अनंत अंबानी बोले: वित्त वर्ष 2027 से रिलायंस की कमाई में दिखेगा 'न्यू एनर्जी' का दम, सैमसंग के साथ $3 अरब का करार
मुंबई (19 जून, 2026): रिलायंस के न्यू एनर्जी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे अनंत एम. अंबानी ने कंपनी के क्लीन एनर्जी कारोबार को रिलायंस की अगली सबसे बड़ी ग्रोथ यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में उन्होंने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2027 से न्यू एनर्जी बिजनेस रिलायंस के वित्तीय प्रदर्शन (Earnings) में सार्थक योगदान देना शुरू कर देगा।
🌱 Reliance New Energy के बड़े हाइलाइट्स:
- सैमसंग के साथ महा-करार: ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी (Samsung C&T) के साथ 3 अरब डॉलर का दीर्घकालिक सप्लाई एग्रीमेंट साइन।
- कमर्शियल रेवेन्यू: सोलर मॉड्यूल्स की बिक्री से व्यावसायिक रेवेन्यू इसी वित्त वर्ष से शुरू होगा।
- बैटरी गीगा फैक्ट्री: कंपनी की मेगा बैटरी फैक्ट्री इसी वर्ष कमीशन (चालू) होने जा रही है।
- ग्रीन जॉब्स का लक्ष्य: इस पूरे क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट के जरिए देश में 2 लाख ग्रीन जॉब्स पैदा करने का लक्ष्य है।
सैमसंग सीएंडटी के साथ $3 अरब का करार कोई वादा नहीं, हस्ताक्षरित सच है
अनंत अंबानी ने एजीएम में गर्व के साथ बताया कि ग्रीन अमोनिया के लिए सैमसंग सीएंडटी के साथ किया गया 3 अरब डॉलर का यह समझौता सिर्फ कोई कागजी वादा नहीं है, बल्कि यह एक हस्ताक्षरित (Signed) करार है। यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया ऑफटेक करारों में से एक है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलायंस के ग्रीन हाइड्रोजन प्लेटफॉर्म की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को साबित करता है।
"दुनिया ने अपनी पुरानी ऊर्जा मध्य-पूर्व के तेल (Middle East Oil) पर बनाई थी। अब दुनिया अपनी नई ऊर्जा 'भारतीय धूप' (Indian Sunshine) पर बनाएगी। हमारा न्यू एनर्जी मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा, तीनों जरूरतों को एक साथ पूरा करेगा।"
— अनंत एम. अंबानी, रिलायंस न्यू एनर्जी
जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ रिन्यूएबल हब का महा-विस्तार
रिलायंस क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में दुनिया का सबसे एकीकृत इकोसिस्टम भारत में तैयार कर रहा है:
इसके अलावा, गुजरात के कच्छ में 5.5 लाख एकड़ के विशाल क्षेत्र में रिन्यूएबल एनर्जी हब विकसित किया जा रहा है। पूरी तरह चालू होने के बाद यह हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली पैदा करेगा, जो भारत की वार्षिक बिजली जरूरत का लगभग 3 प्रतिशत है। कंपनी का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 30 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन समकक्ष ग्रीन केमिकल्स क्षमता हासिल करने का है।
🚀 आत्मनिर्भर भारत: अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
अनंत अंबानी के अनुसार, गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म मिलकर देश में 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। इस मिशन से भारत की विदेशी तेल और ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटेगी, हमारा निर्यात बढ़ेगा, देश में बिजली और ऊर्जा की लागत कम होगी और पर्यावरण को कार्बन उत्सर्जन से बड़ी मुक्ति मिलेगी।
रिलायंस का यह न्यू एनर्जी विजन सिर्फ बिजनेस विस्तार नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा का लीडर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। वित्त वर्ष 2027 से शुरू होने वाली यह कमाई रिलायंस के शेयरधारकों के लिए भी वैल्यू क्रिएशन का एक नया आयाम खोलेगी।


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