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UP Power Corporation Outsourcing Employees Protest Lucknow: ऊर्जा मंत्री से मिलेगा संविदा संघ

UP Power Corporation Outsourcing Employees Protest Eco Garden Lucknow: ऊर्जा मंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं बताएगा पावर कॉर्पोरेशन संविदा संघ; ईको गार्डन में 8वें दिन भी धरना जारी

पावर कॉर्पोरेशन के संविदा कर्मचारियों का बड़ा फैसला: अब ऊर्जा मंत्री के आवास पर देंगे दस्तक; 8वें दिन भी ईको गार्डन में धरना जारी, जानें किन मांगों पर नहीं बनी सहमति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ का आंदोलन लखनऊ के ईको गार्डन सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8वें दिन भी लगातार जारी रहा। संघ के प्रदेश महामंत्री **देवेंद्र कुमार पांडेय** ने बताया कि कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा बार-बार गुमराह किए जाने के कारण अब आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधे ऊर्जा मंत्री के लखनऊ स्थित आवास पर जाकर उन्हें समस्याओं से अवगत कराने का निर्णय लिया गया है। इसकी तिथि जल्द घोषित होगी।

✅ अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) बैठक में इन मुद्दों पर बनी सहमति:

डॉ. आशीष कुमार गोयल (अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा) की अध्यक्षता में हुई वार्ता के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी थी:

  • ड्यूटी चार्ट: विद्युत उपकेंद्रों पर ड्यूटी चार्ट चस्पा कर उसी अनुसार कार्य कराया जाएगा।
  • बकाया वेतन भुगतान: कुशीनगर से मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों के बकाये वेतन भुगतान के लिए MD पूर्वांचल को पुन: परीक्षण कराने के निर्देश।
  • वापसी पर विचार: मई 2025 में हटाए गए 179 कर्मचारियों में से शेष बचे 44 आउटसोर्स कर्मियों को वापस लेने पर विचार।
  • फेस अटेंडेंस वेतन: फेस अटेंडेंस के कारण लंबित 329 आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन का परीक्षण कर शीघ्र भुगतान।
  • EPF घोटाला रिकवरी: मैसर्स एस.के. इलेक्ट्रिकल्स एवं मैसर्स साधना सिक्योरिटी सर्विसेज द्वारा किए गए ईपीएफ घोटाले की राशि उनकी जब्त सिक्योरिटी से काटकर कर्मचारियों के पीएफ खाते में जमा कराने का फैसला।

❌ किन प्रमुख मांगों पर प्रबंधन से नहीं बनी बात?

संगठन का आरोप है कि मुख्य वैधानिक और वित्तीय मांगों पर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अड़ियल रवैया अपनाया और सहमति नहीं दी:

  • ₹18,000 न्यूनतम वेतन: कार्य के अनुरूप अनुबंध करते हुए न्यूनतम मानदेय ₹18,000 प्रति माह निर्धारित किया जाए।
  • छंटनी बंद हो & वापसी: हटाए गए सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाए और उपकेंद्रों पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
  • इलाज का खर्च भुगतान: दुर्घटना में घायल संविदा कर्मचारियों के इलाज का खर्च ठेकेदारों/संविदाकारों के बिल से काटकर दिया जाए।
  • सेवा एवं आयु सुरक्षा: कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक निर्बाध कार्य करने की अनुमति और हाईकोर्ट के 04-09-2018 के आदेश का अक्षरश: पालन।
  • आउटसोर्स सेवा निगम: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नवगठित आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने का विरोध न किया जाए।

📢 लखनऊ में 8वें दिन भी गरजा ईको गार्डन

कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन वादों से मुकर रहा है। इसी के विरोध में ईको गार्डन आलमबाग, लखनऊ और प्रदेश के अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। संगठन जल्द ही ऊर्जा मंत्री के आवास का घेराव/वार्ता का कार्यक्रम जारी करेगा।

“पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन कर्मचारियों के हक के प्रति गंभीर नहीं है और लगातार गुमराह कर रहा है। अब आर-पार की लड़ाई के लिए हम स्वयं ऊर्जा मंत्री से उनके आवास पर मिलकर संविदा कर्मचारियों की जलंत समस्याओं का समाधान कराएंगे।”

— देवेंद्र कुमार पांडेय, प्रदेश महामंत्री (निविदा संविदा कर्मचारी संघ)

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