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'जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी': गोरखपुर से कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी; बोले— देश में अराजकता का पर्याय बनी पार्टी

'देश में अराजकता और अव्यवस्था का पर्याय बनी कांग्रेस': गोरखपुर से बरसे सीएम योगी— बोले, चुनाव जीतें तो पुरुषार्थ, हारें तो EVM दोषी

📍 स्थान: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 12 अक्टूबर 2026 | 🏛️ श्रेणी: राष्ट्रीय राजनीति, उत्तर प्रदेश शासन, मुख्यमंत्री वक्तव्य, बीजेपी बनाम कांग्रेस

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कांग्रेस और विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। गोरखपुर में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश में अव्यवस्था और अराजकता का पर्याय बन चुकी है। अपनी चुनावी हार को छिपाने के लिए यह दल चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कठघरे में खड़ा करने की साजिश रच रहा है। सीएम योगी ने दो टूक कहा कि 1985 के बाद से उत्तर प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह नकार दिया है और अब समय आ गया है कि पार्टी अपने अकर्मण्य व जनाधार खो चुके नेतृत्व को बदले।

📌 सीएम योगी के संबोधन के मुख्य राजनीतिक बिंदु:

  • संवैधानिक संस्थाओं का अपमान: चुनाव जीतने पर पुरुषार्थ का दावा और हारने पर ईवीएम व चुनाव आयोग पर दोष मढ़ना कांग्रेस की फितरत बन चुका है।
  • न्यायपालिका पर सवाल: मेरिट के आधार पर फैसले देने वाली अदालतों और संवैधानिक पीठों को भी धमकियां और कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास।
  • 41 साल से UP से बाहर: उत्तर प्रदेश की जनता ने वर्ष 1985 के बाद से कांग्रेस को सत्ता से विदा कर दिया, देश के अन्य राज्यों से भी उसका जनाधार खत्म।
  • नेतृत्व परिवर्तन की सलाह: मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने अकर्मण्य और भ्रष्ट मंसूबों वाले शीर्ष नेतृत्व को तत्काल बदल देना चाहिए।
  • अराजकता पर चेतावनी: जनता जागरूक है और यदि असंवैधानिक कृत्य बंद नहीं हुए, तो कांग्रेस अपना बचा-खुचा जनाधार भी पूरी तरह खो देगी।

📊 सीएम योगी का कांग्रेस पर हमला: प्रमुख आरोप एवं तर्क

मुद्दा / आयाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख
EVM व निर्वाचन आयोग दोहरा मापदंड: जीतें तो स्वयं की ताकत, हारें तो चुनावी मशीनरी पर दोषारोपण
न्यायपालिका की मर्यादा फैसले अनुकूल न होने पर अदालतों को कठघरे में खड़ा करना लोकतंत्र विरोधी
उत्तर प्रदेश में जनाधार 1985 से जनता ने नकारा; 41 वर्षों से राज्य में सत्ता से पूरी तरह बाहर
संगठनात्मक विफलता जनता का विश्वास खो चुका अकर्मण्य नेतृत्व देश को अराजकता की ओर धकेल रहा
लोकतांत्रिक आचरण की अपील सड़क पर उपद्रव व युवाओं को गुमराह करने के बजाय तार्किक बहस का हिस्सा बनें

जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो ईवीएम और अदालतें दोषी: सीएम का प्रहार

राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी अलायंस अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं। जनता का सामना करने की हिम्मत न होने पर वे संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।

“आश्चर्य होता है कि जब ये चुनाव जीतते हैं तो इनका पुरुषार्थ होता है, और जहां हारते हैं वहां ईवीएम और चुनाव आयोग दोषी हो जाता है। न्यायालय यदि मेरिट के आधार पर न्यायपूर्ण फैसला देता है, तो सम्मानित अदालतों को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास किया जाता है। संवैधानिक संस्थाओं को गालियां देना और अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की नियति बन चुकी है।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

'यूपी की जनता ने 41 साल पहले ही कर दिया था विदा'

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी नेताओं को समझना चाहिए कि देश की जनता उन्हें बार-बार क्यों खारिज कर रही है।

  • चार दशक का सूखा: उत्तर प्रदेश की प्रबुद्ध जनता ने वर्ष 1985 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस को कभी सत्ता की दहलीज पर नहीं आने दिया।
  • देशव्यापी मोहभंग: एक के बाद एक राज्यों में जनता कांग्रेस के कुशासन और भ्रष्टाचार से मुक्ति पा चुकी है।
  • नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता: सीएम ने सुझाव दिया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे अपने अकर्मण्य, विफल और दिशाहीन शीर्ष नेतृत्व को बदलने का साहस दिखाएं।

युवाओं को गुमराह न करे विपक्ष, स्वस्थ लोकतंत्र का बने हिस्सा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भारत का लोकतंत्र अत्यंत परिपक्व है और यहां की जनता बेहद जागरूक है। देश कभी भी विभाजनकारी और अराजक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि वह युवाओं को भड़काने और झूठे आख्यान (Fake Narratives) गढ़ने के बजाय वास्तविक मुद्दों, नीतियों और मेरिट के आधार पर संसद व विधानसभाओं में सार्थक बहस करे। स्वस्थ लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना ही देश, जनता और स्वयं कांग्रेस के राजनीतिक अस्तित्व के हित में होगा।

निष्कर्ष: गोरखपुर से दिया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा आक्रामक रूप से विपक्षी गठबंधन को संवैधानिक संस्थाओं के अनादर और नकारात्मक राजनीति के मुद्दे पर घेरने की रणनीति पर अडिग है।

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