📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

यूपी बनेगा ग्लोबल आयुष हब: नई आयुष पॉलिसी-26 में पंचकर्म, योग और रिसर्च पर जोर; स्टांप ड्यूटी में छूट से आकर्षित होंगे निवेशक

योगी सरकार नवंबर में लाएगी 'नई आयुष पॉलिसी-26': पीपीपी मोड, कैपिटल सब्सिडी और रिसर्च हब से आयुष इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी वैश्विक पहचान

📍 स्थान: लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 16 अक्टूबर 2026 | 🌿 श्रेणी: आयुष नीति, स्वास्थ्य अवसंरचना, कैबिनेट निर्णय, उत्तर प्रदेश शासन

लखनऊ: देश और दुनिया के आयुष (AYUSH) सेक्टर में उत्तर प्रदेश को वैश्विक नेतृत्व दिलाने के लिए योगी सरकार आगामी नवंबर माह में 'नई आयुष पॉलिसी-26' को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तैयार किए गए इस नीतिगत ड्राफ्ट का मुख्य उद्देश्य राज्य को आयुष अनुसंधान (Research) और वेलनेस टूरिज्म का राष्ट्रीय हब बनाना है। इस नई नीति के तहत निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए कैपिटल सब्सिडी, स्टांप शुल्क में छूट, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं पर विशेष रियायतें और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर आधुनिक अस्पतालों के निर्माण की रूपरेखा तैयार की गई है।

📌 नई आयुष पॉलिसी-26 के प्रमुख आकर्षण:

  • कैबिनेट मंजूरी: नवंबर 2026 में होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में नीति के प्रारूप पर अंतिम मुहर लगेगी।
  • निवेशकों को वित्तीय रियायतें: आयुष उद्योग स्थापित करने के लिए कैपिटल सब्सिडी, भूमि क्रय पर स्टांप ड्यूटी में छूट और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर विशेष छूट।
  • पीपीपी (PPP) मॉडल का विस्तार: निजी सहभागिता से विश्वस्तरीय आयुष अस्पतालों, औषधालयों और डायग्नोस्टिक सेंटरों की स्थापना।
  • प्राचीन पद्धतियों का पुनरुद्धार: पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा (नेचरोपैथी), योग और वेलनेस केंद्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना।
  • रोजगार व नए पाठ्यक्रम: आयुर्वेद, होम्योपैथी और योग में नए व्यावसायिक कोर्स शुरू होंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे।

📊 उत्तर प्रदेश नई आयुष पॉलिसी-26: प्रमुख स्तंभ एवं कार्ययोजना

नीतिगत क्षेत्र प्रमुख प्रावधान एवं प्रस्तावित सुविधाएं
निवेश प्रोत्साहन पैकेज कैपिटल सब्सिडी, लैंड परचेज पर स्टांप ड्यूटी में छूट एवं ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर विशेष सब्सिडी
अवसंरचना निर्माण (Infrastructure) पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर सुपर स्पेशियलिटी आयुष अस्पतालों का निर्माण
अनुसंधान एवं गुणवत्ता नियंत्रण आयुष दवाओं की गुणवत्ता जांच, लैब नेटवर्क और एविडेंस-बेस्ड क्लिनिकल रिसर्च ढांचा
पारंपरिक चिकित्सा पर फोकस पंचकर्म केंद्र, नेचरोपैथी क्लिनिक, योग एवं आयुष वेलनेस सेंटर की स्थापना
शिक्षा एवं कौशल विकास आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी में नए तकनीकी और डिग्री कोर्स; कुशल पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती

'आयुष रिसर्च का वैश्विक हब बनेगा उत्तर प्रदेश': प्रमुख सचिव रंजन कुमार

आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने नीति के प्रारूप पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख आयुष डेस्टिनेशन बनाने की है।

“मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक वैज्ञानिक शोध के साथ जोड़कर प्रदेश में औद्योगिक और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए। नई आयुष पॉलिसी-26 का ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार है और इसे नवंबर की कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। इस नीति से वैश्विक निवेशकों के लिए यूपी पहली पसंद बनेगा और स्थानीय स्तर पर व्यापक रोजगार सृजित होंगे।”
— रंजन कुमार (प्रमुख सचिव, आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश)

पंचकर्म, योग और नेचरोपैथी: वेलनेस केंद्रों का होगा कायाकल्प

नई नीति में प्राचीन भारतीय चिकित्सा विज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर उतारने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:

  • पंचकर्म और डिटॉक्सिफिकेशन: प्रदेश के सभी बड़े आयुष चिकित्सालयों में आधुनिक पंचकर्म यूनिट्स की स्थापना की जाएगी, जिससे असाध्य रोगों के उपचार में मदद मिलेगी।
  • वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहन: धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों (जैसे काशी, अयोध्या, मथुरा, नैमिषारण्य) के निकट आयुष वेलनेस सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे ताकि विदेशी व घरेलू पर्यटकों को समग्र स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
  • औषधि निर्माण व टेस्टिंग: प्रदेश में निर्मित होने वाली जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं के प्रमाणीकरण के लिए अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब का ढांचा बनेगा।

अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार

नई आयुष पॉलिसी-26 केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव आम नागरिक की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। सरकारी आयुष अस्पतालों में भर्ती व्यवस्था, दवाओं की निर्बाध उपलब्धता और योग्य चिकित्सकों व थेरेपिस्टों की तैनाती को अनिवार्य बनाया जा रहा है।

इसके साथ ही आयुष शिक्षा में नए सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स शुरू होने से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के युवाओं को पंचकर्म थेरेपिस्ट, योग प्रशिक्षक, नेचरोपैथी सहायक और फार्मासिस्ट के रूप में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

निष्कर्ष: नवंबर में आने वाली 'नई आयुष पॉलिसी-26' उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य और औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देगी। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शोध के संगम से तैयार यह नीति प्रदेश को आयुष के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के साथ-साथ नागरिकों को सुलभ व समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें