और इसके समापन पर 20 सितंबर को लखनऊ में बड़ी आमसभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें अखिल भारतीय आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर फेडरेशन के प्रतिनिधि मुख्य अतिथि होंगे, जहां आगामी उग्र आंदोलन की रणनीति की घोषणा और संचालन समिति का गठन होगाVerdict。
👥 बैठक में ये प्रमुख पदाधिकारी रहीं मौजूद
बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष डॉ. वीना गुप्ता ने की तथा संचालन बबिता द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य रूप से सुनीता यादव, सलमा, नीता त्यागी, राधा, गीता सैनी, अर्चना पाल, साक्षी पाल, श्वेता पाल, हीरामणि शुक्ला, नीलम आर्य एवं आतिया सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।


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