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Vande Mataram Bill in Rajya Sabha: 'वंदे मातरम्' का अपमान करने पर मिलेगी 3 साल की सजा, राज्यसभा में पेश हुआ संशोधन बिल

Vande Mataram Bill Rajya Sabha: 'वंदे मातरम्' के अपमान पर होगी 3 साल की सजा, राज्यसभा में बिल पेश

राज्यसभा में 'वंदे मातरम् बिल' पेश: राष्ट्रीय गीत के अपमान और गायन में बाधा डालने पर होगी 3 साल तक की सजा, जानें नए नियम

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 [Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026] पेश किया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को कानूनी संरक्षण प्रदान करना और इसके अपमान अथवा गायन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने को दंडात्मक अपराध बनाना है।

🚨 दंडात्मक प्रावधान: 3 साल की सजा और जुर्माना

प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 'वंदे मातरम्' के गायन को जानबूझकर बाधित करता है, अव्यवस्था फैलाता है या इसका अपमान करता है, तो उसे तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकेगा।

📜 राष्ट्रीय गान के समान मिलेगा कानूनी संरक्षण

प्रस्तावित संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत को वही कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा, जो वर्तमान में राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' को मिला हुआ है।

🏛️ क्यों पड़ी इस संशोधन की आवश्यकता?

केंद्र सरकार का कहना है कि 'वंदे मातरम्' भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता का प्रमुख प्रतीक है। मौजूदा प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 में राष्ट्रीय गीत के सम्मान की रक्षा के लिए अलग से कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं था, जिसे यह नया संशोधन दूर करेगा।

📌 विधेयक के मुख्य बिंदु:

  • बिल पेश: राज्यसभा में 'वंदे मातरम् बिल' (संशोधन विधेयक 2026) पेश किया गया।
  • अपराध का दायरा: राष्ट्रीय गीत के अपमान और गायन में बाधा डालना अब कानूनी अपराध बनेगा।
  • कड़ा दंड: दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान।
  • समान दर्जा: राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रीय गान ('जन गण मन') के समान कानूनी सुरक्षा।

गौरतलब है कि यह विधेयक अभी राज्यसभा में पेश किया गया है। इसे कानून का रूप लेने के लिए संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से पारित होना होगा और उसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।

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