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आदर्श मतदान केन्द्र पर खूब पड़े वोट, मतदाताओं ने रेड कार्पेट पर चलकर किया मतदान

लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से पहली बार बहुमंजिला आवासीय सोसाइटी में बनाये गये आदर्श मतदान केन्द्रों में वोटरों ने दिखाया जबदस्त उत्साह दिखाया। इस योजना के सकारात्मक व संतोषजनक परिणाम देखने को मिले। इस भीषण गर्मी में पारिजात में 77.12% वोट रहा। कई अपार्टमेंट में औसतन 70% से 75% तक के बीच मतदान रहा है। आकर्षक साज-सज्जा व सुविधाओं से लैस इन मतदान केन्द्रों पर खूब वोट पड़े और वोटरों ने इन्हें फर्स्ट डिविजन पास करा दिया। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि शहर के विभिन्न अपार्टमेंट्स व बटलर पैलेस कॉलोनी में मॉडल मतदान केन्द्र बनाये थे। प्रत्येक केन्द्र पर मतदाताओं के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछायी गयी। साथ ही फूल-माला व गुब्बारों से सुसज्जित प्रवेश द्वार निर्मित किये गये थे। मतदान के लिए कतार में खड़े वोटरों को धूप से बचाने के लिए टेंट लगाकर शेड की व्यवस्था की गयी थी। इसके अलावा पुरूष व महिला वोटरों के बैठने के लिए अलग से वेटिंग एरिया बनाये गये थे, जिनमें सोफा-कुर्सी के साथ कूलर व पंखे लगाये गये थे। भीषण गर्मी के मद्देनजर वोटरों के लिए शीतल पेयजल के साथ ही मट्ठा व लस्सी की व्यवस्था की गयी थी, जिसका वितरण सुबह से शाम तक लगातार किया गया। 

आदर्श मतदान केन्द्र पर खूब पड़े वोट, मतदाताओं ने रेड कार्पेट पर चलकर किया मतदान


उपाध्यक्ष ने बताया कि मतदान के लिए आने वाले वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों व गर्भवती महिलाओं आदि को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी केन्द्रों पर व्हील चेयर व मेडिकल किट की भी व्यवस्था की गयी थी। इसके अलावा प्रत्येक केन्द्र पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट्स बनाये गये थे, जहां मतदान करने आये लोगों ने परिवार व दोस्तों के साथ खूब तस्वीरें खींची। आकर्षक सजावट और बेहतरीन सुविधाओं की मतदाताओं ने जमकर सराहना की। नतीजा यह रहा कि इतनी गर्मी के बावजूद मतदाताओं ने उत्साह दिखाया और सभी केन्द्रों पर बड़ी संख्या में मतदान हुआ। 



इन मॉडल मतदान केन्द्रों पर हुआ इतना मतदान 

सहारा सिटी होम्स, अल्लू नगर डिगरिया- 67.73 प्रतिशत 

एल्डिको सिटी, मुतक्कीपुर- 62.10 प्रतिशत 

परिजात अपार्टमेंट, विक्रांत खण्ड-3, गोमती नगर- 73.98 प्रतिशत 

ओमैक्स हाइट्स, विभूति खण्ड- 61.39 प्रतिशत

एल्डिको एलिगेंस, विभूति खण्ड- 68 प्रतिशत

सरयू अपार्टमेंट, गोमती नगर विस्तार- 80.99 प्रतिशत 

ओमेगा ग्रीन पार्क, तारा का पुरवा- 70 प्रतिशत

स्प्रिंग ग्रीन्स अपार्टमेंट, अनौरा खुर्द- 65.43 प्रतिशत

आकाश इन्क्लेव, सेक्टर-6, वृंदावन योजना- 70.93 प्रतिशत

सनराइज अपार्टमेंट, मानसरोवर योजना- 76 प्रतिशत

सरयू इन्क्लेव, घुसवल कला- 64 प्रतिशत

भागीरथी इन्क्लेव, अवध विहार योजना- 67.25 प्रतिशत

स्मृति अपार्टमेंट, कुर्सी रोड- 72 प्रतिशत

बटलर पैलेस, डालीबाग- 43.39 प्रतिशत



बुर्जुग वोटर आॅटो, ई रिक्शा न मिलने से हुए नाराज 

बुजुर्गों और विकलांगों को भी वोट डालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कहने को तो प्रशासन ने बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए तमाम तरह के वादे किये थे लेकिन मतदान केन्द्रों की दूरी ज्यादा होने की वजह से काफी परेशानी हुई। प्रशासन ने मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वापस छोड़ने के लिए ई रिक्शा सहित अन्य वाहन चलवाने की बात कही थी, लेकिन जरूरत के अनुसार वाहन नहीं चले। बुजुर्ग और दिव्यांग को लिफ्ट लेकर वोट डालने जाना पड़ा। दिव्यांग बलदेव प्रसाद मौर्य का रहा। किसी तरह बेटे भूपेन्द्र प्रसाद मौर्य के साथ बाइक से वोट डालने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जबसे वोट डालना शुरू किया है आज तक किसी भी चुनाव में वोट करना नहीं भूले। आदर्श मतदान केंद्र शेरवुड एकैडमी पर मतदान करने पहुंचे बुजुर्ग ओंकार सिंह ने नाराजगी व्यक्ति की। उनका कहना था कि बुजुर्गों के लिए ई रिक्शा की व्यवस्था की गई थी। जिससे मतदान में आसानी हो, लेकिन यहां पर ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। उन्होंने इस पर नाराजगी व्यक्त की। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ई रिक्शा उपलब्ध कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि उनके पड़ोस में कई बुजुर्ग रहते हैं लेकिन निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद भी उनके लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था नहीं कराई गई है। उन्हें पैदल चलकर मतदान केंद्र तक आना पड़ा है।

अस्पताल से जाकर वोट डाला फिर लौटे घर

एक तरफ कई मतदाता गर्मी से परेशान होकर मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे वहीं कई मतदाता ऐसे भी थे जो अस्पताल से वोट देने सीधे मतदान केन्द्र पहुंचे। 81 वर्षीय आशा मिश्रा नेहरू एनक्लेव में रहती हैं। आशा को तेज बुखार के बाद उनको रविवार की रात मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेहरू एनक्लेव की आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि अंजू ने बताया कि आशा मिश्रा की बेटी दिल्ली में रहती है। उन्होंने वोट देने की इच्छा जताई। ऐसे में उनको अस्पताल से एम्बुलेंस के जरिए गोमती नगर के विश्वास खंड-3 में स्थित मतदान केन्द्र के बूथ पर लाया गया। उन्होंने यहां अपने मताधिकार का प्रयोग किया। आरडब्ल्यूए की ओर से उनको नाश्ता कराने के बाद वापस अस्पताल भेजा गया। इसी तरह पार्श्वनाथ प्लेनेट में रहने वाले प्रदीप मुखर्जी का सुबह डायलिसिस हुआ था। अस्पताल से सीधे मतदान केन्द्र वोट देने पहुंचे। इसके बाद घर के लिए रवाना हुए।

मतदाता सूची में नाम खोजते रहे पार्टी एजेंट

सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया। मतदान केंद्र में बीएलओ ने मतदाता पर्ची का काम संभाल रखा था तो विभिन्न पार्टियों के एजेंट मतदान स्थल के आस-पास अपना बस्ता लगाकर बैठे थे। थोड़ी ही देर में मतदाताओं की भीड़ जुटने लगी। कोई नाम बता रहा था तो कोई मकान नंबर। इस आधार पर सूची में नाम और नंबर ढूंढने में बूथ एजेंटों के पसीने छूट गए। आदर्श मांटेसरी स्कूल मतदान केंद्र पर मतदान करने की इच्छा से रहीम नगर निवासी रेखा देवी, सिमरता पहुंची थी। उनके हाथ में मतदाता कार्ड तो था लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं मिल रहा था। बूथ एजेंट ने काफी प्रयास किया लेकिन नाम न मिलने पर नाराजगी दिखी। 60 वर्षीय रघुवीर का भी नाम नहीं था। सभी ने बताया कि पिछली बार वोट डाला था। रघुवीर में वोट न डालने का आक्रोश था। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कहकर चले गए। कई पन्नों के मतदाता सूची में हजारों नाम के बीच वोटर का नाम खोजने में बूथ प्रभारियों ने बहुत प्रयास किया। कई वोटर निराश हो गए। हालांकि कई को मौके पर पर्ची देकर मतदान स्थल भेजा गया।

पार्टी बस्ते की भीड़ बता रही थी मतदाता का मूड

मतदान स्थल के 100 मीटर दूर अधिकांश बूथों पर सिर्फ भाजपा, इंडिया गठबंधन का बस्ता दिखा। जहां हर बूथ पर चार-चार लोगों की तैनाती पार्टियों की ओर से लिखित में थी। एक दो जगह वोटरों की संख्या के आधार पर बसपा के बूथ एजेंट नजर आए। बाकी के बूथ एजेंट नदारद थे। ऐसे दलों के वोटर सीधे वोट डालने पहुंच गए। भीषण गर्मी में सुबह से शाम तक एजेंट पसीना पोछते हुए लगे रहे। 


प्रिंटर से निकल रही थी पर्ची

भाजपा की ओर से एप जारी किया गया था। साफ्टवेयर में हर इलाके के वोटरों का ब्यौरा दर्ज था। कई बस्तों पर प्रिटिंग मशीन भी मौजूद थी। जहां वोटर आईडी नंबर साफ्टवेयर में दर्ज करते ही वोटर की पर्ची मशीन से निकल जा रही थी। इससे पर्ची में नाम, नंबर, क्रमांक संख्या, बूथ संख्या आदि लिखने की समस्या नहीं रही। 


बीएलओ दिखे परेशान

कई मतदान केन्द्रों पर बीएलओ परेशान दिखे। उनका कहना था कि हमारे बैठने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गयी। बिना पंखा के बैठा दिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय देवरई कला बीकेटी के मतदान केन्द्र पर तैनात बीएलओ दिव्यांग सुधा मौर्या नाराज दिखी। हर घंटे में वोट प्रतिशत की रिपोर्ट लेने बूथ तक जाना पड़ता है। इतनी कड़ी धूप में काम करना बड़ा मुश्किल हो रहा है।

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