📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

1 नवंबर से बदलेगा कॉलिंग का नियम: फोन आने पर नंबर के साथ दिखेगा असली नाम; टेलीकॉम विभाग (DoT) ने जारी किया नया आदेश

1 नवंबर से बदलेगा कॉलिंग का नियम: फोन आने पर नंबर के साथ दिखेगा असली नाम, दूरसंचार विभाग (DoT) ने जारी किया ऐतिहासिक आदेश

📍 स्थान: नई दिल्ली | 📅 दिनांक: 15 अक्टूबर 2026 | 📱 श्रेणी: टेक समाचार, दूरसंचार नीतियां, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकार

नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ रहे फर्जी कॉल्स, साइबर फ्रॉड और अवांछित स्पैम कॉलिंग पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) ने यूनिफाइड लाइसेंस (Unified License) की शर्तों में बड़ा संशोधन करते हुए नया नियम जारी किया है। इसके अंतर्गत अब किसी भी उपभोक्ता के फोन पर इनकमिंग कॉल आने पर केवल 10 अंकों का मोबाइल नंबर नहीं, बल्कि सिम कार्ड धारक का आधिकारिक नाम भी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से संपूर्ण भारत में अनिवार्य रूप से प्रभावी होगी।

📌 नए कॉलिंग नियम के मुख्य बिंदु:

  • 1 नवंबर 2026 से प्रभावी: सभी निजी एवं सार्वजनिक दूरसंचार कंपनियों (Jio, Airtel, Vi, BSNL) के लिए यह नियम लागू करना अनिवार्य।
  • CLI परिभाषा में संशोधन: कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) के तहत अब मोबाइल नंबर के साथ सब्सक्राइबर डेटा रिकॉर्ड का नाम भी शामिल।
  • केवाईसी (KYC) आधारित सत्यापन: सिम लेते समय पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापित किया गया वास्तविक नाम ही स्क्रीन पर चमकेगा।
  • थर्ड-पार्टी ऐप्स से मुक्ति: कॉलर का नाम जानने के लिए ट्रूकॉलर (Truecaller) जैसे बाहरी ऐप्स डाउनलोड करने या अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट शेयर करने की बाध्यता खत्म।
  • साइबर अपराध पर सीधा अंकुश: वित्तीय धोखाधड़ी, बैंक अधिकारी बनकर ठगी और लॉटरी स्कैम करने वाले गिरोहों की तत्काल पहचान संभव होगी।

📊 पुराने बनाम नए कॉलिंग नियम: तुलनात्मक विश्लेषण

पैमाना / मानक पुरानी व्यवस्था (CLI) 1 नवंबर 2026 से नई व्यवस्था
स्क्रीन पर प्रदर्शित विवरण केवल कॉलर का फोन नंबर अथवा आईपी एड्रेस फोन नंबर + सिम धारक का आधिकारिक नाम
डेटा का आधिकारिक स्रोत थर्ड पार्टी क्राउडसोर्स्ड डेटाबेस (अपुष्ट नाम) टेलीकॉम ऑपरेटर का आधिकारिक KYC रिकॉर्ड
प्रौद्योगिकी एवं स्तर स्मार्टफोन ऐप आधारित (इंटरनेट आवश्यक) नेटवर्क-स्तरीय सुविधा (फीचर फोन व स्मार्टफोन दोनों पर)
डेटा गोपनीयता (Privacy) संपर्क सूची साझा होने का जोखिम पूर्णतः सुरक्षित, किसी बाहरी ऐप को डेटा देने की जरूरत नहीं

दूरसंचार विभाग (DoT) का आधिकारिक आदेश: क्या बदला गया?

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, लाइसेंस नियमों में कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन (Calling Line Identification - CLI) के नियमों को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है:

“दूरसंचार सुरक्षा को सुदृढ़ करने और उपभोक्ताओं को अवांछित संपर्कों से बचाने के लिए 'सब्सक्राइबर डेटा रिकॉर्ड' (SDR) में दर्ज नाम को कॉलर पहचान प्रणाली का अभिन्न अंग बनाया गया है। सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए यह तकनीकी रूप से सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि कॉल ट्रांसमिशन के दौरान वास्तविक पहचान प्रदर्शित हो।”
— दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय (भारत सरकार)

आम मोबाइल उपभोक्ताओं को सीधे मिलेंगे ये 4 बड़े लाभ

  • फर्जीवाड़ा और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर रोक: ठग अक्सर जांच एजेंसी, पुलिस या कस्टम अधिकारी बनकर कॉल करते हैं। अब स्क्रीन पर तुरंत उनका वास्तविक नाम दिख जाएगा, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म होगी।
  • स्पैम कॉल की पहचान: टेलीमार्केटिंग कंपनियों और एजेंटों द्वारा व्यक्तिगत नंबरों से की जाने वाली कॉल्स की हकीकत तुरंत उजागर होगी।
  • गोपनीयता की पूर्ण सुरक्षा: अब उपभोक्ताओं को अनजान कॉलर्स की पहचान के लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप को अपनी पूरी फोनबुक एक्सेस देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
  • फीचर फोन यूजर्स को भी लाभ: चूंकि यह सुविधा नेटवर्क लेवल पर काम करेगी, इसलिए महंगे स्मार्टफोन के बिना सामान्य 2G/4G कीपैड फोन रखने वाले ग्रामीण व वरिष्ठ नागरिक भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

1 नवंबर 2026 से सभी ऑपरेटरों पर अनिवार्य अनुपालन

DoT ने रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel), वोडाफोन आइडिया (Vi) और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को अपने स्विचिंग सिस्टम और नेटवर्क गेटवे को अपग्रेड करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। 1 नवंबर 2026 की निर्धारित समय-सीमा के बाद नियमों का अनुपालन न करने वाले ऑपरेटरों पर सेवा शर्तों के उल्लंघन के तहत विनियामक कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष: कॉलिंग व्यवस्था में सिम धारक के आधिकारिक नाम का प्रदर्शन डिजिटल इंडिया के सुरक्षा तंत्र को अभूतपूर्व मजबूती देगा। यह पहल न केवल देश के करोड़ों टेलीकॉम उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि साइबर अपराधियों और संगठित स्पैम नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें