रासेपुर पहुंची 'किसान मजदूर नौजवान चेतना पदयात्रा', पेपर लीक और कॉरपोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ फूटा गुस्सा
मऊ: स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मस्थली देवा (गाजीपुर) से 16 जून को शुरू हुई 'किसान-मजदूर-नौजवान-महिला चेतना पदयात्रा' अपने दूसरे दिन मऊ जनपद के रासेपुर पहुंची। चिरैयाकोट में रात्रि विश्राम के बाद सेलहुआ होते हुए आई इस पदयात्रा का रासेपुर में भव्य स्वागत किया गया। यहां भूमि संघर्षों के नायक कामरेड तेज बहादुर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पेपर लीक, किसानों की कर्जमाफ़ी और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों को लेकर सरकार पर तीखे हमले बोले गए।
पदयात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र गगनभेदी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने "पेपर लीक का व्यापार बंद करो, अब हमारी और परीक्षा मत लो", "चाहे अमीर की या गरीब की हो संतान, सबको शिक्षा एक समान", "चार मजदूर संहिताएं वापस लो", और "एमएसपी की गारंटी करो" जैसे नारे लगाकर अपनी आवाज बुलंद की। इस बीच सरायभादी गांव में नकुल साहनी द्वारा दिल्ली किसान आंदोलन पर केंद्रित फिल्म और 'भीड़' फीचर फिल्म दिखाकर किसानों के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
"सरकारी वेतन पाने वालों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ें" - डॉ. संदीप पाण्डेय
"2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के ऐतिहासिक फैसले को तत्काल लागू किया जाना चाहिए। सरकारी खजाने से वेतन पाने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना अनिवार्य हो। हमें केवल परीक्षाएं नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पक्का रोजगार चाहिए।"
— डॉ. संदीप पाण्डेय (महासचिव, सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया व मैग्सेसे पुरस्कार विजेता)नीट से लेकर यूपी पुलिस भर्ती तक, हर जगह भ्रष्टाचार
सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव ने भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली के आंकड़े रखते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस, समीक्षा अधिकारी (RO/ARO), पीसीएस, लेखपाल, यूपीएसआई, एसएससीजीडी, असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर नीट (NEET) जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार हुआ है। नीट के 22 लाख, सीबीएसई के 17 लाख, सीयूईटी के 16 लाख और एसएससीजीडी के 14 लाख छात्रों समेत देश के करोड़ों नौजवानों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा माफियाओं से लेकर शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
कॉरपोरेट के लाखों करोड़ माफ, पर किसानों का उत्पीड़न क्यों?
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार एक तरफ कॉरपोरेट घरानों के लाखों करोड़ के कर्ज राइट-ऑफ (बट्टे खाते में) कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और बिजली बिल की वसूली के नाम पर गरीब किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सरकार आय दोगुनी करने का दावा तो करती है, लेकिन एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी देने से पीछे हट जाती है। उन्होंने मांग की कि कॉरपोरेट की तर्ज पर किसानों के भी सभी कर्ज तुरंत माफ किए जाएं।
चेतना पदयात्रा की प्रमुख मांगें:
- भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार: पेपर लीक का धंधा तुरंत बंद हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- कर्जमाफी: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) समेत किसानों और मजदूरों के सभी प्रकार के कर्ज माफ किए जाएं।
- एमएसपी की गारंटी: सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
- जमीन की लूट बंद हो: औद्योगिक गलियारे, एयरपोर्ट और पावर प्लांट के नाम पर किसानों की कीमती जमीन कॉरपोरेट को देना बंद किया जाए।
- समान शिक्षा प्रणाली: देश में अमीर-गरीब के भेद को मिटाकर समान शिक्षा प्रणाली लागू की जाए।
इस पदयात्रा में मुख्य रूप से संतराम यादव, पूर्व फौजी जय प्रकाश सिंह, डॉक्टर राजेंद्र यादव, नंदलाल यादव, हीरालाल यादव, राजशेखर, विनय यादव, दीपक यादव, दुर्गा यादव, अमन यादव, अधिवक्ता विनोद यादव और अवधेश यादव सहित सैकड़ों की संख्या में किसान, मजदूर और नौजवान शामिल रहे।
आगे का रूट: रासेपुर की जनसभा के समापन के बाद यह चेतना पदयात्रा कल महापंडित राहुल सांकृत्यायन के गाँव कनैला (आजमगढ़) के लिए प्रस्थान करेगी।



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