Asian Games 2026: भारत को 1 मिनट में मिले 2 गोल्ड! 2-9 से पिछड़कर पहलवान सुजीत कलकल ने पलटा फाइनल, अंकुश पंघाल ने पूरा किया बॉक्सिंग का गोल्डन हैट्रिक
आइची-नागोया (जापान): 20वें एशियाई खेल 2026 में शुक्रवार का दिन भारतीय खेलों के इतिहास में 'गोल्डन फ्राइडे' के रूप में दर्ज हो गया। भारत ने कुश्ती और मुक्केबाजी के अखाड़े में मात्र 60 सेकंड के अंतराल में दो ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। फ्रीस्टाइल कुश्ती में जहां सुजीत कलकल ने 2-9 के भारी अंतर से पिछड़ने के बाद अविश्वसनीय पलटवार कर 10-9 से सोना जीता, वहीं रिंग में अंकुश पंघाल ने धमाकेदार पंचों से भारत को दिन का पांचवां स्वर्ण दिलाया। मुक्केबाजी में भारत ने लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल के दम पर गोल्डन हैट्रिक लगाई।
📌 'गोल्डन फ्राइडे' के मुख्य आकर्षण:
- 1 दिन में 5 गोल्ड: भारत ने शुक्रवार को कुल 5 स्वर्ण पदकों पर कब्जा जमाकर पदक तालिका में जबरदस्त छलांग लगाई।
- सुजीत का चमत्कारी कमबैक: 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में ताजिकिस्तान के पहलवान के खिलाफ 2-9 से पिछड़ने के बाद अंतिम सेकंड्स में 10-9 से जीती बाजी।
- बॉक्सिंग में गोल्डन हैट्रिक: लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीतकर रिंग में इतिहास रचा।
- बर्थडे गर्ल लवलीना का कमाल: ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन चीनी बॉक्सर को 5-0 से एकतरफा पटखनी दी।
- तीरंदाजी में भी सोना: महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
📊 एशियन गेम्स 2026: शुक्रवार को भारत के 5 स्वर्ण पदक विजेता
| खिलाड़ी / टीम | खेल स्पर्धा | भार / श्रेणी | फाइनल परिणाम / प्रतिद्वंद्वी |
|---|---|---|---|
| सुजीत कलकल | कुश्ती (Wrestling) | पुरुष 65 किग्रा फ्रीस्टाइल | 10-9 बनाम अब्दुलमाजिद कुडिएव (ताजिकिस्तान) |
| अंकुश पंघाल | मुक्केबाजी (Boxing) | पुरुष 80 किग्रा | 4-0 बनाम किम मिनसियोंग (दक्षिण कोरिया) |
| लवलीना बोरगोहेन | मुक्केबाजी (Boxing) | महिला 75 किग्रा | 5-0 बनाम बाओ जियी (चीन) |
| परवीन हुड्डा | मुक्केबाजी (Boxing) | महिला 65 किग्रा | 3-2 बनाम चेन निएन-चिन (चीनी ताइपे) |
| भारतीय महिला टीम | तीरंदाजी (Archery) | महिला रिकर्व टीम इवेंट | गोल्ड मेडल जीत |
2-9 से पिछड़ने के बाद सुजीत का हैरतअंगेज पलटवार: 10-9 से छीना गोल्ड
पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती फाइनल का मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा। भारतीय पहलवान सुजीत कलकल का सामना ताजिकिस्तान के मजबूत पहलवान अब्दुलमाजिद कुडिएव से था। मुकाबले के पहले दौर और दूसरे दौर की शुरुआत में कुडिएव पूरी तरह हावी दिखे और उन्होंने सुजीत पर 9-2 की विशाल बढ़त बना ली। ऐसा लग रहा था कि भारत को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ेगा।
किंतु सुजीत ने हार नहीं मानी। अंतिम 45 सेकंड में सुजीत ने आक्रामक टेकल और शानदार दांवपेच दिखाते हुए लगातार अंक बटोरे। मैच समाप्त होने से ठीक कुछ सेकंड पहले सुजीत ने दो महत्वपूर्ण अंक हासिल कर स्कोर को 10-9 कर दिया। मुकाबला खत्म होते ही पूरा भारतीय खेमा खुशी से झूम उठा।
अंकुश पंघाल का पंच और बॉक्सिंग में भारत की गोल्डन हैट्रिक
सुजीत के स्वर्ण पदक जीतने के मुश्किल से एक मिनट बाद ही बॉक्सिंग एरिना से भारत के लिए दूसरी खुशखबरी आई। पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के खिताबी मुकाबले में युवा मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से एकतरफा मात दी। अंकुश ने पूरे बाउट में अपनी गति, बेहतरीन फुटवर्क और सटीक जैब से विपक्षी मुक्केबाज को कोई मौका नहीं दिया।
अंकुश के इस पंच के साथ ही भारत ने बॉक्सिंग में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी कर ली। इससे पहले दिन में दो भारतीय महिला मुक्केबाजों ने रिंग पर अपना वर्चस्व साबित किया था:
- लवलीना का बर्थडे गिफ्ट: टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाते हुए महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में चीनी मुक्केबाज बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से धूल चटाई।
- परवीन हुड्डा का संयम: महिलाओं के 65 किग्रा फाइनल में परवीन हुड्डा ने विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की बॉक्सर चेन निएन-चिन को बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से मात दी।
तीरंदाजी से लेकर मैट और रिंग तक तिरंगे की शान
दिन की स्वर्णिम शुरुआत भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने की थी, जिन्होंने सटीक निशानों के साथ प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर पोडियम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद तीन मुक्केबाजी और एक कुश्ती के स्वर्ण पदकों ने भारत की स्थिति को मेडल टैली में अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की।
"एक ही दिन में पांच स्वर्ण पदक और वह भी कुछ ही मिनटों के अंतराल पर दो-दो गोल्ड आना भारतीय खेलों के बढ़ते वैश्विक दबदबे और खिलाड़ियों के अदम्य मानसिक साहस को दर्शाता है।"


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