परिवहन विभाग को जल्द मिलेगा लखनऊ के अहिमामऊ में पहला डिटेंशन-डंपिंग यार्ड: ₹2.55 करोड़ की लागत से तैयार, 237 जब्त वाहनों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना
लखनऊ: राजधानी में परिवहन विभाग और पुलिस प्रवर्तन दलों द्वारा जब्त (निरुद्ध) किए जाने वाले वाहनों को रखने की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है। ग्राम अहिमामऊ में लगभग ₹2.55 करोड़ की लागत से आधुनिक डिटेंशन/डंपिंग यार्ड बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। तकनीकी समिति द्वारा स्थलीय निरीक्षण के बाद इसे शीघ्र ही परिवहन विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इस यार्ड के संचालन से थानों और सड़कों पर खड़े लावारिस व सीज वाहनों के दबाव से मुक्ति मिलेगी।
📌 अहिमामऊ डिटेंशन यार्ड के मुख्य बिंदु:
- कुल वाहन क्षमता: एक साथ 237 वाहन (136 हल्के वाहन, 15 भारी वाहन और 86 दोपहिया वाहन)।
- परियोजना लागत: ₹2.55 करोड़ से अधिक (बाउंड्रीवाल, मुख्य प्रशासनिक भवन और गार्ड रूम निर्मित)।
- कुल क्षेत्रफल: नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई 0.780 हेक्टेयर (83,958 वर्ग फीट) भूमि।
- वर्तमान स्थिति: PWD, ग्रामीण अभियंत्रण व सिंचाई विभाग की तकनीकी समिति के निरीक्षण बाद होगा हैंडओवर।
- सीधे लाभ: थानों में जगह की कमी दूर होगी, पी-4 और कल्ली यार्ड से गाड़ियां शिफ्ट होंगी, शहर को जाम से राहत मिलेगी।
📊 यार्ड की क्षमता और तकनीकी रूपरेखा
| वाहन श्रेणी / विवरण | निर्धारित क्षमता / मानक |
|---|---|
| हल्के चारपहिया वाहन (LMV) | 136 वाहन |
| भारी वाणिज्यिक वाहन (HMV/ट्रक/बस) | 15 वाहन |
| दोपहिया वाहन (Two-Wheelers) | 86 वाहन |
| कुल वाहन संग्रहण क्षमता | 237 वाहन |
| कुल भू-क्षेत्रफल | 0.780 हेक्टेयर (83,958 Sq. Ft.) |
वित्तीय वर्ष में 491 वाहन हुए निरुद्ध, थानों को मिलेगी बड़ी राहत
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ की प्रवर्तन टीमों ने चेकिंग के दौरान 5,628 वाहनों के चालान किए, जिनमें से 491 वाहनों को निरुद्ध (सीज) किया गया।
पर्याप्त स्थान न होने के कारण कई बार गंभीर अनियमितताओं के बावजूद वाहनों को थानों में जगह न होने पर चालान कर छोड़ना पड़ता था या खुले स्थानों पर खड़ा करना पड़ता था। अहिमामऊ यार्ड के शुरू होने से अब प्रवर्तन अधिकारी बिना किसी हिचकिचाहट के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर सकेंगे।
"सड़क सुरक्षा और जाम मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम": अपर परिवहन आयुक्त
"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क सुरक्षा विजन के तहत लखनऊ सहित कई जनपदों में सुनियोजित डंपिंग यार्ड बनाए जा रहे हैं। अहिमामऊ में यार्ड का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे पीजीआई स्थित कल्ली यार्ड और पी-4 पार्किंग में खड़े वाहनों को भी यहां शिफ्ट कर एक केंद्रीकृत व्यवस्था दी जाएगी, जिससे सड़क किनारे अवैध पार्किंग और जाम की समस्या समाप्त होगी।"
— के.डी. सिंह गौर (अपर परिवहन आयुक्त - प्रवर्तन, उ.प्र.)
तकनीकी समिति के निरीक्षण उपरांत शुरू होगा संचालन
कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने की सूचना के बाद अब लोक निर्माण विभाग (PWD), ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (RES) और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त तकनीकी समिति मौके की गुणवत्ता जांच करेगी। रिपोर्ट प्राप्त होते ही औपचारिक हैंडओवर कराकर वाहनों की शिफ्टिंग शुरू कर दी जाएगी।

0 टिप्पणियाँ