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लखनऊ में गोमती के जलभराव पर नगर निगम का मेगा रेस्क्यू: 138 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव, 15 रैन बसेरे और 90 नावें तैनात

गोमती के जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में लखनऊ नगर निगम का व्यापक राहत अभियान: 138 एकड़ में ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव, 90 नावें तैनात और 250 परिवारों का सुरक्षित रेस्क्यू

📍 स्थान: जोन-3 एवं जोन-6, लखनऊ नगर निगम | 📅 दिनांक: 06 अक्टूबर 2026 | 🚨 श्रेणी: आपदा प्रबंधन, जलभराव राहत कार्य, जनस्वास्थ्य, नगर निगम लखनऊ एवं स्थानीय समाचार

लखनऊ: गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि और निचले इलाकों में जलभराव के संकट से निपटने के लिए लखनऊ नगर निगम (LMC) ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशन और अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त के नेतृत्व में नगर निगम की जोन-3 और जोन-6 की टीमें ग्राउंड जीरो पर सक्रिय हैं। नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने, भोजन, दवा, 80 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ संक्रमण की रोकथाम के लिए 138 एकड़ जलभराव वाले क्षेत्र में ड्रोन से एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।

📌 नगर निगम राहत अभियान के मुख्य बिंदु:

  • 250 परिवारों का रेस्क्यू: जोन-6 के प्रभावित इलाकों से करीब 250 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया; 300 नागरिक रैन बसेरों में ठहराए गए।
  • 15 रैन बसेरों की व्यवस्था: 12 अस्थायी रैन बसेरे और 3 स्थायी शेल्टर (प्रत्येक 100 बेड क्षमता) में फोल्डिंग बेड, पंखे, कूलर और 12 मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध।
  • ड्रोन से हाई-टेक छिड़काव: दुर्गम इलाकों में 138 एकड़ क्षेत्र (जोन-3 में 76 एकड़ और जोन-6 में 62 एकड़) में ड्रोन से एमएलओ व एंटी लार्वा का छिड़काव।
  • स्वच्छ जल व सैनिटेशन: 14-15 पानी के टैंकरों के साथ 80,000 लीटर पैकेज्ड पानी वितरित; 13 मोबाइल टॉयलेट और 65 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं।
  • 90 नावें व स्टीमर तैनात: रेस्क्यू एवं राहत सामग्री वितरण के लिए 90 नावें और स्टीमर मोटर बोट्स लगातार फील्ड में संचालित।
  • पशुधन की देखभाल: बीमार पशुओं के लिए मौके पर पशु चिकित्सक, सांप के डसने पर भैंस का तुरंत उपचार और 1 ट्रक भूसे का वितरण।

📊 राहत एवं बचाव अभियान: आंकड़े व संसाधन आवंटन

राहत घटक उपलब्ध संसाधन एवं आंकड़े
रैन बसेरे (Shelter Homes) 12 अस्थायी (दाउदनगर, लोहरामऊ, मिल्लतनगर) + 3 स्थायी (300 बेड)
ड्रोन सैनिटाइजेशन कवरेज 138 एकड़ क्षेत्र (76 एकड़ जोन-3, 62 एकड़ जोन-6)
पेयजल आपूर्ति 80,000 लीटर पैकेज्ड जल + 15 पानी के टैंकर
रेस्क्यू एवं वितरण नावें 90 नावें एवं स्टीमर्स (प्रशासन व नगर निगम द्वारा संचालित)
सफाई कार्यबल 200 विशेष सफाईकर्मी (यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक ब्लीचिंग छिड़काव)

15 रैन बसेरों में विस्थापितों के रहने, भोजन और मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था

जोनल अधिकारी जोन-3 अजीत राय के अनुसार, जलभराव वाले क्षेत्रों से विस्थापित लोगों के लिए 12 अस्थायी शेल्टर बनाए गए हैं, जिनमें अकेले दाउदनगर में 10 और लोहरामऊ व मिल्लतनगर में एक-एक केंद्र शामिल है। इसके अलावा पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे स्थित 100-100 बेड वाले स्थायी रैन बसेरों को एक्टिव कर दिया गया है।

इन केंद्रों में स्वच्छ बिस्तर, फोल्डिंग खाट, पंखे, कूलर और रोशनी के साथ ही मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए 12 विशेष चार्जिंग पॉइंट्स बनाए गए हैं। जोन-6 के दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा और सुखलाल खेड़ा क्षेत्रों से निकाले गए 250 परिवारों में से लगभग 300 लोग वर्तमान में इन आश्रय स्थलों में रह रहे हैं।

घर-घर पहुंच रहे भोजन के पैकेट, ओआरएस और आवश्यक दवा किट्स

जोन-6 के जोनल अधिकारी अमरजीत यादव ने जानकारी दी कि जलभराव में घिरे परिवारों तक नावों और कर्मचारियों की मदद से भोजन व दवा पहुंचाई जा रही है:

  • टांड खेड़ा में 350 पैकेट, दौलत खेड़ा व मुन्नू खेड़ा में 100 पैकेट और सुखलाल खेड़ा में 100 पैकेट भोजन वितरित किए गए।
  • हयात नगर में 50, सैंथा में 50 और लक्ष्मी हॉस्पिटल गली में 25 पैकेट भोजन, मिनरल वाटर और प्राथमिक दवा किट सौंपी गई।
  • पेयजल संकट से निपटने के लिए दाउदनगर और आसपास 15 पानी टैंकर और 80 हजार लीटर सीलबंद पानी की बोतलें वितरित की जा चुकी हैं।
  • सार्वजनिक स्वच्छता के लिए 13 मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए गए हैं और रात्रि बचाव कार्य के लिए दाउदनगर में 65 नई हाई-मास्ट व स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।

138 एकड़ में ड्रोन से केमिकल छिड़काव: डेंगू व जलजनित रोगों पर प्रहार

नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि पानी ठहरने से पैदा होने वाले मच्छरों और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

"जिन जलमग्न और दलदली इलाकों में कर्मचारियों या बड़ी गाड़ियों का पहुंचना असंभव था, वहां ड्रोन के जरिए 138 एकड़ क्षेत्र में मॉस्किटो लार्विसाइडल ऑयल (MLO) और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त 6 बड़ी गाड़ियां और 6 पोर्टेबल मशीनें लगातार फॉगिंग कर रही हैं।"
— पी.के. श्रीवास्तव (नगर स्वास्थ्य अधिकारी, लखनऊ)

ड्रोन अभियान के तहत जोन-3 के मामा कॉलोनी, पीली कॉलोनी, फैजुल्लागंज और पतंग मैदान के 76 एकड़ तथा जोन-6 के मलाही टोला, बसंत कुंज, जेहटा, हरिनगर और लालजी टंडन वार्ड के 62 एकड़ क्षेत्रफल को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया है।

पानी उतरने के बाद की रणनीति तैयार; इंसानों के साथ पशुओं का भी इलाज

अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त ने स्पष्ट किया कि जलस्तर घटने के तुरंत बाद कीचड़, गाद और गंदगी से महामारी न फैले, इसके लिए अग्रिम कार्ययोजना बना ली गई है। यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक 200 सफाईकर्मियों की विशेष टोली ब्लीचिंग पाउडर और चूने के छिड़काव में जुटी है।

राहत टीमों ने पशुधन की सुरक्षा का भी पूरा संज्ञान लिया है। बाढ़ क्षेत्र में एक दुधारू भैंस को सर्पदंश (सांप काटने) की सूचना मिलते ही नगर निगम ने फौरन पशु चिकित्सा दल भेजकर एंटी-वेनम और जरूरी दवाएं दिलवाईं। पशुपालकों के लिए 1 ट्रक सूखा भूसा भी मंगाकर निशुल्क वितरित किया गया है ताकि पशुओं को चारे की किल्लत न हो।

अधिकारियों का संदेश: नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सभी जोनल टीमों को 24x7 अलर्ट मोड पर रहने और जलस्तर पूरी तरह सामान्य होने तक राहत व स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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