📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय में भारी हंगामा: पदभार ग्रहण के दौरान चले जूते; धरने पर बैठे अजय राय, प्रमोद तिवारी ने मनाया

लखनऊ कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में भारी हंगामा: आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण के दौरान धक्का-मुक्की व चले जूते; धरने पर बैठे अजय राय

📍 स्थान: माल एवेन्यू, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 11 अक्टूबर 2026 | 🏛️ श्रेणी: उत्तर प्रदेश राजनीति, कांग्रेस संगठन, राजनीतिक विवाद, लखनऊ समाचार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माल एवेन्यू स्थित प्रदेश मुख्यालय में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के औपचारिक पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पार्टी की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और जूते चलने तक की नौबत आ गई। घटनाक्रम से आहत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ कार्यालय परिसर से बाहर आकर धरने पर बैठ गए। बाद में वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और सांसद इमरान मसूद ने मौके पर पहुंचकर अजय राय को समझा-बुझाकर धरने से उठाया।

📌 घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:

  • पदभार ग्रहण के दौरान हंगामा: आराधना मिश्रा के अध्यक्षीय कार्यभार संभालने के समय मंच और सभागार में अव्यवस्था।
  • धक्का-मुक्की और जूते चलने की घटना: कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच तीखी बहस के बाद हाथापाई और जूते चलने का मामला सामने आया।
  • बदसलूकी का आरोप: अजय राय ने पार्टी नेत्री ममता चौधरी पर खुद के साथ अमर्यादित व्यवहार और बदसलूकी करने का आरोप लगाया।
  • विरोध में धरना: अपमान से क्षुब्ध होकर अजय राय अपने समर्थकों के साथ दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए।
  • वरिष्ठ नेताओं का हस्तक्षेप: कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य प्रमोद तिवारी और सांसद इमरान मसूद ने मान-मनौव्वल कर मामले को शांत कराया।

📊 लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय घटनाक्रम: एक नजर में

पहलू / घटक तथ्य एवं घटनाक्रम विवरण
कार्यक्रम का अवसर नवनियुक्त यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा का पदभार ग्रहण
विवाद का केंद्र कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की, नारेबाजी और मंच व्यवस्था को लेकर टकराव
धरने पर बैठे नेता अजय राय (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस)
आरोप नेत्री ममता चौधरी पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की करने का आरोप
मध्यस्थता करने वाले नेता राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी एवं सांसद इमरान मसूद

पदभार ग्रहण के दौरान अचानक बिगड़े हालात

उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में रविवार सुबह से ही प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। आराधना मिश्रा के औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने के लिए बनाए गए मंच पर नेताओं के स्वागत का सिलसिला चल रहा था। इसी दौरान हाल के मुख्य द्वार और मंच के पास खड़े कार्यकर्ताओं के बीच आगे बढ़ने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।

देखते ही देखते नोकझोंक धक्का-मुक्की में तब्दील हो गई और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और जूते चलने की नौबत आ गई। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से सभागार में अफरा-तफरी मच गई और कई वरिष्ठ नेता असहज स्थिति में आ गए।

बदसलूकी से नाराज अजय राय बाहर धरने पर बैठे

हंगामे के बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि पार्टी नेत्री ममता चौधरी और उनके समर्थकों द्वारा उनके साथ अमर्यादित व्यवहार और बदसलूकी की गई। इस घटनाक्रम से गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए अजय राय अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम छोड़कर मुख्यालय के मुख्य द्वार के समीप जमीन पर धरने पर बैठ गए।

“पार्टी के सबसे गरिमामयी कार्यक्रम में अनुशासहीनता और वरिष्ठ नेताओं के साथ इस तरह का अमर्यादित व्यवहार कतई बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। जब तक अनुशासन तोड़ने वालों पर जवाबदेही तय नहीं होती, सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।”
— समर्थक गुट, अजय राय

प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने की मान-मनौव्वल

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के धरने पर बैठते ही पार्टी के शीर्ष नेताओं में खलबली मच गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद तुरंत धरना स्थल पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने अजय राय से लंबी बातचीत की और उन्हें समझाते हुए कहा कि आज का दिन संगठन के लिए ऐतिहासिक है और किसी भी व्यक्तिगत विवाद को आपस में बैठकर सुलझाया जाएगा। काफी मान-मनौव्वल के बाद अजय राय धरना समाप्त कर नेताओं के साथ पुनः अंदर जाने के लिए राजी हुए।

गुटबाजी और अनुशासन पर फिर खड़े हुए सवाल

प्रदेश अध्यक्ष जैसे शीर्ष पद के हस्तांतरण और पदभार ग्रहण समारोह के दिन पार्टी मुख्यालय में इस प्रकार की अनुशासनहीनता ने संगठन के भीतर अंदरूनी गुटबाजी और समन्वय की कमी को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के सामने पहली और सबसे बड़ी चुनौती संगठन में आंतरिक अनुशासन स्थापित करने और सभी गुटों को एकजुट रखने की होगी।

निष्कर्ष: उत्सव के माहौल में तब्दील होने वाले इस राजनीतिक कार्यक्रम का हंगामे और धरने के साथ शुरू होना कांग्रेस की आंतरिक चुनौतियों को दर्शाता है। अब देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस घटना में शामिल कार्यकर्ताओं और अनुशासनहीनता पर क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें