लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय का होगा भव्य विस्तार: 6.8 एकड़ में विकसित होगी वाटर बॉडी; योगी कैबिनेट ने तीसरे चरण के प्रस्ताव पर लगाई मुहर
लखनऊ: राजधानी लखनऊ को ज्ञान-आधारित एवं अनुभवात्मक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में नौसेना शौर्य संग्रहालय (Naval Gallantry Museum) के तीसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दे दी गई। इसके अंतर्गत 6.8 एकड़ क्षेत्र में एक विशाल वाटर बॉडी (जलाशय) विकसित की जाएगी, जिसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पर्यटन विभाग को मात्र ₹1 लाख की सांकेतिक टोकन मनी पर भूमि हस्तांतरित करेगा। साथ ही पूरे परिसर के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए को सौंपी गई है।
📌 नौसेना शौर्य संग्रहालय विस्तार के मुख्य बिंदु:
- 6.8 एकड़ में वाटर बॉडी: तीसरे चरण में जलाशय का निर्माण, जहां युद्धपोतों की प्रतिकृतियां, बोटिंग और समुद्री जैव विविधता की प्रदर्शनियां होंगी।
- प्रमुख आकर्षण: लेजर लाइट एंड साउंड शो, सिमुलेशन जोन, डिजिटल गैलरी और विशाल एक्वेरियम का निर्माण।
- कुल लागत व लक्ष्य: अब तक ₹69.10 करोड़ स्वीकृत; वर्ष 2025 में प्रारंभ हुई इस त्रिकोणीय परियोजना को 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य।
- विद्यार्थियों को विशेष छूट: शैक्षणिक भ्रमण को बढ़ावा देने के लिए छात्रों और स्कूली बच्चों को रियायती दरों पर प्रवेश टिकट मिलेगा।
- एलडीए का प्रबंधन: टिकट खिड़की, सुरक्षा, साफ-सफाई और संपत्तियों के रख-रखाव का कार्य एकल एजेंसी के रूप में एलडीए संभालेगा।
📊 नौसेना शौर्य संग्रहालय परियोजना: एक नजर में
| परियोजना घटक | आधिकारिक विवरण व मानक |
|---|---|
| स्थान व नोडल एजेंसी | लखनऊ | उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एवं भारतीय नौसेना |
| तीसरे चरण का क्षेत्रफल | 6.8 एकड़ (वाटर बॉडी एवं बोटिंग क्षेत्र) |
| भूमि हस्तांतरण दर | ₹1 लाख (टोकन मनी पर एलडीए द्वारा) |
| कुल स्वीकृत बजट | ₹69.10 करोड़ (तीनों चरणों के लिए) |
| पूर्ण होने की समय-सीमा | वर्ष 2027 तक |
| संचालन एवं रखरखाव एजेंसी | लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) |
युवाओं को राष्ट्रीय विरासत और समुद्री पराक्रम से जोड़ेगा संग्रहालय
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है, जो केवल सैर-सपाटे तक सीमित न रहकर नागरिकों और छात्रों में जिज्ञासा पैदा करें।
“अनुभवात्मक और ज्ञान-आधारित पर्यटन के जरिए युवा पीढ़ी के लिए इतिहास, विज्ञान और रक्षा तकनीक को रोचक बनाया जा रहा है। नौसेना शौर्य संग्रहालय के तीसरे चरण का विस्तार परिवारों के लिए एक संपूर्ण गंतव्य बनेगा, जिससे लखनऊ के पर्यटन कारोबार और स्थानीय रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी।”
— जयवीर सिंह (पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उत्तर प्रदेश)
तीन चरणों में हो रहा है कायाकल्प: जानिए क्या होगा खास?
- पहला चरण (नौसेना शौर्य वाटिका): इसका उद्घाटन 30 मई 2026 को रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। वाटिका में भारतीय नौसेना के वास्तविक तोपें, मिसाइल सिस्टम, लंगर, प्रोपेलर और पनडुब्बियों के पुर्जे स्थापित किए गए हैं।
- दूसरा चरण (क्यूरेशन व एक्सपीरियंस सेंटर): भारत के प्राचीन समुद्री व्यापार, आधुनिक युद्ध अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक पर आधारित सिमुलेशन, इंटरैक्टिव स्क्रीन, डिजिटल गैलरी और एक बड़ा मरीन एक्वेरियम विकसित किया जा रहा है।
- तीसरा चरण (6.8 एकड़ वाटर बॉडी): नौसैनिक जहाजों के विशाल मॉडल्स, लाइट एंड साउंड शो, बोटिंग और मरीन बायोडायवर्सिटी जोन का निर्माण किया जाएगा।
एलडीए संभालेगा एकीकृत कमान, छात्रों को रियायत
परियोजना की देखरेख और संचालन में प्रशासनिक जटिलताओं को खत्म करने के लिए पूरे परिसर का प्रबंधन एलडीए को सौंपा गया है। वाटिका, एक्सपीरियंस सेंटर और वाटर बॉडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद एलडीए ही सुरक्षा, सफाई, पार्किंग और टिकट प्रबंधन की निगरानी करेगा। शैक्षणिक टूर पर आने वाले स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के लिए टिकट दरों में विशेष रियायत दी जाएगी ताकि युवा पीढ़ी रक्षा सेवाओं के प्रति प्रेरित हो सके।

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