यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को कैशलेस इलाज के साथ अब ₹3500 मानदेय: बरेली में सीएम योगी ने की घोषणा; 40% की एकमुश्त वृद्धि
बरेली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित 'ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह' के दौरान प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के लिए बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे ₹2500 से बढ़ाकर ₹3500 प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम प्रहरी परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा का उपहार भी दिया गया। इस निर्णय से प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना ₹12,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
📌 घोषणा एवं कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
- मानदेय में 40% उछाल: मानदेय ₹2500 से बढ़ाकर ₹3500 प्रतिमाह किया गया; सालाना ₹12,000 अतिरिक्त मिलेंगे।
- ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवच: सभी 68 हजार प्रहरियों और उनके परिजनों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज।
- 'शहर में सीसीटीवी, गांव में प्रहरी': ग्राम प्रहरियों को ग्रामीण क्षेत्रों की 'आंख और कान' बताते हुए भू-माफिया और अपराधियों पर नजर रखने का आह्वान।
- सप्ताहिक थाने की बैठक: थानेदारों और हलका दारोगाओं को सप्ताह में न्यूनतम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ अनिवार्य बैठक के निर्देश।
- 11 प्रहरियों का सम्मान: उत्कृष्ट और साहसिक कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर साफा पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया।
📊 ग्राम प्रहरी कल्याण पैकेज: एक नजर में
| घटक / प्रावधान | आधिकारिक विवरण व आंकड़े |
|---|---|
| कुल लाभार्थी ग्राम प्रहरी | प्रदेशभर के 68,000 ग्राम प्रहरी |
| संशोधित मासिक मानदेय | ₹3,500 प्रति माह (पहले ₹2,500 था) |
| स्वास्थ्य सुरक्षा कवच | ₹5,00,000 प्रति वर्ष (कैशलेस उपचार सुविधा) |
| वार्षिक अतिरिक्त लाभ | ₹12,000 प्रति प्रहरी |
| कवरेज क्षेत्र | 57,600+ ग्राम पंचायतें और लगभग 1.05 लाख राजस्व गांव |
'पहले यूपी का नाम सुनकर दूरी बनाते थे, आज गले मिलने आते हैं लोग'
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों और वर्तमान शासन व्यवस्था की तुलना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व पर्व-त्योहारों का आगमन होते ही प्रदेश में उपद्रव और दंगों का डर सताने लगता था, जिसका खामियाजा प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को भुगतना पड़ता था।
“2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही लूटपाट का संरक्षण करते थे और पुलिस कार्रवाई से हिचकती थी। यूपी के लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। आज माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं। जो लोग पहले सौ कदम दूर रहते थे, वे अब यूपी का नाम सुनकर गले मिलने आते हैं। विंध्यवासिनी धाम और देवीपाटन धाम में लाखों श्रद्धालु बिना भय के दर्शन कर रहे हैं, यह बदली हुई व्यवस्था का प्रमाण है।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
गांव और थाने के बीच सूचना सेतु: समय पर अलर्ट से टलेगी अनहोनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह शहरों में सीसीटीवी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निगरानी की जा रही है, उसी प्रकार गांवों की सुरक्षा का दारोमदार ग्राम प्रहरियों पर है।
- वन्यजीव और अफवाहों पर नजर: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और बिजनौर जैसे संवेदनशील जनपदों का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि प्रहरियों की त्वरित सूचना मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोक सकती है। बिजनौर में समय रहते 40 से अधिक तेंदुओं का सफल रेस्क्यू इसका उदाहरण है।
- जमीन कब्जाने वालों पर लगाम: गांवों में चकमार्ग, तालाब और गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
- रिक्त पदों पर स्थानीय भर्ती: मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देश दिए कि ग्राम प्रहरियों के रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से शीघ्र पारदर्शी भर्तियां की जाएं।
11 प्रहरियों का साफा पहनाकर सम्मान; मंत्रियों का संबोधन
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर सम्मानित किया:
राजवीर सिंह (फरीदपुर, बरेली), कुंवर पाल सिंह (सिरौली, बरेली), राम राठौर (बहेड़ी, बरेली), राजेंद्र बाल्मीकि (सुनगढ़ी, पीलीभीत), कमलेश (पुवायां, शाहजहांपुर), कमलेश सिंह सैनी (कांठ, मुरादाबाद), राजेश सैनी (शहर कोतवाली, बिजनौर), अनिल बाल्मीकि (हजरतनगर गढ़ी, संभल), ध्यान सिंह चौहान (टांडा, रामपुर), प्रकाश (शाहबाद, रामपुर) एवं तेजपाल प्रजापति (नौगावां सादात, अमरोहा)।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मानदेय बढ़ाकर सरकार ने अंतिम पायदान पर खड़े सुरक्षा प्रहरी का सम्मान सुनिश्चित किया है। वहीं पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि अब गांवों में गुंडागर्दी और चोरी का खौफ खत्म हो चुका है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि डिजिटल वॉलंटियर्स और व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से ग्राम प्रहरियों को सीधे बीट दारोगा और थाने से जोड़ा जा रहा है।

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