68500 शिक्षक भर्ती आरक्षण मामला: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन को लेकर बेसिक शिक्षामंत्री के आवास का घेराव; पुलिस ने भेजा इको गार्डन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण विसंगतियों को लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (State Backward Classes Commission) द्वारा जारी संस्तुतियों और आदेशों के अनुपालन की मांग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के सरकारी आवास का घेराव किया। आवास के बाहर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद पुलिस-प्रशासन ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर धरना स्थल इको गार्डन भेज दिया।
📌 68500 शिक्षक भर्ती घेराव के मुख्य बिंदु:
- मुख्य मांग: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आदेश/संस्तुति का तत्काल और अक्षरशः अनुपालन।
- कटऑफ पात्रता: 150 में से 60 अंक (40%) प्राप्त करने वाले OBC, दिव्यांग, पूर्व सैनिक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों को नियुक्ति।
- जवाबदेही तय करने की मांग: आरक्षण विसंगतियों के लिए जिम्मेदार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई।
- प्रशासनिक कार्रवाई: शिक्षामंत्री आवास पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हटाकर बसों से धरना स्थल इको गार्डन भेजा गया।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश पर अमल की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन को लेकर वे वर्षों से विधिक और लोकतांत्रिक संघर्ष कर रहे हैं। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस मामले की गहन सुनवाई के बाद अभ्यर्थियों के पक्ष में स्पष्ट संस्तुति दी थी, जिसमें 150 पूर्णांक में 60 अंक (40 प्रतिशत) पाने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित विशेष आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानकर नियुक्ति दिए जाने का निर्देश दिया गया है।
आरोप है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग और शासन स्तर पर आयोग के आदेश के क्रियान्वयन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
📋 अभ्यर्थियों की 5 प्रमुख मांगें
| क्र.सं. | प्रमुख मांग का विवरण |
|---|---|
| 1 | राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी आदेश/संस्तुति का तत्काल और पूर्ण अनुपालन हो। |
| 2 | 150 में से 60 अंक (40%) प्राप्त करने वाले पात्र OBC, दिव्यांग, पूर्व सैनिक व स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों को नियुक्ति मिले। |
| 3 | आरक्षण विसंगतियों के लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई हो। |
| 4 | आयोग की संस्तुति पर शासन द्वारा की गई प्रगति की स्थिति सार्वजनिक की जाए। |
| 5 | लंबित भर्ती प्रक्रिया का समयबद्ध एवं न्यायपूर्ण अंतिम निस्तारण किया जाए। |
'संवैधानिक अधिकार मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष'
"हम केवल अपने संवैधानिक अधिकारों और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए वैधानिक न्याय की मांग कर रहे हैं। वर्षों के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आयोग ने निष्पक्ष निर्णय दिया है, लेकिन विभाग इसे दबाकर बैठा है। जब तक शासन इस आदेश को लागू कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं करता, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।"
— तूफान सिंह (धरना नेतृत्वकर्ता)
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, कुसुम चौधरी, अनुराग पाल, विनोद प्रजापति, राम भवन साहू, शेरा, उमेश गुप्ता, रणबहादुर वर्मा, नसीम, राकेश साहनी सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।



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