लखनऊ: अमौसी एयरपोर्ट के पास टाटा प्रोजेक्ट्स की श्रमिक कॉलोनी में लगी आग, एआरएफएफ और दमकल टीमों ने 45 मिनट में पाया काबू; सभी श्रमिक सुरक्षित
लखनऊ: राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी एयरपोर्ट) परिसर से लगभग 800 मीटर की दूरी पर स्थित टाटा प्रोजेक्ट्स (Tata Projects) की श्रमिक कॉलोनी में मंगलवार सुबह अचानक आग लग गई। सुबह करीब 06:55 बजे लक्ष्मण चौक क्षेत्र के पास धुएं का गुबार उठते ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF) और राज्य अग्निशमन सेवा की टीमों ने त्वरित मोर्चा संभालते हुए महज 45 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
📌 अग्निकांड व बचाव कार्य के मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल व समय: एयरपोर्ट से 800 मीटर दूर लक्ष्मण चौक क्षेत्र स्थित श्रमिक कॉलोनी, सुबह लगभग 06:55 बजे।
- दमकल का मोर्चा: एयरपोर्ट की ARFF टीम के डोमेस्टिक फायर टेंडर (DFT), क्रैश फायर टेंडर (CFT) और राज्य अग्निशमन सेवा के दो फायर टेंडर तैनात।
- त्वरित नियंत्रण: दमकल कर्मियों की तत्परता से लगभग 45 मिनट में आग पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया गया।
- कोई जनहानि नहीं: किसी की मृत्यु या गंभीर चोट नहीं; बाहर निकलते समय एक श्रमिक को नाखून से मामूली खरोंच आई।
- आग लगने का कारण: कुछ श्रमिकों द्वारा बैरक में अनधिकृत रूप से गैस सिलेंडर जलाकर भोजन बनाते समय आग भड़की।
- पुनर्वास व्यवस्था: टाटा प्रोजेक्ट्स प्रबंधन ने सभी प्रभावित कामगारों को तुरंत नए सुरक्षित बैरक/शेल्टर में स्थानांतरित किया।
📊 टाटा प्रोजेक्ट्स कॉलोनी अग्निकांड: घटनाक्रम का विवरण
| प्रमुख पहलू | विवरण व जानकारी |
|---|---|
| हादसे का समय | मंगलवार सुबह लगभग 06:55 बजे (06 अक्टूबर 2026) |
| स्थान की स्थिति | एयरपोर्ट सीमा से 800 मीटर दूर, लक्ष्मण चौक के पास, लखनऊ |
| तैनात अग्निशमन वाहन | 1 डोमेस्टिक फायर टेंडर (DFT), 1 क्रैश फायर टेंडर (CFT) एवं राज्य दमकल के 2 टेंडर |
| आग बुझाने की अवधि | लगभग 45 मिनट के भीतर आग पर पूर्ण नियंत्रण |
| जनहानि / क्षति | शून्य जनहानि; 1 श्रमिक को मामूली खरोंच; संपत्ति का आंशिक नुकसान |
एयरपोर्ट ARFF और अग्निशमन विभाग का संयुक्त ऑपरेशन
सुबह पौने सात बजे जैसे ही कॉलोनी में लपटें उठती देखी गईं, आसपास के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत लखनऊ एयरपोर्ट कंट्रोल और फायर सर्विस को अलर्ट भेजा।
घटनास्थल की संवेदनशीलता और एयरपोर्ट परिसर से निकटता को देखते हुए एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF) टीम ने तत्काल अपने डोमेस्टिक फायर टेंडर (DFT) को रवाना किया। इसके साथ ही बैकअप के तौर पर एक क्रैश फायर टेंडर (CFT) और राज्य अग्निशमन सेवा के दो अतिरिक्त दमकल वाहन मौके पर पहुंच गए। राहत कर्मियों ने सबसे पहले रिहायशी शेल्टरों में मौजूद श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और चारों तरफ से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका।
अवैध गैस सिलेंडर के प्रयोग से भड़की आग: सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
टाटा प्रोजेक्ट्स की तकनीकी टीम से प्राप्त प्राथमिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना के समय कुछ श्रमिक बैरक के अंदर अनधिकृत रूप से एलपीजी गैस सिलेंडर जलाकर खाना बना रहे थे, तभी रिसाव के कारण आग भड़क उठी।
"टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा सभी श्रमिकों के लिए कैंटीन में शुद्ध एवं ताजा भोजन का नियमित प्रबंध किया जाता है। कॉलोनी परिसर के भीतर निजी तौर पर खाना पकाने, ज्वलनशील सामग्री रखने अथवा गैस सिलेंडर के अनधिकृत उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। श्रमिकों को पहले भी सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े दिशा-निर्देश दिए जा चुके थे।"
— टाटा प्रोजेक्ट्स प्रबंधन प्रतिनिधि
श्रमिकों को नए शेल्टर में किया गया शिफ्ट, स्थिति पूरी तरह सामान्य
हादसे के तुरंत बाद टाटा प्रोजेक्ट्स की वेलफेयर और एडमिनिस्ट्रेशन टीम ने सक्रियता दिखाते हुए प्रभावित शेल्टर के सभी श्रमिकों को नए बैरकों में सुरक्षित शिफ्ट कर दिया। श्रमिकों के खान-पान और दैनिक जरूरत की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करा दी गई हैं।
बचाव अभियान के दौरान बाहर भागते समय एक श्रमिक के हाथ में मामूली नाखून लगने से खरोंच आई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में कूलिंग का कार्य संपन्न हो चुका है।

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