अमेठी के लाल सलमान खान ने एशियाई खेल 2026 में लहराया परचम: सतनाम सिंह के साथ रोइंग डबल स्कल्स में जीता कांस्य पदक; सेना से पोडियम तक का प्रेरक सफर
आइची-नगोया (जापान): उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के प्रतिभावान रोवर सलमान खान ने एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कराई है। गुरुवार को नागाला नदी स्थित इंटरनेशनल रोइंग कोर्स में आयोजित पुरुष डबल स्कल्स (Men's Double Sculls) स्पर्धा के कड़े फाइनल मुकाबले में सलमान खान और उनके साथी सतनाम सिंह की भारतीय जोड़ी ने 6 मिनट 13.25 सेकेंड का शानदार समय निकालते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया।
📌 पदक मुकाबले के मुख्य आकर्षण:
- कांस्य पदक: सलमान खान (अमेठी, उप्र) और सतनाम सिंह (मानसा, पंजाब) ने 6:13.25 के समय के साथ तीसरा स्थान पाया।
- कड़ा मुकाबला: रेस के पहले 1500 मीटर तक भारतीय जोड़ी दूसरे स्थान पर बनी रही और शीर्ष टीमों को कड़ी टक्कर दी।
- स्वर्ण व रजत: चीन की जोड़ी (6:09.77) ने स्वर्ण पदक और उज्बेकिस्तान (6:10.49) ने रजत पदक जीता।
- सेना की पृष्ठभूमि: 2018 में बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप से सेना में भर्ती होने के बाद रोइंग की शुरुआत की; वर्तमान में नायब सूबेदार हैं।
- सतनाम का लगातार दूसरा पदक: मानसा निवासी सतनाम सिंह ने 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों के बाद लगातार दूसरा एशियाड कांस्य जीता।
📊 एशियाई खेल 2026: पुरुष डबल स्कल्स फाइनल परिणाम
| स्थान / पदक | एथलीट / जोड़ी | देश | रिकॉर्डेड समय |
|---|---|---|---|
| 🥇 स्वर्ण पदक | यी शुदी एवं नी यिदे | चीन (China) | 6:09.77 |
| 🥈 रजत पदक | पावेल सोरिन एवं मेखरोजबेक मामातकुलोव | उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) | 6:10.49 |
| 🥉 कांस्य पदक | सलमान खान एवं सतनाम सिंह | भारत (India) | 6:13.25 |
अंतिम क्षणों तक चला रोमांचक मुकाबला
फाइनल रेस की शुरुआत में सलमान और सतनाम की जोड़ी ने आक्रामक रणनीति अपनाई। भारतीय जोड़ी 500 मीटर, 1000 मीटर और 1500 मीटर के स्प्लिट तक लगातार दूसरे स्थान पर मजबूती से डटी रही। हालांकि, अंतिम 500 मीटर के स्प्रिंट में उज्बेकिस्तान की नाव ने मामूली बढ़त बना ली। भारतीय रोवर्स स्वर्ण पदक विजेता चीन से 3.48 सेकेंड और रजत विजेता उज्बेकिस्तान से महज 2.76 सेकेंड पीछे रहे।
नागोया में मौजूद उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के सचिव व रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सुधीर शर्मा ने फिनिश लाइन पर पहुंचकर दोनों खिलाड़ियों को गले लगाकर बधाई दी और इसे भारतीय रोइंग के लिए मील का पत्थर बताया।
सेना की वर्दी से एशियाई पोडियम तक: सलमान का प्रेरणादायी संघर्ष
अमेठी के रहने वाले सलमान खान वर्ष 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप (BEG) में शामिल हुए थे। सेना में आने से पहले उनका रोइंग से कोई वास्ता नहीं था। सेना के प्रशिक्षकों ने उनकी शारीरिक क्षमता और मजबूत कद-काठी को देखकर उन्हें रोइंग के लिए प्रेरित किया।
शुरुआती दिनों में चोटों और कठिन अभ्यास के कारण सलमान ने दो बार खेल छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन सेना के कोचों के अटूट विश्वास ने उन्हें डिगने नहीं दिया। पुणे स्थित आर्मी रोइंग नोड में कड़े अभ्यास के दम पर वे आगे बढ़े:
- टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS): उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद 2023 में खेल मंत्रालय की टॉप्स योजना में शामिल किए गए।
- सेना में पदोन्नति: 2024 एशियन रोइंग कप में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें नायब सूबेदार का पद दिया गया।
- अंतरराष्ट्रीय साख: 2025 ऑस्ट्रेलियन रोइंग चैंपियनशिप और 2025 एशियन रोइंग चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। साथ ही 2023 वर्ल्ड रोइंग कप और 2024 ब्रिक्स गेम्स में तिरंगे का प्रतिनिधित्व किया।
- राष्ट्रीय रिकॉर्ड: राष्ट्रीय स्तर पर सलमान 6 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीत चुके हैं।
सतनाम सिंह का लगातार दूसरा एशियाड पदक
सलमान के अनुभवी जोड़ीदार सतनाम सिंह पंजाब के मानसा जिले से आते हैं। सतनाम ने इससे पहले 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इस बार नई विधा डबल स्कल्स में सलमान खान के साथ तालमेल बिठाते हुए उन्होंने लगातार दूसरा एशियाई पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की है।
खेल जगत और प्रशासनिक हस्तियों ने दी बधाई
"अमेठी के ग्रामीण परिवेश से निकलकर एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंचना सलमान के अदम्य साहस और भारतीय सेना के उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का प्रमाण है। सलमान और सतनाम की यह ऐतिहासिक सफलता देश के हजारों युवा एथलीटों को रोइंग अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।"
— डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय (महासचिव, उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन)
उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के संरक्षक पवन सिंह चौहान (एमएलसी), अध्यक्ष रानी पक्षालिका सिंह (एमएलए), चेयरमैन रेणुका मिश्रा (आईपीएस), चयन समिति के अध्यक्ष आदित्य मिश्रा (सेवानिवृत्त आईपीएस), डॉ. आरपी सिंह, राजीव त्रिवेदी, विनोद कुमार सिंह, डॉ. आरके स्वर्णकार एवं दीपक कुमार (आईपीएस) ने भी दोनों पदक विजेताओं को बधाई प्रेषित की।


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