मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख छात्र-छात्राओं को दिया ₹148 करोड़ का शैक्षिक संबल: एक क्लिक पर DBT से बैंक खातों में पहुंची छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के 4,60,559 छात्र-छात्राओं की उच्च व माध्यमिक शिक्षा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक बड़ा वित्तीय संबल प्रदान किया। राजधानी स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹148.04 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंच से 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से प्रतीकात्मक छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी भेंट किए।
📌 छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
- कुल लाभान्वित विद्यार्थी: 4,60,559 छात्र-छात्राओं के खातों में ₹148.04 करोड़ का प्रत्यक्ष अंतरण।
- ओबीसी व एससी वर्ग को सर्वाधिक लाभ: अन्य पिछड़ा वर्ग के 2.23 लाख छात्रों को ₹60.01 करोड़ और अनुसूचित जाति के 1.59 लाख छात्रों को ₹64.54 करोड़ जारी।
- पारदर्शी भुगतान प्रणाली: बिचौलियों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए छात्रवृत्ति वितरण में आधार-संबद्ध भुगतान प्रणाली और पैकेट सिस्टम का उपयोग।
- कक्षा 9 से उच्च शिक्षा तक: पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चे शामिल।
- वार्षिक उपलब्धि: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक 65.95 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ₹4,793 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति वितरित।
📊 वर्ग-वार छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण का विवरण
| सामाजिक वर्ग (Category) | लाभान्वित छात्र संख्या | हस्तांतरित धनराशि (करोड़ में) |
|---|---|---|
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 2,23,615 विद्यार्थी | ₹60.01 करोड़ |
| अनुसूचित जाति (SC) | 1,59,959 विद्यार्थी | ₹64.54 करोड़ |
| सामान्य वर्ग (General) | 38,084 विद्यार्थी | ₹11.43 करोड़ |
| अल्पसंख्यक वर्ग (Minority) | 38,901 विद्यार्थी | ₹12.06 करोड़ |
| कुल योग (Total) | 4,60,559 विद्यार्थी | ₹148.04 करोड़ |
लोक भवन में 11 मेधावी छात्रों को सीएम ने सौंपे प्रमाणपत्र
लोक भवन सभागार में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए 11 चयनित छात्र-छात्राओं को मंच पर आमंत्रित कर छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाणपत्र प्रदान किए। प्रमाणपत्र पाने वाले विद्यार्थियों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली, अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान और आर्थिक सहयोग पाकर छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के चेहरे खिल उठे। विद्यार्थियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति मिलने से वे अब बिना किसी आर्थिक तनाव के अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
तकनीक और शुचिता: आधार-संबद्ध DBT प्रणाली से बिचौलियों का अंत
छात्रवृत्ति व्यवस्था में सुधारों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आवेदन, सत्यापन, बिल निर्माण और फंड ट्रांसफर तक की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल कर दिया है।
अब छात्रवृत्ति सीधे छात्र के बैंक खाते में आधार-संबद्ध भुगतान प्रणाली (Aadhaar Payment Bridge System) के जरिए भेजी जा रही है। डेटा सत्यापन के लिए लागू किए गए आधुनिक पैकेट सिस्टम से दोहराव और अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगी है, जिससे वास्तविक और पात्र छात्रों तक योजना का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचना सुनिश्चित हुआ है।
"आर्थिक तंगी नहीं बनेगी किसी युवा की पढ़ाई में बाधा"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी प्रतिभावान विद्यार्थी धन के अभाव में अपनी शिक्षा अधूरी न छोड़े। पूर्वदशम (कक्षा 9 और 10) के स्तर से ही छात्रों को छात्रवृत्ति से जोड़ा जा रहा है ताकि ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम किया जा सके।
"वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति सीधे खातों में अंतरित की गई है। सरकार का संकल्प है कि अंतिम पंक्ति में खड़े परिवार के बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

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