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'स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छन्दता नहीं, विवेकपूर्ण चयन है': नवयुग कॉलेज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर विमर्श, 23 छात्राएं सम्मानित

नवयुग कन्या महाविद्यालय में स्मृति परिचर्चा एवं सम्मान समारोह: 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व' पर मंथन; दर्शनशास्त्र की मेधावियों व 14 NCC कैडेटों को मिला नकद पुरस्कार

📍 स्थान: राजेन्द्र नगर, लखनऊ | 📅 दिनांक: 22 सितंबर 2026 | 🎓 श्रेणी: उच्च शिक्षा, दर्शनशास्त्र, एनसीसी एवं मेधावी छात्र सम्मान

लखनऊ: नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेन्द्र नगर के दर्शनशास्त्र विभाग एवं एनसीसी विंग के संयुक्त तत्वावधान में 'श्रीमती महेंद्र कौर सोढ़ी स्मृति परिचर्चा एवं सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर "व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व" विषय पर गंभीर दार्शनिक परिचर्चा संपन्न हुई। साथ ही, लखनऊ विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं में दर्शनशास्त्र विषय में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली 9 छात्राओं तथा सत्र 2025-26 में एनसीसी कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले 14 कैडेटों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

📌 परिचर्चा एवं सम्मान समारोह के मुख्य बिंदु:

  • 12 वर्षों की अनवरत परंपरा: विभागाध्यक्ष मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी अपनी पूज्य माता स्व. श्रीमती महेंद्र कौर सोढ़ी के जन्मदिवस की स्मृति में प्रतिवर्ष यह नकद पुरस्कार प्रदान करती हैं।
  • मेधावी सम्मान: दर्शनशास्त्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं और शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाली 14 एनसीसी कैडेटों को ₹1,000-₹1,000 का नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र।
  • मुख्य वक्ता: प्रो. राकेश चंद्रा (पूर्व विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने स्वतंत्रता के दार्शनिक और नैतिक पक्षों को समझाया।
  • मुख्य अतिथि: कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक (कमांडिंग ऑफिसर, 19 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी) ने अनुशासन को जीवन का मूल आधार बताया।
  • अध्यक्षीय संदेश: प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहकर लक्ष्य की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

📊 सम्मानित मेधावी छात्राओं एवं एनसीसी कैडेटों की सूची

श्रेणी / सत्र सम्मानित छात्राएं / कैडेट्स (प्राप्तांक) प्रदान किया गया पुरस्कार
दर्शनशास्त्र (सेमेस्टर IV) अनन्या तिवारी (92%), अन्वेषा तिवारी (86%), जिज्ञासा यादव (81%), वैष्णवी पाठक (75%) प्रत्येक को ₹1,000 नकद व प्रशस्ति पत्र
दर्शनशास्त्र (सेमेस्टर III व I) सेमेस्टर III: आराधना (78%), सहरीन (77%), खुशी सिंह (76%)
सेमेस्टर I: लक्ष्मी राठौर (76%)
प्रत्येक को ₹1,000 नकद व प्रशस्ति पत्र
एनसीसी 100% उपस्थिति (2025-26) कैडेट दीप्ति, सिद्धी यादव, बुशरा हामिद, प्रियांशी चौरसिया, प्रीति कुमारी, दिव्यांशी वर्मा, खुशी निषाद, अरुंधति यादव, प्रिया रावत, अलीशा, निधि वाजपेई, मानसी वर्मा, इला सिद्दीकी तथा रिया विश्वकर्मा (कुल 14 कैडेट्स) प्रत्येक को ₹1,000 नकद व प्रशस्ति पत्र

"विवेक के आधार पर उचित चुनाव ही वास्तविक स्वतंत्रता": प्रो. राकेश चंद्रा

मुख्य वक्ता एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर राकेश चंद्रा ने स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व के दार्शनिक पहलुओं का गहन विश्लेषण किया।

"दर्शन की दृष्टि से स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छन्दता कतई नहीं है। अपनी अनियंत्रित इच्छा के अनुसार कुछ भी कर पाना स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपने विवेक के आधार पर उचित और नैतिक चुनाव कर पाना ही वास्तविक स्वतंत्रता है। इमैनुएल कांट का नीतिशास्त्र सिखाता है कि मनुष्य तभी स्वतंत्र है जब वह वासनाओं का दास न होकर नैतिक नियमों पर चले। श्रीमद्भगवद्गीता हमें अधिकार के साथ कर्तव्य का बोध कराती है, वहीं महात्मा गांधी का 'स्वराज' अपने आचरण को अनुशासित रखने की सामर्थ्य है।"
— प्रो. राकेश चंद्रा (पूर्व विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र, लविवि)

कर्तव्य, अनुशासन और गरिमा का सम्मान ही जीवन का आधार

समारोह के मुख्य अतिथि 19 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक ने कहा कि युवा वर्ग को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी समान रूप से सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य चेतन और सामाजिक प्राणी है; अतः व्यक्तिगत निर्णयों का प्रभाव समाज पर अवश्य पड़ता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने मेधावियों और उनके माता-पिता को बधाई देते हुए कहा:

"स्वतंत्रता का वास्तविक मूल्य तभी सार्थक होता है, जब वह दूसरों की स्वतंत्रता और गरिमा का पूरा सम्मान करे। अपनी माता जी की स्मृति में विगत 12 वर्षों से छात्राओं को आर्थिक संबल व प्रोत्साहन देने की यह पहल अत्यंत प्रशंसनीय और अनुकरणीय है।"
— प्रो. मंजुला उपाध्याय (प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय)

डिजिटल युग में अधिकारों और उत्तरदायित्वों का संतुलन

कार्यक्रम संयोजक एवं दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी ने विषय की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि आज डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति और करियर चयन की असीम स्वतंत्रता है, किंतु इसके साथ ही राष्ट्रीय व सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध होना भी अनिवार्य है। अधिकार हमें स्वतंत्रता देते हैं और कर्तव्य उस स्वतंत्रता को सही दिशा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का कुशल संचालन IQAC समन्वयक प्रोफेसर संगीता कोतवाल द्वारा किया गया। समारोह में श्रीमती हरमीत कौर आनंद, डॉ. क्षमा तिवारी, डॉ. आभा दुबे, प्रो. विनीता सिंह, प्रो. सीमा सरकार, डॉ. ऐश्वर्या सिंह, डॉ. नेहा अग्रवाल, प्रो. ज्योत्सना, श्रीमती नीलम, सम्मानित छात्राओं के माता-पिता तथा बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

सार्थक संदेश: नवयुग कन्या महाविद्यालय का यह आयोजन बौद्धिक विमर्श और मातृ-स्मृति में युवा शक्ति को प्रोत्साहित करने का एक उत्कृष्ट संगम रहा, जिसने छात्राओं में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ नागरिक अनुशासन की भावना को सुदृढ़ किया।

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