फैजुल्लागंज में बाढ़ जैसे हालात का जायजा लेने नाव से पहुंचे DM विशाख जी. और JCP बब्लू कुमार: प्रभावितों को बांटी राहत सामग्री, 10 अतिरिक्त नावों के निर्देश
लखनऊ: गोमती नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण राजधानी के फैजुल्लागंज क्षेत्र में उत्पन्न बाढ़ जैसी स्थिति का जायजा लेने जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बब्लू कुमार स्वयं नाव के जरिए जलमग्न बस्तियों में पहुंचे। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने गली-गली घूमकर जलभराव की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और नागरिकों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का सघन स्थलीय निरीक्षण किया।
📌 निरीक्षण एवं राहत प्रबंध के मुख्य बिंदु:
- नाव से सघन दौरा: डीएम और जेसीपी ने जलमग्न गलियों में पहुंचकर नागरिकों से संवाद किया और दवाएं व राशन वितरित किया।
- 34 नावों का बेड़ा: पहले से संचालित 24 नावों के अतिरिक्त तत्काल 10 और नावें तथा आपात स्थिति के लिए गोताखोरों की तैनाती के निर्देश।
- राहत शिविर व कंट्रोल रूम: प्रभावितों के लिए 3 बाढ़ राहत शिविर, मेडिकल कैंप और 24x7 समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित।
- संवेदनशील वर्गों की सूची: गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और बुजुर्गों की प्राथमिकता सूची बनाकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के आदेश।
- मच्छर नियंत्रण व सफाई: जलभराव वाले क्षेत्रों में नावों के जरिए नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा स्प्रे और तैरते कचरे की सफाई के निर्देश।
📊 फैजुल्लागंज बाढ़ राहत कार्य: प्रशासनिक व्यवस्था का ब्यौरा
| व्यवस्था / संसाधन | तैनात संसाधन / संख्या | दायित्व एवं निर्देश |
|---|---|---|
| राहत नौकाएं (Boats) | 34 नावें (24 कार्यरत + 10 अतिरिक्त) | नागरिकों का आवागमन व राहत सामग्री की आपूर्ति |
| आश्रय शिविर (Relief Camps) | 03 बाढ़ राहत शिविर | विस्थापितों के लिए सुरक्षित आवास, भोजन व पेयजल |
| स्वास्थ्य सेवाएं (Health) | समर्पित मेडिकल कैंप्स | क्लोरीन वितरण, आवश्यक दवाएं व प्राथमिक उपचार |
| रोग नियंत्रण (Sanitation) | नगर निगम की विशेष टीमें | नावों से फॉगिंग, एंटी-लार्वा स्प्रे व कचरा सफाई |
प्रभावित नागरिकों से सीधा संवाद, घर-घर बांटी दवाएं और राशन
स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने घरों की छतों और बालकनियों पर मौजूद प्रभावित परिवारों से सीधे बात कर उनकी मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली। अधिकारियों ने मौके पर ही नागरिकों को जरूरी दवाइयों की किट, सुरक्षित पेयजल और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री वितरित की।
"आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तरह नागरिकों के साथ खड़ा है। जलभराव से प्रभावित किसी भी परिवार को भोजन, शुद्ध पेयजल या चिकित्सा सुविधा की कमी नहीं होने दी जाएगी। राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।"
— विशाख जी. (जिलाधिकारी, लखनऊ)
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बनेगी विशेष सूची
जिलाधिकारी ने राजस्व और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों में निवासरत गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों और छोटे बच्चों की घर-वार सूची तुरंत तैयार की जाए।
किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य संकट या जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में इन प्राथमिक समूहों को सबसे पहले सुरक्षित राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को इन संवेदनशील वर्गों की नियमित चिकित्सीय निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नावों से एंटी-लार्वा स्प्रे और 24 घंटे शिफ्ट में अफसरों की तैनाती
जलभराव के कारण संक्रामक और मच्छरजनित बीमारियों (मलेरिया, डेंगू) की रोकथाम के लिए नगर निगम को नावों के जरिए बस्तियों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा रसायनों का लगातार छिड़काव करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी में तैरती गंदगी और कचरे को निकालने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया है।
क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तीन शिफ्टों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इनमें अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर और तहसीलदारों की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रही हैं।


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