प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रही नारी शक्ति: शारदीय नवरात्रि पर बोले सीएम योगी— 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते' की भावना से काम कर रही डबल इंजन सरकार
लखनऊ: शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में आए अभूतपूर्व बदलावों को रेखांकित किया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ के सनातन आदर्श को जमीन पर उतारकर काम कर रही है। मजबूत कानून व्यवस्था और प्रोत्साहनकारी नीतियों का ही परिणाम है कि आज प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व नारी शक्ति कर रही है।
📌 सीएम योगी के वक्तव्य के मुख्य बिंदु:
- उद्यमिता में महिला शक्ति: राज्य के 50% से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स की कमान अब महिला उद्यमियों के हाथों में है।
- कार्यबल भागीदारी में तीन गुना उछाल: महिला श्रमबल भागीदारी दर (FLFPR) 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत के पार पहुंची।
- उपद्रव से उत्सव प्रदेश: कानून के राज की बदौलत बेटियां भयमुक्त होकर नाइट शिफ्ट में काम कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं।
- कल्याणकारी नीतियों का संबल: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, सुकन्या समृद्धि और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से बेटियों को जन्म से लेकर शिक्षा तक आर्थिक सुरक्षा।
- सशक्त नारी से विकसित यूपी: मिशन शक्ति, सेफ सिटी प्रोजेक्ट और कामकाजी महिला छात्रावासों के जरिए आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खुले।
📊 उत्तर प्रदेश में नारी स्वावलंबन: प्रगति एवं आंकड़े
| क्षेत्र / पैमाना | वर्तमान स्थिति एवं मुख्य बदलाव |
|---|---|
| महिला स्टार्टअप्स हिस्सेदारी | प्रदेश के 50% से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रहीं |
| महिला कार्यबल भागीदारी (FLFPR) | 12% (वर्ष 2017 से पूर्व) से बढ़कर 36% से अधिक हुई |
| कानून-व्यवस्था का प्रभाव | औद्योगिक व कॉर्पोरेट सेक्टर में महिलाओं को सुरक्षित नाइट शिफ्ट की सुविधा |
| गतिशीलता एवं शिक्षा योजनाएं | कस्तूरबा बालिका विद्यालय, ऑपरेशन कायाकल्प, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना |
| आश्रय एवं सामाजिक सुरक्षा | लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल, सेफ सिटी और मिशन शक्ति |
घर की चौखट से अर्थव्यवस्था की ड्राइविंग सीट तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में व्याप्त असुरक्षा और अराजकता के माहौल के कारण बेटियों के लिए सामान्य शिक्षा और आवागमन भी बेहद चुनौतीपूर्ण था। सरकार ने सत्ता में आते ही अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाकर और पुलिसिंग को संवेदनशील बनाकर महिलाओं के मन में सुरक्षा का भाव पैदा किया।
“वर्ष 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना भी एक बड़ी चुनौती थी, आज वही बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं। महिला कार्यबल भागीदारी का 12 से बढ़कर 36 फीसदी पार होना महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और विस्तृत होते अवसरों का प्रमाण है।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत संबल
डबल इंजन सरकार ने बालिकाओं और महिलाओं के समग्र विकास के लिए चरणबद्ध योजनाएं लागू की हैं:
- मातृ एवं शिशु पोषण: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान के जरिए गर्भवती महिलाओं और नवजातों के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत सहारा मिला है।
- शिक्षा और शादी हेतु संबल: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना के जरिए बेटियों के बैंक खातों में सीधी वित्तीय मदद पहुंचाई जा रही है।
- कामकाजी महिलाओं को सहूलियत: शहरों में कामकाजी महिलाओं के रहने के लिए 'लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल' बनाए जा रहे हैं, जबकि 'सेफ सिटी' परियोजना के तहत सीसीटीवी कैमरों और पिंक पेट्रोलिंग से चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
'सशक्त नारी से समृद्ध उत्तर प्रदेश' का संकल्प
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश 'उपद्रव प्रदेश' की पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर अब 'उत्सव प्रदेश' और 'उद्योग प्रदेश' बन चुका है। भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः' को शासन की नीतियों का केंद्र बनाकर सरकार आगे बढ़ रही है। 'सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश' के माध्यम से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के विराट संकल्प को समयबद्ध रूप से साकार किया जाएगा।

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