कुर्सी रोड चौड़ीकरण में संशोधन की मांग को लेकर एकजुट हुए किसान और व्यापारी: मौके पर पहुंचे एलडीए अधिकारी, 7 अक्टूबर को उपाध्यक्ष के साथ होगी वार्ता
लखनऊ: लखनऊ महायोजना 2031 के अंतर्गत कुर्सी रोड के चौड़ीकरण में सामने आ रहीं तकनीकी विसंगतियों और व्यापक स्तर पर होने वाले नुकसान से बचाव के लिए सोमवार को आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के मुख्यालय (एमडीएस टॉवर, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के सामने) में एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क की जद में आ रहे भवन स्वामियों, व्यापारियों, किसानों, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों ने चौड़ीकरण के नक्शे में संशोधन की जोरदार मांग उठाई। बैठक के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लेकर उपाध्यक्ष से फोन पर वार्ता कराई, जिसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को उपाध्यक्ष के साथ प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक बैठक तय की गई है।
📌 बैठक एवं घटनाक्रम के प्रमुख बिंदु:
- मुख्य मांग: लखनऊ महायोजना 2031 के तहत कुर्सी रोड चौड़ीकरण योजना की विसंगतियों को दूर कर नक्शे में जरूरी संशोधन किया जाए।
- प्रभावित वर्ग: चौड़ीकरण की जद में आ रहे सैकड़ों पक्के भवन, होटल, स्कूल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल और काश्तकारों की भूमि।
- एलडीए की पहल: प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभा स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन लिया और एलडीए उपाध्यक्ष से फोन पर आयोजकों की सीधी बात कराई।
- आगामी वार्ता: प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को 7 अक्टूबर को वार्ता के लिए प्राधिकरण मुख्यालय आमंत्रित किया।
- साझा मंच: त्रिदंडी महासभा, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल और भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जनशक्ति) ने मिलकर उठाई आवाज।
📊 कुर्सी रोड चौड़ीकरण प्रकरण: एक नजर में
| प्रमुख पहलू | विवरण व स्थिति |
|---|---|
| प्रस्तावित योजना | लखनऊ महायोजना 2031 — कुर्सी रोड मार्ग चौड़ीकरण |
| बैठक स्थल | मुख्यालय आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा, एमडीएस टॉवर, कुर्सी रोड, लखनऊ |
| जनप्रतिनिधि व आयोजक | ऋषि त्रिवेदी, अंजनी कुमार पाण्डेय, कमलेश यादव व व्यवसायी आराधना |
| प्रशासनिक प्रगति | एलडीए अधिकारियों ने लिया ज्ञापन; 7 अक्टूबर 2026 को VC संग बैठक तय |
हजारों परिवारों के आशियाने व रोजगार पर संकट: व्यापारी व किसान नेता
सभा को संबोधित करते हुए आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने बताया कि कुर्सी रोड चौड़ीकरण के वर्तमान प्रारूप को लेकर पहले भी कई स्तरों पर बैठकें की जा चुकी हैं और प्राधिकरण के साथ औपचारिक पत्राचार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना व्यावहारिक मूल्यांकन किए चौड़ीकरण थोपने से वर्षों से स्थापित प्रतिष्ठान उजड़ जाएंगे।
"वर्तमान महायोजना में कुर्सी रोड के चौड़ीकरण से हजारों परिवारों का रोजगार और छत छिनने का खतरा उत्पन्न हो गया है। हमारी मांग विकास का विरोध नहीं, बल्कि योजना की विसंगतियों को संशोधित कर मानवीय व व्यावहारिक रास्ता निकालना है, जिससे कम से कम नुकसान हो।"
— अंजनी कुमार पाण्डेय (राष्ट्रीय अध्यक्ष, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल)
भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने कहा कि इस मार्ग पर किसानों की उपजाऊ भूमि और ग्रामीण बस्तियां स्थित हैं। किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों को अपने संवैधानिक अधिकारों और संपत्तियों की रक्षा के लिए एक मंच पर आना ही होगा।
एलडीए उपाध्यक्ष से फोन पर वार्ता, 7 अक्टूबर को पेश होगा संशोधन प्रस्ताव
बैठक की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रभावित नागरिकों व नेताओं से सीधे बात की और उनका विस्तृत मांग-पत्र प्राप्त किया।
इसके पश्चात अधिकारियों ने मौके से ही प्राधिकरण उपाध्यक्ष से दूरभाष पर प्रतिनिधिमंडल की बातचीत करवाई। एलडीए उपाध्यक्ष ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया कि जनहित के सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और 7 अक्टूबर को प्राधिकरण कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत तकनीकी समीक्षा की जाएगी।


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