फैजुल्लागंज को हर साल की बाढ़ से मिलेगी स्थायी मुक्ति: IIM रोड से पक्कापुल तक बनेगा 5.5 किमी लंबा तटबंध; राजनाथ सिंह और सीएम योगी की बैठक में तैयार हुआ महाप्लान
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज और गोमती किनारे बसे निचले इलाकों में हर साल अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण होने वाले जलभराव से आम नागरिकों को स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है। शनिवार को रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तय हुआ कि आईआईएम (IIM) रोड से पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती नदी के बाएं तट पर लगभग 5.5 किलोमीटर लंबा मजबूत तटबंध बनाया जाएगा। इसके अलावा, बैकफ्लो रोकने के लिए 12 नए फ्लड पंपिंग स्टेशन स्थापित करने और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प का फैसला लिया गया।
📌 फैजुल्लागंज जलभराव निवारण महाप्लान: मुख्य बिंदु
- 5.5 किमी लंबा तटबंध: आईआईएम रोड से खदरा होते हुए पक्कापुल तक गोमती के बाएं किनारे पर बनेगा सुरक्षित बंधा।
- 12 नए पंपिंग स्टेशन: नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी वापस कॉलोनियों में आने (Backflow) से रोकने के लिए हाई-कैपेसिटी स्टेशन।
- ड्रेनेज नेटवर्क: न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक सुदृढ़ ट्रंक ड्रेनेज और सीवरेज लाइन बिछाने की मंजूरी।
- स्वास्थ्य ढांचा अपग्रेड: प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बनाया जाएगा।
- विद्युत व शिक्षा का विस्तार: 33 केवीए की जगह 132 केवीए का नया सब-स्टेशन बनेगा और प्री-प्राइमरी से 12वीं तक का समन्वित शैक्षणिक संस्थान खुलेगा।
- गोमती ड्रेजिंग: नदी के अविरल-निर्मल प्रवाह और जल वहन क्षमता बढ़ाने के लिए गाद निकालने (Dredging) का कार्य तेज होगा।
📊 फैजुल्लागंज स्थायी समाधान: प्रमुख विकास परियोजनाएं
| परियोजना / क्षेत्र | विस्तार एवं तकनीकी कार्ययोजना |
|---|---|
| तटबंध (River Embankment) | IIM रोड से खदरा होते हुए पक्कापुल तक 5.5 किमी लंबा सुरक्षा बंधा |
| फ्लड पंपिंग अवसंरचना | 12 नए पंपिंग स्टेशन; नदी के बैकफ्लो को बस्तियों में घुसने से रोकना |
| ड्रेनेज एवं सीवेज नेटवर्क | न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक मास्टर ट्रंक ड्रेनेज व सीवरेज लाइन |
| चिकित्सा सेवाएं | क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपग्रेड होंगे |
| विद्युत आपूर्ति सुधार | 33 KVA के स्थान पर आधुनिक 132 KVA का नया सब-स्टेशन निर्माण |
| शैक्षणिक संस्थान | प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक का सर्वसुविधायुक्त नया मॉडल स्कूल |
रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री की संयुक्त समीक्षा: जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
सिंचाई, नगर विकास, आवास, स्वास्थ्य, राजस्व और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में राहत कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ की बढ़ती आबादी के मद्देनजर दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति और जल प्रबंधन का खाका तैयार करने पर जोर दिया।
स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने फैजुल्लागंज के प्रभावित परिवारों के सीवरेज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और जलमग्न हुए ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित ऊंचाई पर स्थानांतरित करने का विषय प्रमुखता से उठाया। महापौर सुषमा खर्कवाल ने अवगत कराया कि नगर निगम की टीमें 6,500 प्रभावित घरों तक राहत सामग्री और जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे मुस्तैद हैं।
“लखनऊ के नागरिकों को हर वर्ष जलभराव की त्रासदी से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बंधा निर्माण के कार्य को शीर्ष प्राथमिकता पर तत्काल शुरू किया जाए। साथ ही इन कॉलोनियों में ट्रंक ड्रेनेज, सड़क, घर-घर नल से जल और निर्बाध विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध ढंग से विकसित की जाएं।”
— राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री एवं सांसद, लखनऊ)
'गोमती लखनऊ की आत्मा, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बने ड्रेनेज': सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तटबंध, पंपिंग स्टेशन और नालों की रूपरेखा एक-दूसरे के पूरक (Integrated) के रूप में तैयार की जाए। ऐसा सिस्टम बने कि नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करने के बावजूद आबादी वाले क्षेत्रों में एक बूंद पानी न ठहरे।
- सड़कों की तत्काल मरम्मत: जलभराव और भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सभी आंतरिक व मुख्य सड़कों के सुदृढ़ीकरण के आदेश दिए गए।
- गाद की सफाई (Dredging): गोमती नदी के प्रवाह को अवरोधमुक्त रखने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग अभियान चलाने को कहा गया।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: फैजुल्लागंज के स्थानीय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सर्वसुविधायुक्त सरकारी इंटर कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया गया।
📊 38 हजार आबादी तक पहुंचा राहत अभियान: सरकारी आंकड़े
| संसाधन / राहत घटक | धरातल पर तैनात क्षमता एवं वितरित सामग्री |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति व प्रभावित क्षेत्र | नदी स्तर से 4 मीटर नीचे भू-स्तर; 8.05 वर्ग किमी में 21 मोहल्ले (6,500 परिवार) |
| बाढ़ राहत चौकियां व शेल्टर होम | 16 राहत चौकियां एवं 8 पूर्ण सुविधायुक्त आश्रय स्थल सक्रिय |
| बचाव दल एवं नावें | NDRF, SDRF व PAC 32वीं वाहिनी; 106 नावें, 40 मोटरबोट, 19 स्टीमर |
| खाद्य व पेयजल वितरण | 11,275 फूड किट, 67,800 लंच पैकेट, 1,18,500 लीटर शुद्ध पेयजल |
| स्वास्थ्य शिविर एवं उपचार | 46 मेडिकल टीमें (28 डॉक्टर); 8,591 मरीजों का इलाज, 12,291 मेडिसिन किट |
| एंटी-लार्वा व फॉगिंग अभियान | 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीनें, 8 टैंकर, 11 वाहन माउंटेड व 23 हैंड फॉगिंग मशीनें |
| सिटिजन हेल्पलाइन | 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष (टोल-फ्री नंबर: 1077) एवं 6 फील्ड कंट्रोल प्वाइंट |


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