लखनऊ में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: बैरिकेडिंग पर चढ़े कार्यकर्ता; पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद कई वरिष्ठ नेता हिरासत में
लखनऊ: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में उग्र विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में पार्टी मुख्यालय से हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा (GPO) तक निकाले जा रहे पैदल मार्च को भारी पुलिस बल ने बीच रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान गुस्साए कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने दर्जनों नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
📌 प्रदर्शन एवं गतिरोध के मुख्य बिंदु:
- CEC के इस्तीफे की मांग: कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता खोने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
- राहुल-प्रियंका से कथित दुर्व्यवहार का विरोध: पार्टी के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए जवाबदेही मांगी।
- सड़क पर भारी टकराव: माल एवेन्यू स्थित कांग्रेस मुख्यालय से हजरतगंज जीपीओ की ओर बढ़ते मार्च को रोकने के लिए पुलिस को कई लेयर की बैरिकेडिंग लगानी पड़ी।
- नेताओं की गिरफ्तारी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, महिला पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से पुलिस लाइन भेजा गया।
📊 कांग्रेस प्रदर्शन व प्रशासनिक कार्रवाई: एक नजर में
| पहलू / विवरण | तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| प्रदर्शनकारी दल | उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) |
| निशाने पर कौन? | मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार एवं चुनाव आयोग की निष्पक्षता |
| प्रदर्शन का मार्ग | नेहरू भवन (कांग्रेस मुख्यालय, माल एवेन्यू) से हजरतगंज GPO तक |
| प्रमुख नेतृत्व | आराधना मिश्रा ‘मोना’, अजय कुमार लल्लू सहित अन्य वरिष्ठ नेता |
| पुलिसिया कार्रवाई | बैरिकेडिंग, पैदल मार्च को रोका, हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा |
मुख्यालय से निकले सैकड़ों कार्यकर्ता, बैरिकेड्स पर चढ़कर की नारेबाजी
तय कार्यक्रम के तहत गुरुवार दोपहर कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश भर से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में जुलूस जीपीओ की ओर रवाना हुआ, पुलिस ने भारी सुरक्षा घेरा लगाकर उन्हें रोक दिया।
आगे बढ़ने से रोके जाने पर कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स धकेलने का प्रयास किया। कई युवा कार्यकर्ता सुरक्षा घेरे पर चढ़ गए और केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
"संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बना रही सरकार": कांग्रेस का आरोप
"मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली लोकतांत्रिक मर्यादाओं के सर्वथा विपरीत है। जब देश के शीर्ष विपक्षी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार होता है और संवैधानिक संस्थाएं मूकदर्शक बनी रहती हैं, तो सड़कों पर उतरना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार पुलिस की लाठियों और बैरिकेड्स के दम पर विपक्ष की आवाज को दबा नहीं सकती।"
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता को सिद्ध नहीं करता और मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी जिम्मेदारियों से त्यागपत्र नहीं देते, तब तक कांग्रेस कार्यकर्ता देश भर में इस आंदोलन को धार देते रहेंगे।
बसों में भरकर पुलिस लाइन भेजे गए प्रदर्शनकारी
घंटों चले हंगामे और ट्रैफिक जाम की स्थिति के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित सैकड़ों पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर रोडवेज और पुलिस की बसों में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया गया।
घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मॉल एवेन्यू, हजरतगंज चौराहे और जीपीओ क्षेत्र में भारी पुलिस बल और पीएसी की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं।


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