आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में किसानों को बड़ी राहत: सीएम योगी ने दिए प्राथमिकता पर ट्रांजिट परमिट जारी करने के निर्देश; DM और DFO करेंगे सीधी निगरानी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सितंबर और अक्टूबर माह के दौरान चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अतिवृष्टि के कारण खेतों व निजी भूमि पर गिरे पेड़ों की समस्या को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद संवेदनशीलता से लिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को त्वरित राहत देने और धराशायी हुए वृक्षों के पारदर्शी व त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM), प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) और उत्तर प्रदेश वन निगम को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को अपनी निजी लकड़ी बेचने व हटाने में किसी भी प्रकार की लालफीताशाही या उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।
📌 शासन के प्रमुख निर्देश:
- तत्काल ट्रांजिट परमिट (Transit Permit): निजी भूमि पर गिरे पेड़ों की लकड़ी के परिवहन के लिए वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर अभिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करेगा।
- सड़कों से मलबा हटाने का आदेश: आंधी-तूफान के कारण सार्वजनिक मार्गों और संपर्क मार्गों पर अवरोध बने पेड़ों को तत्काल काटकर मार्ग सुचारु करने का निर्देश।
- उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस: अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रक्रिया के नाम पर किसानों का किसी भी स्तर पर मानसिक अथवा आर्थिक शोषण न हो।
- संयुक्त स्थलीय निरीक्षण: डीएम और डीएफओ संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर निस्तारण की गति पर नजर रखेंगे।
📊 गिरे पेड़ों के निस्तारण संबंधी प्रशासनिक रूपरेखा
| घटक / विषय | शासकीय दिशा-निर्देश व प्रावधान |
|---|---|
| लक्षित समस्या | आंधी, तूफान व बारिश से निजी खेतों व सड़कों पर गिरे पेड़ |
| जिम्मेदार संस्थाएं | वन विभाग, उत्तर प्रदेश वन निगम एवं जिला प्रशासन |
| परिवहन अनुमति (Transit Permit) | किसानों के आवेदनों पर बिना देरी प्राथमिकता पर जारी करने का आदेश |
| सार्वजनिक मार्ग अवरोध | सड़कों पर गिरे वृक्षों को युद्धस्तर पर हटाकर यातायात बहाल करना |
| निगरानी तंत्र | जिलाधिकारी (DM) एवं प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण |
आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई: बिना विलंब जारी होंगे ट्रांजिट परमिट
आमतौर पर निजी भूमि पर लगे या गिरे प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों की लकड़ी को काटने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए वन विभाग से ट्रांजिट पास (अभिवहन अनुज्ञा पत्र) लेने में किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। प्राकृतिक आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध और सुगम बनाने का आदेश दिया है।
“खेतों और निजी भूमि पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए किसानों द्वारा दिए जाने वाले आवेदनों पर वन विभाग और वन निगम तत्काल नियमानुसार निर्णय लें। इस प्रक्रिया में अनावश्यक औपचारिकताओं या हीलाहवाली के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
सड़कों से अवरोध तत्काल हटाने और पारदर्शी निस्तारण पर जोर
हालिया चक्रवाती परिस्थितियों के दौरान राज्य और ग्रामीण मार्गों पर बड़ी संख्या में पेड़ टूटने से कई इलाकों में आवागमन बाधित हुआ था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि:
- तत्काल मार्ग बहाली: सड़कों पर गिरे वृक्षों को त्वरित गति से काटकर किनारों पर किया जाए ताकि एम्बुलेंस, स्कूली बसों और दैनिक यातायात में बाधा न आए।
- पारदर्शिता और नियम पालन: वन निगम द्वारा गिरे हुए पेड़ों की लकड़ी की नाप-जोख और उठान का कार्य पूरी शुचिता और वन नियमों के अनुरूप संपन्न किया जाए।
- जवाबदेही तय: फील्ड स्तर पर शिकायतों के समाधान की सीधी जवाबदेही प्रभागीय वनाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों (SDM) की होगी।


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