भारत से अमेरिका तक साथ रहेगा जियो का 5G: टी-मोबाइल के साथ दुनिया की पहली 5G स्टैंडअलोन इंटरनेशनल रोमिंग शुरू; मिलेगा अल्ट्रा हाई-स्पीड डेटा
मुंबई: भारत और अमेरिका के बीच यात्रा करने वाले मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोमिंग का अनुभव पूरी तरह बदलने जा रहा है। देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) और अमेरिकी टेलीकॉम दिग्गज टी-मोबाइल (T-Mobile) ने मिलकर दुनिया की पहली 5G स्टैंडअलोन (5G SA) रोमिंग कनेक्टिविटी शुरू करने की घोषणा की है। इस रणनीतिक गठजोड़ के तहत भारत से अमेरिका पहुंचने वाले जियो यूजर्स टी-मोबाइल के 5G SA नेटवर्क पर और अमेरिका से भारत आने वाले टी-मोबाइल ग्राहक जियो के 5G SA नेटवर्क पर निर्बाध हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे।
📌 जियो-टी मोबाइल 5G रोमिंग के मुख्य बिंदु:
- वैश्विक कीर्तिमान: दो बड़े देशों के 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क्स को अंतरराष्ट्रीय रोमिंग से जोड़ने का यह दुनिया का पहला मामला है।
- ट्रू 5G अनुभव: अमेरिका में लैंड करते ही जियो ग्राहकों को मिलेगा लो-लेटेंसी, बफर-फ्री वीडियो स्ट्रीमिंग और सुपरफास्ट अपलोड स्पीड।
- द्विपक्षीय लाभ: अमेरिका से भारत आने वाले टी-मोबाइल ग्राहकों को भारत भर में जियो का विस्तृत 5G SA कवरेज मिलेगा।
- तकनीकी सहयोगी: वैश्विक संचार प्रौद्योगिकी कंपनी सिनिवर्स (Syniverse) के सुरक्षित प्लेटफॉर्म ने दोनों नेटवर्क्स को जोड़ा।
- भविष्य की संभावनाएं: यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एंटरप्राइज समाधानों और क्लाउड-बेस्ड AI सेवाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी।
📊 जियो और टी-मोबाइल: 5G स्टैंडअलोन रोमिंग का स्वरूप
| पैरामीटर | पारंपरिक रोमिंग (Legacy) | जियो - T-Mobile 5G SA रोमिंग |
|---|---|---|
| नेटवर्क आर्किटेक्चर | 4G कोर पर आधारित नॉन-स्टैंडअलोन | प्योर 5G स्टैंडअलोन (SA) कोर-टू-कोर |
| डेटा लेटेंसी (विलंबता) | अधिक लेटेंसी, ट्रैफिक रूटिंग में समय | अल्ट्रा-लो लेटेंसी, इंस्टैंट रिस्पॉन्स |
| उपयोगकर्ता अनुभव | कॉल ड्रॉप व धीमी स्ट्रीमिंग की समस्या | 4K वीडियो, लाइव रील्स और ऑफिस ऐप्स का सीमलेस रन |
| सुरक्षा एवं इंटरफेस | स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल | Syniverse सुरक्षित आईपीक्स (IPX) फ्रेमवर्क |
यात्रियों और प्रोफेशनल्स को क्या फायदा होगा?
अब तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान फोन का नेटवर्क बदलने पर इंटरनेट स्पीड काफी घट जाती थी या कनेक्शन 4G/LTE पर शिफ्ट हो जाता था। 5G स्टैंडअलोन रोमिंग लागू होने से यात्रियों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
- स्थानीय जैसा अनुभव: अमेरिका में उतरते ही बिना लोकल सिम खरीदे सीधे मूल 5G स्पीड का एक्सेस।
- कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सुगमता: हाई-डेफिनिशन ट्रैवल रील्स, व्लॉग्स और लाइव स्ट्रीमिंग बिना रुकावट अपलोड होंगी।
- कॉर्पोरेट व बिजनेस वर्क: वीपीएन (VPN), क्लाउड सॉफ्टवेयर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और भारी ऑफिस फाइल्स बिना बफरिंग के खुलेंगी।
शीर्ष नेतृत्व ने तकनीक को बताया गेम-चेंजर
टी-मोबाइल के चीफ नेटवर्क ऑफिसर अंकुर कपूर ने कहा:
"एक देश से दूसरे देश की यात्रा के दौरान भी उपभोक्ता का 5G अनुभव निर्बाध बना रहेगा। चाहे वह लाइव वीडियो स्ट्रीम कर रहा हो, यात्रा के पल साझा कर रहा हो या आवश्यक बिजनेस ऐप्स संचालित कर रहा हो, यह साझेदारी नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी की असली शक्ति को प्रदर्शित करती है।"
— अंकुर कपूर (चीफ नेटवर्क ऑफिसर, T-Mobile)
वहीं, जियो के इंटरनेशनल नेटवर्क, पार्टनरशिप एंड सर्विसेज के प्रमुख मार्क यारकोस्की ने कहा:
"यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल रोमिंग तक सीमित नहीं है। दो बड़े 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क्स का एक साथ आना वैश्विक स्तर पर ग्राहकों और व्यवसायों के लिए अत्याधुनिक कनेक्टेड सॉल्यूशंस और AI-आधारित सेवाओं के नए द्वार खोलने जा रहा है।"
— मार्क यारकोस्की (हेड, इंटरनेशनल नेटवर्क्स, रिलायंस जियो)
सिनिवर्स (Syniverse) का सुरक्षित तकनीकी आधार
इस जटिल क्रॉस-बॉर्डर 5G स्टैंडअलोन कनेक्टिविटी को संभव बनाने में प्रमुख तकनीकी फर्म सिनिवर्स (Syniverse) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सिनिवर्स के सुरक्षित प्लेटफॉर्म ने जियो और टी-मोबाइल के कोर नेटवर्क को सुरक्षित रूप से जोड़ते हुए डेटा ट्रैफिक को बिना किसी रुकावट या सुरक्षा खतरे के इंटरकनेक्ट करने की सुविधा दी है।


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