विश्व हृदय दिवस पर बलरामपुर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम: विशेषज्ञों ने साझा किया स्वस्थ दिल का मंत्र, STEMI क्लिनिक व 'गोल्डन ऑवर' पर विशेष जोर
लखनऊ: विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) के अवसर पर मंगलवार को राजधानी के ऐतिहासिक बलरामपुर चिकित्सालय के ओपीडी परिसर में सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मरीजों, उनके तीमारदारों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को स्वस्थ जीवनशैली, रक्तचाप नियंत्रण और हार्ट अटैक के समय त्वरित प्राथमिक उपचार के महत्व के प्रति जागरूक किया।
📌 हृदय स्वास्थ्य के लिए डॉक्टरों के मुख्य परामर्श:
- गोल्डन ऑवर का महत्व: हार्ट अटैक के पहले घंटे में तत्काल अस्पताल पहुंचने और ईसीजी कराने से जान का जोखिम न्यूनतम होता है।
- STEMI क्लिनिक: बलरामपुर अस्पताल में आपातकालीन ईसीजी और प्राथमिक थ्रोम्बोलिटिक थेरेपी की त्वरित सुविधा उपलब्ध।
- नमक व बीपी नियंत्रण: भोजन में अतिरिक्त नमक का त्याग कर उच्च रक्तचाप (Hypertension) को नियंत्रित रखना दिल के लिए जरूरी।
- वार्षिक जांच: 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित रूप से फास्टिंग ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना अनिवार्य।
- तनाव व तंबाकू मुक्ति: धूम्रपान से दूरी, प्रतिदिन 30 मिनट का मध्यम व्यायाम और मानसिक तनाव में कमी हृदय रोगों से बचाती है।
📊 विशेषज्ञ पैनल: स्वस्थ हृदय के लिए मुख्य सुझाव व प्रोटोकॉल
| चिकित्सा विशेषज्ञ | पद / दायित्व | मुख्य परामर्श / स्वास्थ्य संदेश |
|---|---|---|
| डॉ. बी.के.एस. चौहान | निदेशक, बलरामपुर अस्पताल | STEMI क्लिनिक का लाभ उठाएं; शुरुआती मिनटों में जांच से जीवन रक्षा संभव। |
| डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी | मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) | नमक का सेवन सीमित रखें; ब्लड प्रेशर को 120/80 के करीब नियंत्रित करें। |
| डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव | चिकित्सा अधीक्षक (MS) | कोलेस्ट्रॉल व शुगर की नियमित निगरानी; सीने में भारीपन को गैस समझकर न टालें। |
| डॉ. युसूफ अंसारी | वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट | इमरजेंसी ईसीजी नेटवर्क से ब्लॉकेज की तत्काल पहचान व प्राथमिक उपचार। |
| डॉ. एम.एच. उस्मानी | वरिष्ठ विशेषज्ञ | तंबाकू व सिगरेट का पूर्ण त्याग; रोज शारीरिक गतिविधि व मानसिक शांति आवश्यक। |
STEMI क्लिनिक: आपातकालीन हृदय देखभाल में समय ही जीवन है
अस्पताल के निदेशक डॉ. बी.के.एस. चौहान ने आपातकालीन हृदय देखभाल व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती समय यानी ‘गोल्डन ऑवर’ (Golden Hour) अत्यंत निर्णायक होता है।
"हार्ट अटैक आने पर मरीज को अनावश्यक घरेलू नुस्खों में उलझाने के बजाय सीधे निकटतम सुसज्जित अस्पताल ले जाना चाहिए। हमारे अस्पताल में संचालित STEMI नेटवर्क के माध्यम से मरीज के पहुंचते ही त्वरित ईसीजी और आवश्यक थ्रोम्बोलिसिस दवाएं शुरू की जाती हैं, जिससे हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।"
— डॉ. बी.के.एस. चौहान (निदेशक, बलरामपुर अस्पताल)
इन चेतावनी संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव और वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. युसूफ अंसारी ने जनसामान्य को जागरूक करते हुए बताया कि कई बार मरीज सीने के दर्द को सामान्य गैस या अपच समझकर टाल देते हैं, जो घातक सिद्ध होता है। निम्नलिखित लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें:
- सीने के बीचों-बीच भारीपन, दबाव, जकड़न या जलन महसूस होना।
- दर्द का बाएं कंधे, बांह, गर्दन, जबड़े या पीठ की ओर फैलना।
- हल्की मेहनत पर भी अचानक सांस फूलना और अत्यधिक पसीना आना।
- अचानक चक्कर आना, घबराहट और हृदय की धड़कनों का अनियंत्रित होना।
नर्सिंग छात्राओं व पैरामेडिकल स्टाफ ने दिया जागरूकता संदेश
कार्यक्रम में मुख्य फार्मासिस्ट राजीव कुमार, नर्सिंग स्कूल की प्रिंसिपल, ओपीडी इंचार्ज सिस्टर गुरप्रीत सहित बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं। नर्सिंग छात्राओं ने पोस्टरों और नारों के माध्यम से ओपीडी में आए मरीजों और तीमारदारों को जंक फूड छोड़ने, कम तेल-मसाले वाला संतुलित भोजन लेने तथा प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलने के लिए प्रेरित किया।


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