68500 सहायक शिक्षक भर्ती: अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास का किया घेराव; पुलिस ने हिरासत में लेकर भेजा पुलिस लाइन
लखनऊ: 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के निस्तारण और उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुतियों के त्वरित अनुपालन की मांग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने राजधानी लखनऊ स्थित कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए सभी आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया और पुलिस वैन से पुलिस लाइन लखनऊ भेज दिया।
📌 शिक्षक भर्ती आंदोलन के मुख्य बिंदु:
- आवास का घेराव: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति लागू न होने पर अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास पर दिया धरना।
- न्यायालय में लंबित होने का खंडन: अभ्यर्थियों ने मंत्री के उस बयान को सिरे से खारिज किया जिसमें मामले को कोर्ट में विचाराधीन बताया गया था; कहा— वर्तमान में कोई याचिका लंबित नहीं है।
- आयोग की संस्तुति: 150 में 60 अंक (40%) प्राप्त करने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानकर नियुक्ति दिए जाने का स्पष्ट आदेश।
- मंत्री का आश्वासन: कैबिनेट मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शीघ्र भेंट कराने और शासन स्तर पर समाधान का भरोसा दिया।
- पुलिसिया कार्रवाई: आवास के बाहर गतिरोध बढ़ने के बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा।
📊 68500 शिक्षक भर्ती: आयोग की संस्तुति बनाम वर्तमान गतिरोध
| पहलू / मानक | राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश / अभ्यर्थियों का पक्ष | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| उत्तीर्णांक मानक (Cut-off) | OBC वर्ग में 150 में से 60 अंक (40% अंक) प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी उत्तीर्ण माने जाएं | शासनादेश जारी होना शेष |
| लाभांवित होने वाले वर्ग | ओबीसी (OBC), दिव्यांगजन (PH), भूतपूर्व सैनिक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित (DFF) | हजारों पात्र अभ्यर्थी प्रतीक्षारत |
| न्यायिक स्थिति | आरक्षण संबंधी यह विशिष्ट मुद्दा वर्तमान में किसी भी अदालत में विचाराधीन नहीं है | निर्णय पूर्णतः शासन स्तर पर लंबित |
| दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई | आरक्षण नियमों की अनदेखी करने वाले विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग | जांच की मांग जारी |
मंत्री के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, मिला सीएम से वार्ता का भरोसा
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा हाल ही में मीडिया में दिए गए उस बयान पर तीव्र विरोध दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने 68500 भर्ती मामले को न्यायालय में लंबित बताया था। अभ्यर्थियों ने दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि कोर्ट द्वारा पूर्व में ही मामलों का निस्तारण किया जा चुका है और पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए अंतिम आदेश पर शासन को केवल क्रियान्वयन करना है।
"अभ्यर्थियों के आक्रोश को देखते हुए कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगें सुनीं और आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शीघ्र सीधी मुलाकात कराने का प्रयास करेंगे तथा शासन स्तर पर न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।"
"संवैधानिक आयोग के आदेश का पालन करे बेसिक शिक्षा विभाग": तूफान सिंह
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता तूफान सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने विस्तृत सुनवाई के उपरांत अभ्यर्थियों के पक्ष में स्पष्ट और बाध्यकारी संस्तुतियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि काफी समय बीत जाने के बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद और शासन के जिम्मेदार अधिकारी आयोग की रिपोर्ट को दबाकर बैठे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि आरक्षण नियमों की अवहेलना करने वाले दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए और 40% अंक प्राप्त करने वाले सभी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।
पुलिस ने बलपूर्वक हटाया, पुलिस लाइन भेजे गए अभ्यर्थी
धरना प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, अभय, मनीष, रंजना जायसवाल, नसीम फरीदी, अर्पित गोस्वामी, सच्चिदानंद, दीपक, अरविंद, धर्मेंद्र, अजीत, सुनील सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे।
मंत्री आवास के मुख्य द्वार पर लगातार नारेबाजी और जमावड़े को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने पहले अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया, किंतु हटने से इनकार करने पर महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और गाड़ियों में भरकर ईको गार्डन या पुलिस लाइन भेज दिया।


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