यूपी रेरा ने QPR दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर तक बढ़ाई: प्रमोटर्स को मिला अतिरिक्त समय; आर्किटेक्ट, इंजीनियर और CA प्रमाणपत्रों पर DSC हुआ अनिवार्य
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (Quarterly Progress Report - QPR) पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। प्राधिकरण के नए आदेश के अनुसार, प्रमोटर्स अब 21 अक्टूबर 2026 तक अपनी QPR दाखिल कर सकेंगे। यह निर्णय रिपोर्ट के साथ संलग्न होने वाले प्रमुख तकनीकी प्रमाणपत्रों को पहली बार डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से प्रमाणित कर जमा करने की नई व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए लिया गया है।
📌 यूपी रेरा आदेश के मुख्य बिंदु:
- विस्तारित समयसीमा: 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही की QPR अब 21 अक्टूबर 2026 तक जमा की जा सकेगी।
- डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) अनिवार्य: पेशेवर प्रमाणपत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर की नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु मिला अतिरिक्त समय।
- तीन प्रमुख प्रमाणपत्र: वास्तुविद (REG-1), इंजीनियर (REG-2) और चार्टर्ड अकाउंटेंट (REG-3) के फॉर्म DSC से प्रमाणित होंगे।
- पारदर्शिता में सुधार: प्रोजेक्ट्स की भौतिक और वित्तीय प्रगति के गलत दावों पर रोक लगाने और खरीदारों के हित सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम।
📊 यूपी रेरा QPR अनुपालन: मुख्य तथ्य एवं प्रारूप
| प्रमाणपत्र / प्रक्रिया | जारीकर्ता पेशेवर | अनिवार्य तकनीकी मानक |
|---|---|---|
| प्रमाणपत्र REG-1 | परियोजना वास्तुविद (Architect) | डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) |
| प्रमाणपत्र REG-2 | संरचनात्मक इंजीनियर (Engineer) | डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) |
| प्रमाणपत्र REG-3 | चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) | डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) |
| तिमाही संदर्भ | 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही (Q2 FY 2026-27) | |
| नई अंतिम तिथि | 21 अक्टूबर 2026 | |
पहली बार लागू हो रही डिजिटल हस्ताक्षर व्यवस्था, इसलिए मिली मोहलत
प्राधिकरण ने 30 सितंबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि अब तक QPR के साथ संलग्न किए जाने वाले प्रमाणपत्रों की सामान्य प्रतियां अपलोड होती थीं। हालांकि, प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और प्रामाणिक बनाने के लिए अब केवल DSC से हस्ताक्षरित डिजिटल प्रमाणपत्र ही स्वीकार किए जा रहे हैं।
“चूंकि DSC आधारित अपलोड की संशोधित व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है, इसलिए प्रमोटर्स, वास्तुविदों, संरचनात्मक इंजीनियरों और सीए को नए डिजिटल सिस्टम और तकनीकी चरणों को समझने में कुछ अतिरिक्त समय लग रहा था। किसी भी तकनीकी अड़चन के कारण प्रमोटर्स पर अनावश्यक जुर्माना या कठिनाई न आए, इसलिए तिथि को 21 अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला किया गया।”
— यूपी रेरा आधिकारिक आदेश
रेरा पोर्टल पर उपलब्ध है चरणबद्ध गाइड, समय पर पूरा करें अनुपालन
नियामक ने सभी पंजीकृत प्रमोटर्स को आगाह किया है कि वे विस्तारित समयसीमा का सदुपयोग करें और अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपनी QPR दाखिल करें:
- तकनीकी प्रक्रिया: वास्तुविद, इंजीनियर और सीए को यूपी रेरा पोर्टल पर अपने क्लास-3 डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) को मैप करना होगा।
- सटीक विवरण अनिवार्य: REG-1 में प्रोजेक्ट की निर्माण स्थिति, REG-2 में संरचनात्मक स्थिरता और REG-3 में एस्क्रो खाते (Escrow Account) तथा खर्चों का वित्तीय ब्योरा दर्ज होना आवश्यक है।
- सख्त अनुपालन चेतावनी: 21 अक्टूबर 2026 के बाद बिना वैध DSC वाले प्रमाणपत्रों के साथ जमा की गई QPR को अधूरा माना जाएगा, जिससे संबंधित बिल्डरों पर रेरा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।

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