'सेवा संकल्प अभियान' के समापन पर नवयुग कन्या महाविद्यालय में सतरंगी रंगों और फूलों का संगम: छात्राओं ने रंगोली से दिया 'नशा मुक्त भारत' एवं 'विकसित भारत' का संदेश
लखनऊ: राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में एक माह तक चले ‘सेवा संकल्प अभियान’ (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026) का शनिवार को अत्यंत भव्य और प्रेरणादायी समापन हुआ। “सेवा मेरा योगदान” संकल्पना के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में प्राकृतिक ताजे फूलों और सतरंगी रंगों के अनूठे संगम से एक विशाल एवं नयनाभिराम रंगोली तैयार की गई। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० मंजुला उपाध्याय के कुशल संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी सृजनात्मक कला के जरिए 'नशा मुक्त भारत', 'नारी शक्ति' और 'सशक्त विकसित भारत' का ओजस्वी संदेश दिया।
📌 'सेवा मेरा योगदान' रंगोली उत्सव: प्रमुख बिंदु
- माहभर के अभियान का समापन: 17 सितंबर से प्रारंभ हुए 'सेवा संकल्प अभियान' का 17 अक्टूबर 2026 को कलात्मक समापन।
- प्राकृतिक फूलों और रंगों का संगम: छात्राओं ने घंटों की मेहनत से विशाल कैनवास पर सजीव प्राकृतिक रंगोली उकेरी।
- सामाजिक व राष्ट्रीय विषय: रंगोली में 'खुशहाल परिवार', 'नशे से आजादी', 'सजग भारत', 'खेलो भारत-नशा मुक्त भारत' और केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जीवंत चित्रण।
- मार्गदर्शन एवं समन्वय: नशा मुक्ति अभियान की नोडल अधिकारी व शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा प्रो० सीमा पाण्डेय और अभियान संयोजिका डॉ. सुनीता सिंह के निर्देशन में हुआ निर्माण।
- शिक्षकों का प्रोत्साहन: कार्यवाहक प्राचार्य मेज़र डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी सहित सभी प्रवक्ताओं ने रंगोली का अवलोकन कर छात्राओं की कला को सराहा।
📊 सेवा संकल्प अभियान समापन: कार्यक्रम रूपरेखा एवं सहभागिता
| आयाम / विवरण | आयोजन विवरण एवं संदेश |
|---|---|
| अभियान व थीम | 'सेवा संकल्प अभियान' — “सेवा मेरा योगदान” |
| अभियान की समयावधि | 17 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 (एक माह) |
| मुख्य संदेश (Themes) | नशा मुक्त भारत, नारी शक्ति, विकसित भारत संकल्पना, खेलो भारत |
| संरक्षण एवं मार्गदर्शन | प्रो० मंजुला उपाध्याय (प्राचार्या) एवं मेज़र डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी (कार्यवाहक प्राचार्य) |
| नोडल व संयोजन नेतृत्व | प्रो० सीमा पाण्डेय (नोडल अधिकारी) एवं डॉ. सुनीता सिंह (संयोजिका) |
रंगोली में झलकी राष्ट्रीय चेतना और जनकल्याणकारी नीतियां
छात्राओं द्वारा तैयार की गई इस विशाल रंगोली में केवल रंगों की सुंदरता ही नहीं थी, बल्कि इसमें समाज को दिशा देने वाले गंभीर विमर्श भी समाहित थे:
- व्यसन मुक्ति का संकल्प: रंगोली के विभिन्न भागों में 'नशे को ना', 'नशे से आजादी' और 'स्वस्थ परिवार-खुशहाल परिवार' के नारों को कलात्मक प्रतीकों के साथ उकेरा गया।
- खेलो भारत-सशक्त भारत: खेलकूद और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनाकर युवाओं को व्यसनों से दूर रखने का स्पष्ट संदेश दिया गया।
- विकसित भारत 2047 की झलक: केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और आत्मनिर्भर नारी के संकल्प को फूलों की पंखुड़ियों से साकार रूप दिया गया।
'रचनात्मकता से सामाजिक चेतना जगाना ही सच्ची शिक्षा': प्राचार्या प्रो० मंजुला उपाध्याय
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो० मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं के समर्पण और कलात्मक सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवा शक्ति जब कला को समाज सुधार का माध्यम बनाती है, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है।
“हमारे विद्यार्थियों ने अपनी अथक मेहनत और सृजनशीलता से यह सिद्ध कर दिया है कि कला केवल सौंदर्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा हथियार है। 'नशा मुक्त भारत' और 'विकसित भारत' की अवधारणा को इस तरह रंगों में पिरोना प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ, अनुशासित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देता है।”
— प्रो० मंजुला उपाध्याय (प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय)
शिक्षकों और कर्मचारियों ने किया अवलोकन, बढ़ाया छात्राओं का उत्साह
रंगोली निर्माण के पश्चात महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य मेज़र डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी, विभिन्न संकायों के सम्मानित प्रवक्तागण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से रंगोली का बारीकी से अवलोकन किया। शिक्षकों ने छात्राओं के सामूहिक समन्वय, रंग संयोजन और विषय की गहराई की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।


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