तीन बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरा सीवर, सड़क पर बह रहा गंदा पानी: गोविंद विहार में 2 महीने से नारकीय जीवन जीने को मजबूर लोग; जलकल विभाग पर फर्जी निस्तारण का आरोप
लखनऊ: इस्माईलगंज द्वितीय वार्ड के गोविंद विहार कॉलोनी में पिछले दो महीने से सीवर लाइन चोक होने के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर सीवर का बदबूदार गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। सफाई के नाम पर बीच सड़क पर खोदा गया गड्ढा राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप है कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर तीन बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जलकल विभाग के अधिकारियों ने धरातल पर काम किए बिना कागजों में फर्जी निस्तारण दिखाकर शिकायतों को बंद कर दिया।
📌 गोविंद विहार सीवर समस्या के प्रमुख बिंदु:
- गंभीर जलभराव: मकान संख्या ए-5 के सामने और मुख्य मार्ग पर पिछले दो माह से लगातार ओवरफ्लो हो रहा सीवर।
- सफाई के नाम पर गड्ढा: कार्यदायी संस्था ने सड़क के बीचोबीच खुदाई की, लेकिन मरम्मत किए बिना अधूरा छोड़कर चले गए।
- IGRS पर फर्जी निस्तारण: संदर्भ संख्या 40015726046251, 40015726074093 व 40015726110161 पर बिना काम किए समाधान की रिपोर्ट लगाई गई।
- स्वास्थ्य पर संकट: खुले में जमा सीवर के पानी और सड़ांध से डेंगू, मलेरिया व संक्रामक बीमारियों के फैलने की प्रबल आशंका।
- नागरिकों की मांग: जलकल विभाग जोन-7 के अधिशासी अभियंता से मौके का भौतिक सत्यापन कर स्थायी समाधान कराने की मांग।
📊 जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) शिकायतों का विवरण
| शिकायत संदर्भ संख्या | संबंधित विभाग व वार्ड | वर्तमान स्थिति व आरोप |
|---|---|---|
| 40015726046251 | जलकल विभाग (जोन-7), इस्माईलगंज-2 | कागजी निस्तारण, धरातल पर समस्या यथावत |
| 40015726074093 | नगर निगम / कार्यदायी एजेंसी | सफाई के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ी गई |
| 40015726110161 | अधिशासी अभियंता, जोन-7 | सीवर ओवरफ्लो जारी, कोई स्थायी हल नहीं |
मकान संख्या ए-5 के सामने सड़क बनी नाला, आवागमन ठप
स्थानीय निवासी सुरेमन शर्मा ने जलकल विभाग जोन-7 के अधिशासी अभियंता को दिए लिखित शिकायती पत्र में जमीनी हालात बयां किए हैं। उन्होंने बताया कि गोविंद विहार कॉलोनी स्थित मकान संख्या ए-5 के ठीक सामने मुख्य सीवर लाइन महीनों से बंद पड़ी है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी बाहर उफनकर सड़क पर भर रहा है।
"सीवर सफाई के नाम पर कर्मचारियों ने कुछ दिन पहले बीच रास्ते में गड्ढा खोद दिया और बिना लाइन दुरुस्त किए चले गए। अब स्थिति यह है कि न तो गाड़ी निकल सकती है और न ही पैदल चलना संभव है। बदबू के मारे घरों की खिड़कियां बंद रखनी पड़ रही हैं। जब भी शिकायत करो, कर्मचारी दफ्तर में बैठकर निस्तारण की फर्जी रिपोर्ट लगा देते हैं।"
— सुरेमन शर्मा (शिकायतकर्ता व स्थानीय निवासी)
संक्रामक रोगों का खतरा, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर सीवर का गंदा पानी भरा होने से इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बरसात के बाद जलभराव के चलते डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों के फैलने का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
नागरिकों ने नगर निगम और जलकल विभाग के शीर्ष अधिकारियों से मांग की है कि शिकायतों का फर्जी निस्तारण करने वाले संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जांच बैठाई जाए और तत्काल सुपर सकर मशीनों के जरिए सीवर लाइन को डी-सिल्ट कराकर सड़क के गड्ढे को भरा जाए।


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