एलडीए स्टेडियम को 25 साल की लीज पर देने का विरोध, पार्षद ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
लखनऊ, 14 मई। लखनऊ नगर निगम के पार्षद एवं उपाध्यक्ष यूपी वेल्ड लिफ्टिंग एसोसिएशन Ranjeet Singh ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को पत्र लिखकर अलीगंज स्थित एलडीए स्टेडियम को 25 वर्षों की लीज पर दिए जाने का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों को बड़ा नुकसान होगा।
पत्र में कहा गया है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की आवासीय योजना के अंतर्गत बने इस स्टेडियम में वर्षों से स्थानीय खिलाड़ी विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण लेते रहे हैं। यहां क्रिकेट, फुटबॉल, लॉन टेनिस और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियां संचालित होती थीं, जिनसे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता था।
खिलाड़ियों के भविष्य पर असर का दावा
पार्षद ने आरोप लगाया कि वर्ष 2026 में एलडीए वीसी द्वारा स्टेडियम को बड़ी धनराशि पर 25 साल के लिए किराये पर दे दिया गया, जिसके बाद खिलाड़ियों के लिए मैदान में खेलना लगभग बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों से खेल गतिविधियों के लिए हजारों रुपये प्रति घंटा शुल्क मांगा जा रहा है।
पत्र में कहा गया कि जिन बच्चों ने खेल के माध्यम से प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का सपना देखा था, उनके सपनों पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पार्षद रणजीत सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए एलडीए स्टेडियम और अन्य खेल परिसरों के आवंटन को निरस्त किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को पहले की तरह खेल सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आवासीय योजना में खेल मैदान, स्कूल, पार्क और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाओं के लिए पहले से जमीन आरक्षित की जाती है, ऐसे में उनका व्यावसायीकरण उचित नहीं है।



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