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National Budलखनऊ में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा का प्रांतीय अधिवेशन, 75 जिलों से जुटे अनुयायी

National Buddhist Assembly Lucknow Convention: लखनऊ में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा का प्रांतीय बौद्ध धर्म अधिवेशन संपन्न, 75 जनपदों से पहुंचे अनुयायी

राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की सामाजिक न्याय क्रांति के 124 वर्ष पूर्ण: लखनऊ में राष्ट्रीय बौद्ध महासभा का प्रांतीय अधिवेशन संपन्न, उठीं कई प्रमुख मांगें

लखनऊ। राष्ट्रीय बौद्ध महासभा, उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज की सामाजिक न्याय (आरक्षण) क्रांति के 124 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को चौधरी चरण सिंह ऑडिटोरियम, सहकारिता भवन, विधानसभा मार्ग, लखनऊ में एक दिवसीय प्रांतीय बौद्ध धर्म अधिवेशन का भव्य आयोजन किया गया। इस अधिवेशन में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से आए पदाधिकारियों एवं बौद्ध अनुयायियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य भिक्षु संघ द्वारा बुद्ध वंदना एवं धम्म देशना से हुआ।

📢 वक्ताओं के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • धर्म प्रकाश भारती बौद्ध (संस्थापक व पूर्व विधायक): "महासभा पिछले 20 वर्षों से सामाजिक परिवर्तन और बहुजन महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुँचा रही है। युवा आगे आकर समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।"
  • बी.एस. बौद्ध (राष्ट्रीय अध्यक्ष): "संगठन को गांव-गांव तक सशक्त बनाना ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे मजबूत आधार है।"
  • दीपांकर बौद्ध (मुख्य वक्ता): "महाबोधि विहार, बोधगया की मुक्ति के लिए चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन हेतु बौद्ध समाज एकजुट होकर अपने धार्मिक व संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करे।"
  • दयासागर बौद्ध (मुख्य वक्ता): "बौद्ध समाज के लिए पृथक 'बौद्ध पर्सनल लॉ' लागू किया जाए तथा पाली भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाए।"
  • रामचन्द्र पटेल (सहसंयोजक): "शिक्षा का राष्ट्रीयकरण कर पूरे देश में समान एवं निःशुल्क शिक्षा लागू हो। वर्ष 2027 में आरक्षण के 125 वर्ष पूरे होने पर इसे 'आरक्षण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा।"
  • गुरुचरण गौतम (विशेष अतिथि): "बेरोजगारी, महंगाई व सामाजिक असमानता की चुनौतियों से निपटने के लिए बहुजन समाज को शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के आधार पर संगठित होना होगा।"

📜 संगठन विस्तार और सामाजिक अधिकारों पर बल

महासभा के चीफ जनरल सेक्रेटरी योगेश गौतम, प्रदेश प्रभारी आर.एस. रवि बौद्ध, राष्ट्रीय महासचिव दशरथ मौर्य, पूर्व संगठन सचिव बी.एल. चंद्रा और पूर्व प्रदेश महासचिव सुशील निगम ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि महापुरुषों के विचारों का प्रचार-प्रसार और संगठन का विस्तार ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

👥 अधिवेशन में उपस्थित प्रमुख गणमान्य नागरिक:

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से:

विश्वनाथ (उपाध्यक्ष, SC/ST वित्त विकास निगम), विमला बौद्ध (राष्ट्रीय अध्यक्ष, संविधान सम्मान समिति), एड. पंकज प्रसून (हाईकोर्ट लखनऊ), राजेश कुमार सिद्धार्थ (अध्यक्ष संयोजक, डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ), मो. अब्दुल रहमान, नरेश पाल (राष्ट्रीय महासचिव, आंबेडकर माह समिति), भारत सिंह, प्रेमनारायण (झांसी), जगदीश बौद्ध (बरेली), एड. दयाराम बौद्ध (ललितपुर), डॉ. जगजीवन बौद्ध (लखनऊ), अशोक कुमार शाक्य (कासगंज), भरत सिंह लोधी (एटा), दयालीराम बौद्ध (झांसी), शीला भारती (प्रयागराज), आनंद स्वरूप बौद्ध (इटावा), अशोक कुमार (औरैया), सुरेन्द्र सिंह करुणाकर (कानपुर), योगेश (लखनऊ), हरीश कुमार सत्यार्थी और छोटेलाल माथुर (बरेली) सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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