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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सराहा यूपी का विकास मॉडल: 'योगी सरकार ने दी नई गति'; ₹1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का उल्लेख

'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुशासन से यूपी के विकास को दी नई गति': लोकभवन में बोले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द; बचपन के संघर्ष और पक्के मकानों का किया जिक्र

📍 स्थान: लोकभवन सभागार, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 14 अक्टूबर 2026 | 🏛️ श्रेणी: पुस्तक विमोचन, सुशासन, भारतीय गणतंत्र, उत्तर प्रदेश विकास

लखनऊ: भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्थापित सुशासन और तेज गति से हो रहे ढांचागत विकास की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। बुधवार को लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ कर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' बनाने की दिशा में अप्रत्याशित गति दी है। उन्होंने प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को सराहा और याद किया कि कैसे टपकती छत के नीचे बीता उनका बचपन आज प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों गरीबों के पक्के मकानों में गरिमा पा चुका है।

📌 पूर्व राष्ट्रपति के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • योगी सरकार के सुशासन की सराहना: एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट्स, मेट्रो नेटवर्क और बेहतर कानून-व्यवस्था ने यूपी के विकास परिदृश्य को बदल दिया है।
  • एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक विजन और राज्य को विकास का ग्रोथ इंजन बनाने के संकल्प की प्रशंसा।
  • टपकती छत से पक्के आवास तक: कोविन्द जी ने अपने गांव के कच्चे घर की याद साझा करते हुए कहा कि मोदी-योगी सरकार ने गरीबों को केवल छत नहीं, बल्कि सम्मान दिया है।
  • गणतंत्र की वास्तविक खूबसूरती: एक साधारण परिवार का व्यक्ति, चाहे वह चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी हों या साधारण पृष्ठभूमि के योगी आदित्यनाथ, सर्वोच्च पदों पर पहुंच सकते हैं।
  • सभी क्षेत्रीय भाषाओं में आएगी आत्मकथा: उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में यह प्रेरणादायी आत्मकथा देश की सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित होगी।

📊 संबोधन एवं प्रमुख विचार: एक नजर में

पहलू / विषय पूर्व राष्ट्रपति के विचार एवं विश्लेषण
उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल बेहतर कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों और मेट्रो रेल का अभूतपूर्व संजाल
गरीब कल्याण नीतियां करोड़ों निर्धनों को पक्के मकान और बुनियादी सुविधाएं देकर जीवन स्तर में मानवीय गरिमा जोड़ी
भारतीय राजनीति का स्वरूप राष्ट्र सर्वोपरि की भावना; वंशवाद से परे साधारण परिवारों के नेतृत्व को सर्वोच्च अवसर
आध्यात्मिक व सांस्कृतिक गौरव प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख, जिसने वैश्विक पटल पर समरसता का संदेश दिया
आत्मकथा का भविष्य हिंदी के बाद देश की सभी प्रमुख क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में होगा प्रकाशन

'टपकती छत के नीचे बीता था मेरा बचपन, आज गरीबों के आंसुओं पर बंधा ढांढस'

समारोह में अपने संस्मरण साझा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति भावुक हो उठे। उन्होंने कानपुर देहात के परौंख गांव में बिताए अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि बरसात के दिनों में जब घर की कच्ची छत टपकती थी, तो वे एक कोने में खड़े होकर पानी रुकने का इंतजार करते थे।

“वर्ष 2017 में जब मुझे राष्ट्रपति चुना गया, तो मेरे मन में वही दृश्य घूम गया था। तब मैंने कहा था कि देश के किसी न किसी गांव में आज भी कोई छोटा-सा रामनाथ टपकती छत के नीचे खड़ा होकर बेहतर भविष्य के सपने देख रहा होगा। आज जब मैं देखता हूं कि केंद्र में मोदी सरकार और प्रदेश में योगी सरकार ने मिलकर करोड़ों वंचितों को पक्की छत और सम्मान का जीवन दिया है, तो मन को असीम संतोष मिलता है।”
— रामनाथ कोविन्द (पूर्व राष्ट्रपति, भारत)

उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता के संस्कारों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने जमीन दान कर दी थी, लेकिन अपने संतानों को शिक्षा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होने दिया।

बुनियादी ढांचे में क्रांति और 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का विजन

पूर्व राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और आर्थिक दिशा की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी बुनियादी समस्याओं से जूझता था, लेकिन वर्तमान में यह देश के विकास का अगुआ बन चुका है:

  • कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक उछाल: पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ शहरों में मेट्रो और विश्वस्तरीय एयरपोर्ट्स ने निवेश का अनुकूल वातावरण बनाया है।
  • कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुंच: बिना किसी भेदभाव के गरीबों, किसानों और महिलाओं तक कल्याणकारी लाभों का पारदर्शी डीबीटी ट्रांसफर सुनिश्चित हुआ है।
  • एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का संकल्प न केवल राज्य के लिए बल्कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

'राष्ट्र सर्वोपरि की भावना: यही भारतीय गणतंत्र की वास्तविक विजयगाथा'

अपनी राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को इसलिए चुना क्योंकि वहां राष्ट्र प्रथम का विचार सर्वोपरि है। यहां जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति को कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने राजनीति को सत्ता सुख के बजाय राष्ट्रसेवा का साधन माना। जब एक साधारण शिक्षक का बेटा प्रधानमंत्री, चाय विक्रेता का बेटा प्रधानमंत्री और गरीब परिवार में जन्मा संत मुख्यमंत्री बन सकता है, तो यह दर्शाता है कि बाबा साहेब का संविधान और भारतीय लोकतंत्र कितना परिपक्व और जीवंत है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने देश को अनेक प्रधानमंत्री दिए, लेकिन प्रदेश में जन्मे किसी व्यक्ति को पहली बार राष्ट्रपति बनने का सौभाग्य मिला। यह उनके व्यक्तिगत सम्मान से अधिक उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों के सपनों का सम्मान है।

निष्कर्ष: लोकभवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का यह संबोधन सादगी, कृतज्ञता और लोकतांत्रिक मर्यादा का अनुपम संदेश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन और गरीब-कल्याणकारी नीतियों की उनकी सराहना यह प्रमाणित करती है कि उत्तर प्रदेश आज राष्ट्रीय पटल पर विकास और विश्वास का नया मानक स्थापित कर रहा है।

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