ग्रीन एनर्जी पर रिलायंस का ₹1 लाख करोड़ का दांव: आंध्र प्रदेश में लगेंगे कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स; 3 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद
मदनपल्ले (आंध्र प्रदेश): देश की दिग्गज औद्योगिक संस्था रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हरित ऊर्जा क्रांति की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश में ₹1 लाख करोड़ के महा-निवेश की घोषणा की है। इस निवेश के अंतर्गत पूरे राज्य में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट्स की एक विशाल श्रृंखला स्थापित की जाएगी। मदनपल्ले में आयोजित शिलान्यास समारोह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक पहल से राज्य में 3 लाख से अधिक रोजगार के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष अवसर बनेंगे और आने वाले दशकों में राज्य सरकार को करीब ₹60,000 करोड़ का भारी राजस्व प्राप्त होगा।
📌 रिलायंस ग्रीन एनर्जी मेगा प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु:
- विशाल पूंजी निवेश: आंध्र प्रदेश में ग्रीन एनर्जी और सीबीजी (CBG) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹1,00,000 करोड़ का प्रावधान।
- रोजगार और राजस्व: स्थानीय स्तर पर 3 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार तथा राज्य के खजाने को ₹60,000 करोड़ का अनुमानित राजस्व।
- 'अन्नदाता से ऊर्जादाता': कृषि अवशेषों (बायोमास) का वाणिज्यिक उपयोग कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि का मॉडल।
- स्मार्ट एग्री-टेक सपोर्ट: AI, ड्रोन्स, रोबोटिक्स और 'जियो कृषि प्लेटफॉर्म' के जरिए किसानों को हाई-टेक प्रशिक्षण की व्यवस्था।
- भावुक जुड़ाव: अनंत अंबानी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से तेलुगू में कहा—"नन्नु आंध्र बिड्डगा भाविंचंडी" (मुझे आंध्र का बेटा समझिए)।
📊 रिलायंस आंध्र प्रदेश ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट: प्रमुख आंकड़े
| प्रमुख घटक | परियोजना विवरण |
|---|---|
| कुल प्रस्तावित निवेश | ₹1,00,000 करोड़ (₹1 लाख करोड़) |
| कोर प्रोजेक्ट | कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट्स का राज्यव्यापी नेटवर्क |
| अनुमानित रोजगार सृजन | 3,00,000 (3 लाख) से अधिक अवसर |
| राज्य को अनुमानित राजस्व | लगभग ₹60,000 करोड़ (आगामी दशकों में) |
| तकनीकी सहयोगी | Jio डिजिटल नेटवर्क एवं जियो कृषि प्लेटफॉर्म |
अन्नदाता से ऊर्जादाता: 'किसान बने अपने खेत का CEO'
मदनपल्ले में आयोजित रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब एवं इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए अनंत अंबानी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारतीय किसान न केवल देश के 140 करोड़ नागरिकों का पेट भरकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि अब वह भारत की ऊर्जा संप्रभुता का भी रक्षक बनेगा।
"भारत ने दुनिया की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कई दिग्गज CEO दिए हैं, किंतु अब समय आ गया है कि भारत का किसान स्वयं अपने खेत का CEO बने। हमें खेती-किसानी को एक ऐसी सम्मानजनक, आधुनिक और लाभकारी आजीविका बनाना है जिसे देश की युवा पीढ़ी गर्व और उत्साह के साथ अपना करियर चुने।"
— अनंत अंबानी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, रिलायंस इंडस्ट्रीज)
AI, ड्रोन और जियो कृषि प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
पारंपरिक कृषि को आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना साझा करते हुए उन्होंने बताया कि खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सटीक ड्रोन छिड़काव और रोबोटिक्स का समावेश किया जाएगा।
- वर्चुअल क्लासरूम्स: 'इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर' के विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मॉड्यूल्स को जियो के डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न भारतीय भाषाओं में सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया जाएगा।
- जियो कृषि प्लेटफॉर्म: मिट्टी के परीक्षण, मौसम पूर्वानुमान, फसल सुरक्षा और रियल-टाइम मंडी भावों की सटीक जानकारी किसानों के स्मार्टफोन पर सीधे उपलब्ध कराई जाएगी।
- पराली व बायोमास की खरीद: बायोगैस संयंत्रों के लिए कृषि अवशेषों को सीधे किसानों से खरीदा जाएगा, जिससे प्रदूषण पर रोक लगेगी और किसानों को अतिरिक्त नियमित आय प्राप्त होगी।
मंच पर दिग्गज हस्तियां मौजूद; अनंत ने तेलुगू में जीता दिल
इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह के दौरान मंच पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, आईटी एवं मानव संसाधन मंत्री नारा लोकेश सहित केंद्र व राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने भाषण के समापन पर अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश की जनता और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ व्यक्तिगत आत्मीयता प्रकट करते हुए तेलुगू भाषा में कहा: "नन्नु आंध्र बिड्डगा भाविंचंडी" (कृपया मुझे आंध्र का बेटा समझिए)। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज राज्य सरकार के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश को देश की हरित ऊर्जा राजधानी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।


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